राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद आज संविधान दिवस समारोहों का शुभारंभ करेंगे

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संविधान सभा से भारतीय संविधान की स्‍वीकृति के उपलक्ष्‍य में आज समूचे देश में संविधान दिवस मनाया जा रहा है। वर्ष 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने संविधान के प्रारूप को औपचारिक रूप से मान्‍यता दी थी। इसके बाद 26 जनवरी, 1950 से देश का संविधान लागू कर दिया गया।

राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद संसद भवन के केन्‍द्रीय कक्ष में संविधान दिवस समारोहों का नेतृत्‍व करेंगे। उप-राष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडु, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला, मंत्री, सांसद और अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। आम जनता से अनुरोध किया गया है कि वे कोविड नियमों का पालन करते हुए अपने-अपने स्‍थानों से, राष्‍ट्रपति कोविंद द्वारा संविधान दिवस की प्रस्‍तावना पढ़े जाने में शामिल हों।
पिछले वर्ष संविधान दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश सदैव संविधान निर्माताओं के योगदान को याद रखेगा।

आज डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद और बाबा साहेब आम्बेडकर से लेकर के संविधानसभा के उन सभी व्यक्तित्व, उनको सबको नमन करने का भी दिन है जिनके अथक प्रयासों से हम सब देशवासियों को संविधान मिला है। आज का दिन पूज्य बापू की प्रेरणा को, सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिबद्धता को प्रणाम करने का दिन है। ऐसे ही अनेक दूरदर्शी प्रतिनिधियों ने स्वतंत्र भारत के नवनिर्माण का मार्ग तय किया।

संविधान दिवस पहली बार वर्ष 2015 में मनाया गया था जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर को श्रद्धांजलि के रूप में यह दिवस मनाने का निर्णय किया था। संविधान का ऐतिहासिक दस्तावेज तैयार करने विशाल कार्य पूराने करने में संविधानसभा को दो वर्ष 11 महीने 17 दिन का समय लगा। इसके सदस्यों में ऐसे अनेक व्यक्ति शामिल थे जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। संविधान ने भारत को प्रभुसत्तासंपन्न, समाजवादी, पथंनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया और इसके नागरिकों के लिए न्याय, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे को बढ़ावा देने की वचनबद्धता व्यक्त की।

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