पाकिस्तान को पटखनी, अब चीन को चपत देंगे पीएम मोदी : यहाँ जानिए कैसे ?

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विश्लेषण : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 29 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान को पटखनी देने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब एक और पड़ोसी देश चीन को चपत देने जा रहे हैं। वह रूस के साथ मिलकर यूरेशिया में चीन की बढ़ती चौधराहट को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। पीएम मोदी अगले सप्ताह दो दिन के रूस दौरे पर जा रहे हैं। 4 और 5 सितंबर को वे रूस के पूर्वी क्षेत्र में स्थित व्लादिवोस्टक में होंगे। यहाँ रूस ने ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में पीएम मोदी को बतौर चीफ गेस्ट बुलाया है।

क्या है रूस का ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम ?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने व्लादिवोस्टक के फॉर ईस्टर्न फेडरल यूनिवर्सिटी कैंपस में 4 से 6 सितंबर तक ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम का आयोजन किया है, जिसकी स्थापना वर्ष 2015 में की गई और जो इस वर्ष पाँचवीं बार आयोजित हो रहा है। यह मंच रूस के सुदूरवर्ती पूर्वी क्षेत्र के आर्थिक विकास और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के विस्तार के लिये बनाया गया है। रूस के राष्ट्रपति इस क्षेत्र के विकास पर काफी जोर दे रहे हैं। इसके लिये वह छोटी-बड़ी और मझौली कंपनियों को यहाँ निवेश के लिये टैक्स में छूट, प्रशासनिक तरजीह, कम ब्याज पर लोन और सरकारी संस्थाओं का सहयोग देकर एक नई अर्थव्यवस्था को कायम करने पर काम कर रहे हैं।

पिछले पाँच साल में रूस की सरकार ने इस इलाके के विकास के लिये कई नई पहल की हैं। ताकि इस क्षेत्र में निवेश की गतिविधियों को बढ़ाया जा सके और इस क्षेत्र के माहौल में सुधार लाया जा सके। 20 एडवांस स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनाये हैं, 5 टैक्स फ्री बंदरगाह बनाये हैं। इससे इस क्षेत्र में 230 नई कंपनियाँ, 1,780 नये निवेश प्रोजेक्ट आये हैं और 3.8 लाख करोड़ रूबल (रशियन करंसी) का निवेश आया है। इस क्षेत्र में चीन, जापान, कोरिया रिपब्लिक, न्यूजीलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया सहित 17 देशों ने निवेश किया है और रूस में आने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का 32 प्रतिशत हिस्सा इस इलाके में ही आता है।

भारत को चीफ गेस्ट बनाने का क्या है मकसद ?

यह क्षेत्र रूस के साथ-साथ भारत के लिये भी रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह इलाका पूर्वी साइबेरिया में बाइकल झील से लेकर प्रशांत महासागर तक फैला हुआ है। भारत के पीएम मोदी को इस फोरम का चीफ गेस्ट बनाने से स्पष्ट है कि रूस इस इलाके में निवेश के मामले में भारत को काफी महत्व दे रहा है। ऐसा वह इसलिये चाहता है क्योंकि भारत और रूस दोनों ही यूरेशिया क्षेत्र में चीन की बढ़ती चौधराहट को झटका देना चाहते हैं।

इस फोरम में भाग लेने से क्या होगा ?

  • रूस के सुदूरवर्ती पूर्वी क्षेत्र में स्थित व्लादिवोस्टक में आयोजित हो रहे ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में भाग लेने जा रहे पीएम मोदी कई ऐसी महत्वपूर्ण घोषणाएँ कर सकते हैं, जो चीन के पेट में दर्द पैदा कर सकती हैं।
  • इस फोरम में हिस्सा लेने के साथ-साथ पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ आयोजित होने वाली वार्षिक द्विपक्षीय वार्ता में शिरकत करेंगे और भारत व रूस मिलकर भारत में छह न्यूक्लियर रिएक्टर की स्थापना को लेकर समझौता कर सकते हैं।
  • जब 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था, तब अमेरिका और ब्रिटेन ने दखल देने की कोशिश की थी। उस समय तत्कालीन सोवियत संघ (अब रूस) ने भारत के समर्थन में इसी व्लादिवोस्टक में मौजूद अपने न्यूक्लियर बेड़े को रवाना कर दिया था। तब से यह शहर भारत के लिये काफी महत्वपूर्ण रहा है।
  • भारत अब इस इलाके में बड़े निवेश की तैयारी करके एक तीर से दो निशाने साधना चाहता है। एक तो ऐसा करने से भारत और रूस के सम्बंधों को मजबूती मिलेगी और दूसरा इस इलाके में भारत और रूस की मौजूदगी से यूरेशिया क्षेत्र में जो चीन अपनी चौधराहट कायम करने में जुटा है, उसे झटका दिया जा सकता है।
  • भारत में बड़ी मात्रा में लकड़ी आयात की जाती है और रूस के इस इलाके से भारत को आयात करने में आसानी होगी। दोनों देश चेन्नई से व्लादिवोस्टक के बीच समुद्री रूट के विकास की संभावना भी तलाश रहे हैं।
  • रूस भी इसी दृष्टिकोण से भारत, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने में लगा है।
  • रूस में स्थित भारत के राजदूत डी. बाला वेंकटेश वर्मा ने हाल ही में कहा था कि रूस का पूर्वी इलाका भारत के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है, भारत इस क्षेत्र में आर्थिक सहयोग व निवेश के लिये हर अवसर को देख रहा है। पीएम मोदी की रूस यात्रा के दौरान कई बड़ी घोषणाएँ हो सकती हैं।
  • इस समिट में भारत व रूस के बीच रक्षा, परमाणु, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे परंपरागत क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा सकता है।
  • भारत के डॉक्टर, इंजीनियर, टीचर्स आदि प्रतिभावान प्रोफेशनल इस इलाके के विकास में मदद कर सकते हैं।
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