प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच आज होगी दो दिवसीय अनौपचारिक बातचीत

Prime Minister Narendra Modi

युवाप्रेस, देश विदेश समाचार – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय अनौपचारिक दौरे के लिये चीन के वहान शहर पहुंच गये हैं। आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पीएम मोदी मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात को देखते हुए कुछ सवाल दिख रहा है कि क्या Prime Minister Narendra Modi चीन की धोखे तथा अविश्वास वाली मानसिकता को खत्म कर पायेंगे। जिसके कारण दोनों देशों के संबंध कभी मिठा हो जाता है तो कभी कड़वा।

प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग

जिस तरह से तीस साल पहले चीन के साथ रिश्ता था उसी तरह से आज भी दिखाई देता है। हम न तो पहले चीन पर भरोसा कर सकते थे और न आज क्योंकि कई समय पर चीन और भारत के बीच बॉर्डर सीमा सुलझता हुआ नहीं दिखता है। जमीनी स्तर पर चीन पर भरोसा करना मुश्किल है। अब सवाल यह उठता है कि क्या शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री के बीच दोनों देशों पर आपस में विश्वस बढ़े इस पर बातचीत होगा। सूत्रों के हवाले से पता चाला है कि पीएम मोदी के इस मुलाकात में उन मुद्दों का हल निकल सकता है, जिसने भारत की सरदर्दी बढ़ाकर रखी है।

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की पहली अनौपचारिक मुलाकात साल 2014 में तब हुई थी जब शी जिनपिंग भारत आये थे और Prime Minister Narendra Modi ने उनकी आगवानी गुजरात के साबरमति आश्रम में की थी। इसके बाद दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय बैठकों कई बार आपस में मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस दौरे पर उनके लिए खास इंतेजाम किया गया है जिसमें म्यूजियम की यात्रा और मनमोहक झील के किनारे रात्रि का भोजन शामिल है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस सम्मेलन को भारत और चीन के बीच दिल से दिल को जोड़ने की पहल माना जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच हुई विवादास्पद मुद्दों को हल करने पर राह को खोजना है।

दिनांक 27 अप्रैल 2018 को पीम मोदी और शी जिनपिंग दिन का भोजन करने के बाद अकेले में बैठकर बातचीत करेंगे। इसके बाद दोनों नेता हुबई प्रांतीय संग्रहालय जायेंगे। जहां पर बहुत अधिक मात्रा में एतिहासिक व सांस्कृतिक निशानियां रखी गई है। इसके बाद दोनों नेता आपस में बातचीत करेंगे जिसमें दोनों ओर से 6-6 आला अधिकारी भी भाग लेंगे। इसके बाद दोनों नेता चर्चित ईस्ट लेक के किनारे पर रात का भोजन करेंगे।

कुछ सूत्रों से पता चला है कि प्रदान मोदी के इस यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होगाऔर न ही कोई बयान जारी किया जायेगा क्योंकि कुछ अधिकारियों ने बताया है कि यह शिखर सम्मेलन मुद्दे को सुलझाने पर सहमति बनाने का केवल एक प्रयास है। बता दें कि दोनों नेताओं का इस प्रकार का बातचीत पहली बार हो रहा है। इससे पहले दिल्ली से चीन की यात्रा पर जाने से पहले Prime Minister Narendra Modi ने एक ट्वीट करके कहा था कि ‘मैं चीन के वुहान की यात्रा पर जा रहा हूं जहां 27-28 अप्रैल को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक शिखर बैठक होगी.’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसा पहली बार हो रहा है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग किसी राष्ट्राध्यक्ष के लिए दो दिन तक चीन के राजधानी बीजिंग से बाहर रहेंगे। इस वार्ता से पहले शी जिनपिंग केवल बहुपक्षीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए ही बीजिंग से बाहर होते थे। यह भारत और चीन के बीच पहली द्वपक्षीय वार्ता जो कि बीजिंग शहर से बाहर हो रहा है। इसीलिए न्यूयार्क टाइम्स में एक लेख भी छपा है जिसमें कहा गया है कि मोदी के स्वागत के लिए शी जिनपिंग पहली बार बीजिंग से बाहर जाना इस यात्रा के महत्व को दर्शाता है।

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