परिवार आधारित पार्टियां लोकतंत्र के लिए सबसे बडा खतरा-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि परिवार-आधारित दल लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। कल संविधान दिवस पर संसद के केन्द्रीय कक्ष में उन्होंने दलों को परिवार द्वारा चलाए जाने को संविधान की भावना के विरुद्ध बताते हुए कहा कि इसके प्रति देश भर में जागरूकता की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने एक अन्य आयोजन में विज्ञान भवन में कहा कि कुछ शक्तियाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर विकासशील देशों के प्रगति मार्ग में बाधा डालने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक मानसिकता अब भी मौजूद है और यह भारत की विकास यात्रा में बाधक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को इस मानसिकता से मुक्त होने की आवश्यकता है और संविधान इसके लिए सबसे बड़ा प्रेरणा-स्रोत हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जो जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण संबंधी पेरिस समझौते के लक्ष्यों को समय से पहले ही प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। इसके बावजूद, देश में पर्यावरण के नाम पर कई तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार और न्यायपालिका दोनों ही संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। इन दोनों का अस्तित्व संविधान से ही है। इसलिए, व्यापक परिप्रेक्ष्य में, अलग होने के बावजूद वे एक-दूसरे के पूरक हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास संविधान की भावना की सर्वाधिक सशक्त अभिव्यक्ति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार संविधान के प्रति समर्पित है और विकास के मामले में कोई भेदभाव नहीं करती।

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