शपथ के बाद 8वें दिन ही विदेश यात्रा पर रवाना हो जाएँगे PM मोदी : ट्रम्प, पुतिन, जिनपिंग से मिलेंगे, पर इमरान के लिए NO SPACE !

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* दोबारा जीत के विश्वास के साथ पहले ही तैयार हो चुका था मोदी का पूरा शेड्यूल

* 2019 में 5 महीनों में 7 देशों का भ्रमण करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

* भारत की विदेश नीति को और नई तथा तेज धार देने वाली सिद्ध होंगी मोदी की विदेश यात्राएँ

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 30 मई, 2019। राष्ट्रपति भवन में 30 मई को राजतिलक होने के साथ ही नये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश यात्राओँ का नया दौर शुरू हो जाएगा। उनकी विदेश यात्राओं का नया शेड्यूल पहले से ही तैयार हो चुका है। वह 7 जून को दक्षिण एशियाई देश मालदीव की विदेश यात्रा पर रवाना हो जाएँगे। इसी के साथ अगले 5 महीनों में वह 7 देशों की यात्राएँ करने वाले हैं।

मनोनीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 5 वर्ष के प्रथम कार्यकाल में विश्व के 60 देशों की यात्राएँ की थी। इनमें से इज़राइल सहित कई देश ऐसे हैं, जिनकी यात्रा की पहल पीएम मोदी ने की। इन यात्राओं के दौरान पीएम मोदी ने विदेशों में भारत की साख बढ़ाई और विविध देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ बनाया। कुछ देशों की पहली बार यात्रा करके उनके साथ भारत के नये सम्बंधों की शुरुआत की और सांस्कृतिक सम्बंध जोड़े। कई देशों के साथ मैत्री सम्बंधों को मजबूत बनाया। कई देशों के साथ व्यापारिक और सामरिक समझौते भी किये। इन विदेश दौरों से विश्व में भारत को नई पहचान और सम्मान दिलाया, जिनकी बदौलत ही भारत पाकिस्तान और चीन को आतंकवाद के मुद्दे पर पटखनी देने में सफल भी हुआ। अब नये कार्यकाल में पीएम मोदी विविध देशों के साथ भारत के सम्बंधों को नये आयाम देने के प्रयास करेंगे।  

मालदीव से होगा विदेश दौरे का आरंभ

शपथ लेने के बाद जून के पहले सप्ताह से ही पीएम मोदी का FOREIGN TOUR  शुरू हो जाएगा। पीएम मोदी 7 जून को दक्षिण एशियाई देश मालदीव की दो दिन की यात्रा से नये कार्यकाल के विदेश दौरों की शुरुआत करेंगे। उनकी विदेश यात्राओं का शेड्यूल पहले ही तैयार हो चुका है।

दूसरे दौरे में जाएँगे किर्गीस्तान

मालदीव से लौटने के बाद पीएम मोदी दूसरे सप्ताह में 13 जून को किर्गीस्तान रवाना हो जाएँगे। यहाँ शंघाई कॉ-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की समिट में उपस्थित रहेंगे, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी शिरकत करने वाले हैं, परंतु पीएम मोदी का इमरान खान से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं है। यद्यपि यहाँ मोदी की मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अवश्य होगी।

जून के अंत में जाएँगे जापान

जून के अंतिम सप्ताह में 28 तारीख को पीएम मोदी जापान के दौरे पर जाएँगे। जापान के ओसाका शहर में आयोजित होने वाले G-20 देशों के शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी हिस्सा लेंगे। यहाँ इकट्ठे होने वाले दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों के साथ-साथ पीएम नरेन्द्र मोदी जापानी प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात करेंगे।

अगस्त में पेरिस जाएँगे पीएम

अगस्त 2019 में फ्राँस के पेरिस शहर में जी-7 देशों की समिट आयोजित होने वाली है, इसमें शामिल होने के लिये पीएम नरेन्द्र मोदी अगस्त में पेरिस का दौरा करेंगे।

सितंबर में रूस-अमेरिका का दौरा करेंगे मोदी

सितंबर-2019 में रूस में ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (EEF) की बैठक आयोजित होने वाली है, जिसमें हिस्सा लेने के लिये पीएम नरेन्द्र मोदी रूस जाएँगे। इस दौरान वह रशिया के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। इसी महीने में अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र का महा-सम्मेलन आयोजित होने वाला है। हालाँकि इसमें पीएम मोदी शिरकत करेंगे या नहीं, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नवंबर में थाईलैण्ड-ब्राज़ील जाएँगे मोदी

नवंबर-2019 में थाईलैण्ड की राजधानी बैंकॉक में ईस्ट एशिया समिट आयोजित होने वाली है, जिसमें शिरकत करने के लिये पीएम मोदी नवंबर में बैंकॉक जाएँगे। इसी महीने में 13 व 14 नवंबर को ब्राज़ील में ब्रिक्स समिट आयोजित होगी, जिसमें भी पीएम नरेन्द्र मोदी शिरकत करेंगे।

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने पड़ोसी प्रथम की नीति अपनाते हुए शपथ ग्रहण समारोह में ‘बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फोर मल्टी सेक्टरल टेक्निकल एण्ड इकोनॉमिक कॉ-ऑपरेशन अर्थात् बिमस्टेक (BIMSTEC)’ के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों को आमंत्रित किया है। बिमस्टेक में भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैण्ड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। इनके अलावा किर्गिस्तान और मॉरीशस को भी आमंत्रित किया गया है। इस प्रकार इस समारोह में सार्क संगठन में शामिल दो देश पाकिस्तान और मालदीव ही ऐसे हैं जो शिरकत नहीं कर पाएँगे।

2014 में पीएम मोदी के शपथ समारोह में साउथ एशियन एसोसिएशन फोर रीजनल कॉ-ऑपरेशन (सार्क-SAARC) देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, मालदीव, श्रीलंका, अफगानिस्तान को आमंत्रित किया गया था। इनके अलावा मॉरीशस को भी आमंत्रण भेजा गया था। पाकिस्तान को आमंत्रित किये जाने को लेकर काफी आलोचना हुई थी और 2016 में उरी अटैक के बाद पाकिस्तान में हुए सार्क सम्मेलन में भारत के बहिष्कार के बाद किसी देश ने हिस्सा नहीं लिया था। इसके बाद से अब तक सार्क सम्मेलन नहीं हो पाया है। जबकि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना पिछली बार भी विदेश दौरे के कारण शिरकत नहीं कर पाई थी और इस बार भी विदेश दौरे के कारण ही नहीं आ पाएँगी। हालाँकि उनकी ओर से प्रतिनिधि समारोह में शिरकत करेगा।

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