जानिए कौन है जगदीशपुर का ‘जिन्न’ ? : गोद लिया, माप लिया और ‘भाग’ लिया, पाँच वर्षों से है तलाश !

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभालने के कुछ ही महीनों बाद सांसदों के लिए ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ (SAGY) प्रारंभ की थी। लोकसभा चुनाव 2014 में चुन कर आए सांसदों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से 11 अक्टूबर, 2014 को आरंभ की गई इस योजना के तहत प्रत्येक सांसद को अपने संसदीय क्षेत्र में किसी एक गाँव को गोद लेकर उसे वर्ष 2016 तक आदर्श गाँव के रूप में विकसित करना था। योजना के तहत प्रत्येक सांसद को अपने सांसद निधि खर्च से ही गोद लिए गाँव को विकसित करना था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस योजना में भाग लिया, परंतु इसके बाद वे भाग लिए। राहुल ने अमेठी संसदीय क्षेत्र में पड़ने वाले जिस जगदीशपुर नामक गाँव को गोद लिया, उस जगदीशपुर गाँव के लोगों के लिए राहुल गांधी जिन्न सिद्ध हुए हैं, जो 2014 में गाँव को गोद लेकर ऐसे ग़ायब हुए कि पिछले पाँच वर्षों में एक बार भी गाँव की तरफ मुड़ कर नहीं देखा।

दिसम्बर-2014 की तसवीर जब राहुल गांधी जगदीशपुर को गोद लेने आए थे।

एनडीटीवी खबर की एक रिपोर्ट के अनुसार राहुल गांधी ने अमेठी संसदीय क्षेत्र में अमेठी जिल्ले में पड़ने वाले जगदीशपुर गाँव को SAGY के तहत गोद लेने का निर्णय किया था। राहुल दिसम्बर-2014 में जगदीशपुर को गोद लेने के लिए गाँव में आए। उन्होंने गाँव के हर पेड़, खंभे और सड़क के माप लिए। गाँव वालों को लगा कि राहुल ने गाँव को गोद लिया है, तो अब गाँव के अच्छे दिन आएँगे, परंतु राहुल को जगदीशपुर आए पूरे 4 वर्ष 4 महीने से ज्यादा हो गया। राहुल इसके बाद फिर कभी लौट कर जगदीशपुर नहीं आए। गाँव के लोग 4 वर्ष 4 महीनों से राहुल का इंतजार कर रहे हैं।

मिट्टी में मिल गए सपने

जगदीशपुर गाँव का नज़ारा आज भी वैसा ही है, जैसा 2014 के समय था। गाँव में ऊबड़-खाबड़ सड़कें हैं, पाइप लाइन से जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य योजनाएँ नहीं के बराबर हैं। गाँव वालों को लगा था कि राहुल ने गाँव को गोद लिया है, तो कोई सरकार विकास करे न करे, परंतु SAGY के तहत राहुल अवश्य गाँव का विकास करेंगे, परंतु दिसम्बर-2014 में गाँव को गोद लेने के बाद राहुल जगदीशपुर को भूल ही गए।

सांसद आदर्श ग्राम योजना की अवधि वर्ष 2016 तक की थी, परंतु राहुल न तो योजना की अवधि के दौरान आए और न ही उसके बाद। राहुल की इस अवहलेना से गाँव वालों ने दिसम्बर-2014 में जो सपने देखे थे, वे सारे मिट्टी में मिल गए।

‘राहुल ने 30 सैकेंड का भी समय नहीं दिया !’

जगदीशपुर ग्राम प्रधान जितेन्द्र यादव सहित कई कांग्रेस समर्थकों ने पिछले दिनों भाजपा जॉइन कर ली।

जगदीशपुर गाँव के लोग राहुल के रवैये से बहुत ही आहत हैं। ग्राम प्रधान जितेन्द्र यादव और उनके परिवार ने अमेठी में संजय, राजीव, सोनिया से लेकर राजीव गांधी तक को जिताने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, परंतु वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व के रवैये से आहत यादव अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। जगदीशपुर ग्राम प्रधान जितेन्द्र यादव कहते हैं, ‘जब हम एक सामुदायिक केन्द्र की मांग को लेकर राहुल गांधी से मिलने गए, तो उन्होंने हमारे साथ 30 सैकेंड भी नहीं बिताए। हमारे अनुरोध को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अगर हमारे सांसद एक गाँव के लोगों की बात नहीं सुन सकते, तो वह पूरे समाज के लोगों की बात कैसे सुनेंगे। राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष हो सकते हैं, परंतु वह जनता के अध्यक्ष नहीं हुए हैं। राहुल राजा की तरह काम करते हैं, लेकिन अब हम उन्हें इस तरह नहीं लेंगे।’

स्मृति ने हार कर भी सुध ली

केन्द्रीय मंत्री व अमेठी में राहुल से हार कर भी कई बार जगदीशपुर आईं स्मृति ईरानी।

जगदीशपुर में राहुल के विरुद्ध रोष है। गाँव की एक महिला प्रेमा कहती हैं कि राहुल ने सांसद निधि से एक रुपया भी खर्च नहीं किया, अन्यथा आज हमें पीने का शुद्ध पानी मिलता, अच्छी सड़क मिलती, खेती की जंगली जानवरों से हो रही बर्बादी रुकती। गाँव के एक बुज़ुर्ग वीरेन्द्र शंकर मिश्रा कहते हैं, ‘स्मृति ईरानी 2014 में हारने के बाद भी जगदीशपुर आती रहीं। राहुल ने गोद लेकर जगदीशपुर छोड़ दिया, पर स्मृति हमारे पास आती रहीं। 2014 में जीत का अंतर कम होना राहुल के लिए चेतावनी थी।’ गाँव के अन्य लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उज्ज्वला योजना जैसे कार्यक्रमों से बहुत फायदा हुआ है।

राहुल को आपत्ति थी, तो गोद क्यों लिया गाँव ?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। (फाइल चित्र)

जगदीशपुर को लेकर कांग्रेस पार्टी अपने अध्यक्ष राहुल गांधी का बचाव कर रही है। अमेठी कांग्रेस अध्यक्ष योगेन्द्र मिश्रा कहते हैं कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए अलग से धन नहीं दिया गया था, जबकि राहुल ने इसकी मांग की थी। ऐसे में कोई सांसद अपनी निधि का सारा धन एक गाँव पर कैसे खर्च कर सकता है और क्षेत्र के दूसरे गाँवों को कैसे छोड़ सकता है ? मिश्रा ने यह वक्तव्य देकर राहुल की लाज बचाने की कोशिश की, परंतु यदि राहुल जानते थे कि खर्च सांसद निधि से ही करना है, इसके बावजूद उन्होंने जगदीशपुर को गोद क्यों लिया ? यदि राहुल सांसद निधि का सारा रुपया एक गाँव पर नहीं, बल्कि सभी गाँवों पर करना चाहते थे, तो फिर जगदीशपुर कैसे अछूता रह गया ? क्यों राहुल गांधी जगदीशपुर में गोद लेने के बाद दोबारा लौट कर नहीं आए ? इन प्रश्नों के उत्तर न राहुल देंगे और न ही कांग्रेस पार्टी। उत्तर जगदीशपुर के लोगों ने दे दिया है और 6 मई को वोट के जरिए चोट भी करने से नहीं चूकेंगे।

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