अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के आने का विरोध

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AMU Annual Convocation

आज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह (AMU Annual Convocation) होना है जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हिसा लेंगे। यह इस एएमयू का 65वां समारोह है। बता दें कि छात्रों के विरोध के कारण राष्ट्रपति का यह दौरा चर्चा में बना हुआ है। इस विरोध के को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बहुत ही कड़ा कर दिया गया है।

देखा जाएं तो छात्रों का विरोध राष्ट्रपति के दिए गए उस बयान के कारण हो रहा है जिसमें साल 2010 में मुसलमानों पर टिप्पणी की गई थी, छात्र संघ की मांग है कि राष्ट्रपति इसके लिए माफी मांगे या फिर AMU Annual Convocation में आने का अपना कार्यक्रं रद्द करें।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बहुत से छात्रों का आरोप है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साल 2010 में यह कहा था कि भारत के ईसाई और मुसलमान विदेशी है। कुछ छात्र तो काले झंडे दिखाने की बात कर रहे हैं। इसी को देखते हुए पुलिस ने छात्रों से यह बात कही है कि वे 5 लाख रुपये का बॉन्ड भरें कि वह इस कार्यक्रम के दौरान हंगामा नहीं करेंगे। लगभग 6 से 8 लोगों के खिलाफ पुलिस ने नोटिस जारी किया है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान ने यह भी कहा है कि यदि वे माफी नहीं मांगते तो उन्हें यूनिवर्सिदी में आना नहीं चाहिए। या तो वे अपनी गलती को स्वीकार करें या फिर इस समारोह में न आये। इतना ही नहीं इन्होने कार्यक्रम के दौरान हंगामा करने की भी धमकी दी है। सज्जाद ने आगे यह भी कहा कि इस समारोह (AMU Annual Convocation) में एक ऐसा व्यक्ति आ रहा है जिसने मुस्लिम समुदाय के प्रति विवादास्पद टिप्पणी की थी इसलिए इन्हे यहां पर नहीं आना चाहिए और सबसे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी को यह स्वीकार करना ही चाहिए कि भारत यह पर रहने वाले सभी धर्मों के लोगों का है, नहीं तो परिसर में उनका स्वागत नहीं किया जायेगा। फिर सज्जाद ने यह कहा कि इनको यहां बुलाने की कोई जरूरत नहीं थी और इनके आने से इस संस्थान को कोई फायदा भी नहीं होगा। यहां के वाइस चांसलर ने राष्ट्रपति को अपने हितों को साधने के लिए ही बुलाया है और वह यह संदेश देना चाहते हैं कि इस विश्वविद्यालय ने बीजेपी सरकार और उसकी विचारधारा को अपना लिया है।

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