जानें क्या है फेसलेस टैक्स स्कीम, ऐसे करेगा आम टैक्सपेयर्स की मदद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के ईमानदार करदाताओं के लिए नया Platform transparent taxation, Honoring the honor (पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्मान) Launch किया। उन्होंने कहा कि इसमें 3 बड़े Reform – Faceless Assessment, Taxpayer charter और Faceless अपील शामिल हैं। पहले दो 13 August से लागू हो गए हैं, जबकि फेसलेस अपील की व्यवस्था 25 September यानी दीनदयाल उपाध्याय जन्मदिवस से लागू हो जाएगी।

  1. Faceless assessment:आप जिस शहर में Return file कर रहे हैं, वहां का Income tax officer आपका केस नहीं देखेगा, बल्कि Computerized process से देशभर के किसी भी अफसर को केस अलॉट हो जाएगा। इससे Income Tax Officer Taxpayers को बेवजह परेशान नहीं कर सकेंगे।
  2. Taxpayer charter:इसका मकसद करदाताओं की दिक्कतें कम करना और अफसरों की जवाबदेही तय करना है। ताकि ईमानदार Taxpayers को सम्मान मिले और उनकी शिकायतों का जल्द समाधान हो जाए।
  3. Faceless appeal:Notice मिलने के बाद के Process को लेकर भी Taxpayer को कोई आपत्ति है तो वह अपील कर सकता है। यह भी Faceless process होगी, यानी appeal करने वाले और जिस Officer के पास अपील पहुंचेंगी वे दोनों एक-दूसरे से अनजान रहेंगे।

 ईमानदार Taxpayer की राष्ट्रनिर्माण में बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण तोहफे के लिए Taxpayers को बधाई देता हूं और Income Tax विभाग के Officers, कर्मचारियों को शुभकामनाएं देता हूं। बीते 6 साल में हमारा फोकस रहा है, Banking the unbank, Securing the unsecured और Funding the Unfunded । आज एक नई यात्रा शुरू हो रही है। Honoring the Honest, ईमानदार का सम्मान। देश का ईमानदार Taxpayer राष्ट्रनिर्माण में बड़ी भूमिका निभाता है। वो आगे बढ़ता है तो देश भी आगे बढ़ता है।

 आज हर नियम-कानून को, हर पॉलिसी को Process और Power Centric अप्रोच से बाहर निकालकर उसको People Centric और Public Friendly बनाने पर बल दिया जा रहा है। ये नए भारत के नए गवर्नेंस मॉडल का प्रयोग है और इसके सुखद परिणाम भी देश को मिल रहे हैं। आज हर किसी को ये एहसास हुआ है कि शॉर्ट-कट्स ठीक नहीं है, गलत तौर-तरीके अपनाना सही नहीं है।वो दौर अब पीछे चला गया है। अब देश में माहौल बनता जा रहा है कि कर्तव्य भाव को सर्वोपरि रखते हुए ही सारे काम करें।

सवाल ये कि बदलाव आखिर कैसे आ रहा है? क्या ये सिर्फ सख्ती से आया है? क्या ये सिर्फ सज़ा देने से आया है? नहीं, बिल्कुल नहीं। इसके चार बड़े कारण हैं।

  • पहला-पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस।
  • दूसरा-सामान्य जन की ईमानदारी पर विश्वास।
  • तीसरा-सरकारी सिस्टम में ह्यूमन इंटरफेस को कम कर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल।
  • चौथा-सरकारी मशीनरी में एफिशिएंसी, इंटीग्रिटी और सेंसेविटी के गुण को रिवॉर्ड किया जा रहा है।

1500 से ज्यादा कानून खत्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक दौर था जब Reform की बड़ी बातें होती थीं, दबाव में लिए गए फैसलों को भी Reform कह दिया जाता था। अब ये सोच और Approach बदल गई है। हमारे लिए Reform का मतलब है कि ये नीति आधारित हों, टुकड़ों में नहीं हों और एक Reform दूसरे Reform का आधार बने। ऐसा भी नहीं है कि हम एक बार Reform करके रुक गए। बीते कुछ सालों में 1,500 से ज्यादा कानूनों को खत्म किया गया है। ईज ऑफ डूइंग में कुछ साल पहले भारत 134 वें नंबर पर था, अब 63वें नंबर पर है। इसके पीछे कई रिफॉर्म्स हैं।

 प्रधानमंत्री के मुताबिक देश में विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है
कोरोना काल में भी भारत में रिकॉर्ड एफडीआई आना इसी का उदाहरण है। भारत के टैक्स सिस्टम में फंडामेंटल रिफॉर्म की जरूरत इसलिए थी, क्योंकि ये गुलामी के कालखंड में बना और धीरे धीरे इवॉल्व हुआ। आजादी के बाद छोटे-छोटे बदलाव हुए लेकिन, ढांचा वही रहा। नतीजा यह रहा कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को भी कटघरे में खड़ा किया जाने लगा।

Return से लेकर Refund तक की व्यवस्था आसान
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब दर्जनों टैक्स की जगह GST आ गया है। Return से लेकर Refund तक की व्यवस्था को आसान किया गया है। पहले 10 लाख रुपए से ऊपर के Tax विवादों में सरकार High Court और Supreme court पहुंच जाती थी। अब High Court में 1 करोड़ और Supreme court में 2 करोड़ रुपए तक के मामलों की सीमा तय की गई है। कम समय में ही करीब 3 लाख विवादों को सुलझाया जा चुका है। 5 लाख रुपए की आय पर अब टैक्स जीरो है। बाकी स्लैब पर भी कम हुआ है। Corporate tax के मामले में भारत दुनिया के सबसे कम टैक्स लेने वाले देशों में से एक है।

 Tax Return भरने वाले बढ़े, पर 130 करोड़ की आबादी में Taxpayer काफी कम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि 2012-13 में जितने Return file होते थे, उनमें से 0.94% की स्क्रूटनी होती थी। 2018-19 में ये घटकर 0.26% पर आ गई। यानी स्क्रूटनी चार गुना कम हुई है। Return भरने वालों की संख्या में बीते 6-7 सालों में करीब 2.5 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि 130 करोड़ लोगों के देश में Tax भरने वालों की संख्या बहुत कम है। सिर्फ 1.5 करोड़ साथी ही Income Tax जमा करते हैं। आपसे अपील करूंगा कि इस पर हम सब को चिंतन करने की जरूरत है। ये आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है।

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