मोदी सरकार ने 1.50 करोड़ लोगों दिया रोजगार, PM की कुछ पहलें ऐसे बनीं बेरोजगारों के लिए वरदान, जिनकी विरोधी करते रहे आलोचना : PPRC की रिपोर्ट से उड़ी राहुल के आरोपों की धज्जियाँ

लोकसभा चुनाव-2019 में कांग्रेस जोर-शोर से बेरोजगारी का मुद्दा उछाल रही है और मोदी सरकार के विरुद्ध ऐसा प्रचार करने में जुटी है कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदमों से देश में बेरोजगार बढ़ा है और धंधे-व्यापार चौपट हुए हैं। हालाँकि लोक नीति शोध केन्द्र (PPRC) की ओर से आई एक रिपोर्ट कांग्रेस को करारा झटका देने वाली है, क्योंकि पीपीआरसी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 से मोदी सरकार ने प्रति वर्ष डेढ़ करोड़ से भी अधिक नौकरियों का सृजन किया है।

लोक नीति शोध केन्द्र के निदेशक सुमित भसीन ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और अटल पेंशन योजना (APS) जैसे स्रोतों से मिले आँकड़ों के आधार पर एक शोध रिपोर्ट तैयार की है। एक कार्यक्रम में सुमित भसीन ने इस रिपोर्ट को जारी करते हुए दावा किया कि वर्तमान केन्द्र सरकार ने प्रति वर्ष डेढ़ करोड़ से भी अधिक नौकरियों का सृजन करने में सफलता पाई है।

इस रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार के आर्थिक क्षेत्र में उठाये गये भ्रष्टाचार व काले धन के विरुद्ध ई-बाजार (GEM), नोटबंदी और इन्सोल्वेंसी कोड जैसे कदम भी बहुत प्रभावी सिद्ध हुए हैं। इस रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून), युद्ध स्मारक, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन तथा कुंभ को संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने वाले प्रभावी कदम माना गया है। इस कार्यक्रम में मिशन शक्ति पर मोनोग्राम भी जारी किया गया।

इस केन्द्र की यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब देश में लोकसभा चुनाव का माहौल है और प्रत्येक राजनीतिक दल उठा-पटक के दांवपेचों में व्यस्त है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भाजपा नीत एनडीए की वर्तमान मोदी सरकार पर हर क्षेत्र में विफल रहने के आरोप लगा रही है। ऐसे में यह रिपोर्ट कांग्रेस के उन दावों को खोखला सिद्ध करती है, जिनमें कांग्रेस मोदी सरकार पर रोजगार सृजन में विफल होने का आरोप लगाती है। इस प्रकार लोक नीति शोध केन्द्र की यह रिपोर्ट कांग्रेस को करारा राजनीतिक झटका देने वाली सिद्ध हो सकती है।

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