मोदी का सीधा, संदेश : 370 बीती बात, आओ मिल कर करें नए J&K और लद्दाख का विकास

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अहमदाबाद, 8 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 खत्म किये जाने के बाद गुरुवार को पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया। इसमें उन्होंने सीधा, सरल और स्पष्ट संदेश दिया कि धारा 370 अब बीती बात हो चुकी है। हमें आगे बढ़ना है और आगे की ओर ही देखना है। अब सबको मिलकर जम्मू कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिये जुट जाना है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में शांतिपूर्वक ईद मनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शांति बनाये रखने के लिये कुछ कड़े कदम उठाना जरूरी हो गया था, परंतु अब रोजगार और विकास से आतंकवाद को परास्त करेंगे और फिर से धरती के स्वर्ग को देश-विदेश के पर्यटन का सर्वश्रेष्ठ केन्द्र बनाएँगे। उस वक्त को वापस लाएँगे जब फिर से कश्मीर की खूबसूरत वादियों में बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग होगी।

40 मिनट के भाषण में जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के नवनिर्माण का वादा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 40 मिनट का पूरा भाषण जम्मू कश्मीर और लद्दाख के नवनिर्माण पर केन्द्रित था। उन्होंने अपने पूरे संबोधन में जम्मू कश्मीर के लोगों को भरोसा दिलाया कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएँगे और इसी के साथ उनकी परेशानियाँ भी कम होती जाएँगी। इससे पहले पीएम मोदी 7 अगस्त बुधवार को राष्ट्र को संबोधित करने वाले थे, परंतु पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन के कारण उसे स्थगित करना पड़ा था।

पीएम नरेन्द्र मोदी के अभिभाषण के महत्वपूर्ण बिंदु

  • आइये हम सब मिलकर नये भारत के साथ अब नये जम्मू-कश्मीर और नये लद्दाख का भी निर्माण करें।
  • मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अपने भाइयों और बहनों का आह्वान करता हूँ कि…आइये, हम सब मिलकर दुनिया को दिखा दें कि इस क्षेत्र के लोगों में कितना सामर्थ्य है, यहाँ के लोगों का हौसला और उनका जज्बा कितना ज्यादा है।
  • यह फैसला ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ-साथ पूरे भारत की आर्थिक प्रगति में सहयोग करेगा।
  • ईद का मुबारक त्यौहार भी नजदीक है। ईद के लिये मेरी ओर से सभी बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। सरकार इस बात का ध्यान रख रही है कि जम्मू-कश्मीर में ईद मनाने के दौरान लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। हमारे जो साथी जम्मू-कश्मीर से बाहर रहते हैं और ईद पर अपने घर लौटना चाहते हैं, उनकी भी सरकार हर संभव मदद कर रही है।
  • जम्मू-कश्मीर के साथियों को भरोसा दिलाता हूँ कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएँगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जाएगी।
  • अनुच्छेद 370 से मुक्ति एक सच्चाई है, परंतु सच्चाई यह भी है कि इस समय ऐहतियात के तौर पर उठाए गये कदमों से जो परेशानी हो रही है, उसका मुकाबला भी वही लोग कर रहे हैं।
  • लोकतंत्र में यह स्वाभाविक है कि कुछ लोग इस फैसले के पक्ष में है और कुछ को इस पर मतभेद हैं, परंतु मेरा उनसे आग्रह है कि वो देशहित को सर्वोपरि रखते हुए व्यवहार करें और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख को नई दिशा देने में सरकार की मदद करें।
  • लद्दाख के नौजवानों को अच्छी शिक्षा के लिये बेहतर संस्थान मिलेंगे। वहाँ के लोगों को अच्छे अस्पताल मिलेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर का और तेजी से आधुनिकीकरण होगा।
  • सोलर पावर जनरेशन का भी लद्दाख बहुत बड़ा केन्द्र बन सकता है।
  • लद्दाख में स्पिरिचुअल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और इको टूरिज्म का सबसे बड़ा केन्द्र बनने की क्षमता है।
  • केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद अब लद्दाख के लोगों का विकास भारत सरकार की विशेष जिम्मेदारी है। स्थानीय प्रतिनिधियों, लद्दाख और कारगिल की डेवलपमेंट कौंसिल्स के सहयोग से केन्द्र सरकार विकास की सभी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुँचाएगी।
  • दशकों के परिवारवाद ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को नेतृत्व का अवसर ही नहीं दिया। मैं नौजवानों, वहाँ की बहनों-बेटियों से आग्रह करूँगा कि वह अपने क्षेत्र के विकास की कमान खुद सँभालें।
  • मुझे विश्वास है कि जम्मू कश्मीर की जनता, गुड गवर्नेंस और पारदर्शिता के वातावरण में नये उत्साह के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करेगी।
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