सितंबर में मॉनसून का सितम : बारिश और बाढ़ से बदहाल हुआ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश

Written by

*बिहार में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को NDRF ने रेस्क्यू किया

*पद्मश्री लोकगायिका शारदा सिन्हा भी घर में फँसी, फेसबुक पर माँगी मदद

*उत्तर प्रदेश में बरसाती दुर्घटनाओं में सर्वाधिक 35 लोगों की मौत

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 30 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। मानसून ने विदा लेने से पहले देश के कई हिस्सों में कहर बरपाया हुआ है। आम तौर पर सितंबर महीने में विदा हो जाने वाला मानसून सितंबर के समाप्त होने के बाद भी सितम ढा रहा है। बारिश से बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, जम्मू कश्मीर और गुजरात सहित कई राज्यों में लोगों का हाल बेहाल हो गया है। बारिश से जुड़े घटनाक्रमों में अभी तक लगभग 64 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। सर्वाधिक 35 मृत्यु उत्तर प्रदेश में हुई हैं। राज्य में शुक्रवार को 10 और शनिवार को 25 लोगों की मृत्यु हुई। 5 लोग घायल भी हुए हैं। मौसम विभाग ने अभी भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया है। उधर बिहार में बारिश ने 102 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भारी बारिश के बाद बिहार की राजधानी पटना के 80 प्रतिशत घरों में पानी घुस गया है। बारिश और बाढ़ के कहर से लोगों का हाल बेहाल है। अभी तक बारिश और बाढ़ से बिहार में 29 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के घर में भी घुसा पानी

बिहार में शुक्रवार से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश से राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। बारिश के चलते रेल, सड़क यातायात, स्कूल-कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रभावित हो रही हैं। पटना शहर में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूड़ी के मकान भी बाढ़ की चपेट में आ गये और पानी के बीच घिरे निर्जन टापू जैसे प्रतीत हो रहे हैं। सुशील कुमार मोदी को भी एनडीआरएफ के बचाव दल ने रेस्क्यू किया। अन्य कई मंत्रियों और विधायकों के घरों में भी पानी घुस गया है। शहर के कई इलाकों में हालात ऐसे हैं, कि पानी छतों तक पहुँच गया है। बच्चे और बूढ़े लोग खाना और पानी के लिये बिलख रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें मोटर बोट और ट्रैक्टरों के जरिये लोगों को रेस्क्यू करने में जुटी हैं। जिला प्रशासन ने मंगलवार तक सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किये हैं। नालंदा मेडिकल कॉलेज-अस्पताल और गर्दनीबाग अस्पताल के परिसरों में भी बरसाती पानी भर गया है। जिला मजिस्ट्रेट कुमार रवि के अनुसार राजेंद्रनगर तथा एसके पुरी जैसे इलाके सर्वाधिक प्रभावित हैं। कोचिंग हब कहलाने वाले राजेंद्रनगर में हॉस्टल में फँसी सैकड़ों छात्राओं को रेस्क्यू किया गया है।

इसी इलाके में रहने वाली बिहार की नामचीन लोकगायिका शारदा सिन्हा और उनके पति को भी कड़ी मशक्कत के बाद बचाव दल ने घर से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। पद्मश्री से सम्मानित सिन्हा अपने ही घर में पानी के बीच फँस गई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिये मदद की गुहार लगाई थी। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर 6 से 7 फुट तक पानी जमा हो गया है। शुक्रवार सुबह 8.30 से शनिवार सुबह 8.30 बजे के बीच 100 मि.मी. से भी अधिक बारिश से गंगा, गंडक आदि नदियों में उफान आ गया और शहर भर में जल-जमाव हो गया।

मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बिहार के अधिकांश इलाकों में अगले 48 घण्टे तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है और 3 अक्टूबर तक स्थिति सामान्य हो सकती है। उधर भारतीय मौसम विज्ञान के प्रतिनिधि ने बताया कि अगले 48 घण्टे के दौरान मध्य बिहार, पूर्वी बिहार, उत्तर-पूर्वी बिहार और दक्षिण-पूर्वी बिहार में बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद 3 अक्टूबर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री नितिश कुमार ने कई जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बारिश से उत्पन्न हुई स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने जिलाधिकारियों को 15 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं। पूर्व-मध्य रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि भारी बारिश से ज़मीन धँसने के कारण धनबाद मंडल के दिलवा-नाथगंज पर अप लाइन और डाउन लाइन पर कुछ घण्टों के लिये परिचालन प्रभावित रहा। इसके अलावा भी कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है, कुछ को आंशिक रूप से रद्द किया गया है, कुछ ट्रेनों के मार्ग बदल दिये गये हैं।

उत्तराखंड में भूस्खलन बना जानलेवा, 6 तीर्थ यात्रियों की मौत

उत्तराखंड के अधिकारियों के अनुसार हिमालयी तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब जा रहे पंजाब के छह तीर्थ यात्रियों की मृत्यु हो गई। यह हादसा तब हुआ जब टिहरी जिले में उनके वाहन पर एक विशालकाय चट्टान गिर गई। यह चट्टान भारी बारिश के चलते हो रहे भूस्खलन के कारण ढह गई। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश से भी 3-3 लोगों की मृत्यु की ख़बर आई है और जम्मू कश्मीर में भी बरसाती हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। राजस्थान के उदयपुर जिले में बारिश के दौरान शनिवार को एक सरकारी स्कूल की दीवार गिरने से कम से कम 3 छात्रों की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय थोबवाड़ा में बच्चे अपनी कक्षा में पहुँचे। यह स्कूल तलहटी में है और यहाँ पिछली रात भारी बारिश से जल भराव हो गया था। मध्य प्रदेश के सिवनी जिला मुख्यालय से लगभग 100 कि.मी. दूर किंदरई थाना क्षेत्र के घंसौर-केदारपुर रोड पर शुक्रवार रात को उफनते नाले को पार करते समय एक पुलिस आरक्षक सहित 3 लोगों की नाले में गिरने से मौत हो गई। तीनों मृतकों के शव पुलिस ने शनिवार सुबह घटनास्थल से लगभग 1 कि.मी. दूर बरामद किये। जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में एक 22 वर्षीय महिला पर बरसात के दौरान बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई। जम्मू प्रांत के कई हिस्सों में भारी वर्षा के चलते जल भराव और यातायात जाम के कारण शनिवार सुबह जनजीवन बाधित हो गया था। मौसम विभाग ने यहाँ 1 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में शनिवार को हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आई और गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। इस बीच महाराष्ट्र और कर्नाटक में भारी बारिश से कृष्णा नदी में फिर उफान आ गया है। इसके परिणाम स्वरूप आंध्रप्रदेश के पहले से भरे हुए बाँधों का जल स्तर और बढ़ गया है।

गुजरात में गरबा पर लगा ‘ग्रहण’

गुजरात में भी चारों ओर मानसूनी बारिश हो रही है। सौराष्ट्र-कच्छ, उत्तरी और मध्य गुजरात में बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है और मूँगफली तथा कपास की फसलों को नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं। इसके अलावा राज्य में अभी शारदीय नवरात्रि मनाई जा रही है। इस नवरात्रि के दौरान बड़े-बड़े आयोजकों ने पार्टी प्लॉट और क्लबों के मैदान गरबा नृत्य के लिये किराये पर लिये हैं। हालाँकि इन ग्राउण्ड में बरसाती पानी के भराव से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। साथ ही गरबा खेलने के लिये उत्सुक युवाओं का भी मज़ा किरकिरा हो गया है। उनकी आशाओं पर भी बरसाती पानी फिर गया है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले दो दिन के भीतर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि उसके बाद भी लगभग 4 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग इलाकों में सामान्य से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसे देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि युवाओं को नवरात्रि के अंतिम एक-दो दिन ही गरबा खेलने का अवसर मिल पाएगा।

Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares