गुजरात में राज्यसभा की दो सीटों पर भाजपा की जीत : उप चुनाव में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जुगलजी ठाकोर जीते

Written by

अहमदाबाद, 5 जुलाई 2019 (YUVAPRESS)। गुजरात में खाली हुई राज्य सभा की दो सीटों पर शुक्रवार को हुए उपचुनाव में भाजपा की जीत हुई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ठाकोर समाज के समाजसेवी जुगलजी ठाकोर ने 100 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है। राज्य के मुख्य मंत्री विजय रूपाणी, उप मुख्य मंत्री नितिन पटेल, गुजरात भाजपा के अध्यक्ष जीतू वाघाणी और मंत्री आई. के. जाड़ेजा ने विदेश मंत्री जय शंकर और जुगलजी ठाकोर को जीत की बधाई दी है।

100 से अधिक वोटों से जीते जयशंकर और जुगलजी ठाकोर

गुजरात के राज्य सभा सांसद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद दोनों सीटें खाली हुई थी। चुनाव आयोग ने इन दोनों सीटों पर 5 जुलाई को वोटिंग कराने की घोषणा की थी। इसके बाद भाजपा की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर और समाजसेवी जुगलजी ठाकोर ने उम्मीदवारी की थी। विधानसभा में भाजपा के बहुमत को देखते हुए दोनों की जीत निश्चित मानी जा रही थी। इसके बावजूद कांग्रेस ने भी उनके विरुद्ध चंद्रिकाबेन चूड़ास्मा और गौरव पंड्या को उम्मीदवार बनाया था। गुजरात विधानसभा में सदस्य संख्या 175 है, जिसमें सत्तारूढ़ भाजपा की सदस्य संख्या एक निर्दलीय के समर्थन सहित 100 है, जबकि कांग्रेस की सदस्य संख्या 71 है। इसके अलावा छोटू वसावा की बीटीपी के 2 तथा एनसीपी का एक सदस्य है। आज सुबह 9 बजे वोटिंग शुरू हुई थी, जो शाम 4 बजे तक चली। इसके बाद 5 बजे मतगणना शुरू होनी थी, परंतु वोटिंग में कांग्रेस के दो विधायकों की ओर से क्रॉस वोटिंग की गई तथा एनसीपी और बीटीपी के विधायकों ने भी भाजपा के पक्ष में मतदान किया। चूँकि चुनाव आयोग की ओर से दोनों सीटों के लिये अलग-अलग वोटिंग कराने का निर्देश दिया गया था। इसलिये दोनों सीटों के लिये अलग-अलग वोट डाले गये थे। इसमें भाजपा के 100 के अलावा बीटीपी के 2, एनसीपी का एक और कांग्रेस के 2 वोटों के साथ भाजपा के दोनों उम्मीदवारों को 105-105 वोट मिले, हालाँकि खुद भाजपा के ही एक मंत्री आर. सी. फलदू का वोट रद्द हो जाने से भाजपा के दोनों उम्मीदवारों को 104-104 वोटों से विजयी घोषित किया। जीत के बाद राज्य के मुख्य मंत्री विजय रूपाणी, उप मुख्य मंत्री नितिन पटेल, गुजरात भाजपा के अध्यक्ष जीतू वाघाणी, मंत्री आई. के. जाड़ेजा समेत विविध मंत्रियों और विधायकों ने विजयी हुए दोनों उम्मीदवारों को बधाई और शुभकामना दी। दोनों विजयी उम्मीदवारों ने भी उनके पक्ष में मतदान करने के लिये सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद कहा।

कांग्रेस ने बार-बार की बाधा डालने की कोशिश

उप चुनाव की घोषणा के समय से ही दोनों भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी। इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से बार-बार आपत्तियाँ व्यक्त करने से कार्यवाही में विक्षेप पड़ता रहा। पहले कांग्रेस ने चुनाव आयोग की ओर से दोनों सीटों पर अलग-अलग वोटिंग कराने के निर्णय के विरुद्ध आपत्ति व्यक्त की, जिसे चुनाव आयोग ने ठुकरा दिया। इसके बाद क्रॉस वोटिंग न हो, इसलिये कांग्रेस अपने विधायकों को लेकर आबू चली गई और उन्हें एक रिसॉर्ट में रखा, जहाँ से शुक्रवार को ही उन्हें वोटिंग के लिये लाया गया। कांग्रेस की ओर से इतनी सावधानी बरतने के बावजूद उसके दो विधायकों अल्पेश ठाकोर और धवलसिंह झाला ने क्रॉस वोटिंग की। क्रॉस वोटिंग करने के बाद दोनों विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा भी दे दिया। इसके विरुद्ध कांग्रेस के पर्यवेक्षक शैलेष परमार और उम्मीदवार गौरव पंड्या ने चुनाव आयोग के समक्ष आपत्ति जताई, जिसमें कांग्रेस के इन नेताओं ने कांग्रेस के दोनों विधायकों के वोट रद्द करने के साथ-साथ दोनों विधायकों के विरुद्ध दल बदल कानून के तहत कार्यवाही करने की भी माँग की। कांग्रेस की ओर से आपत्ति दर्ज कराने के कारण मतगणना में विक्षेप पड़ा और मतगणना 5 बजे के निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो पाई। चुनाव आयोग की ओर से इस आपत्ति का निपटारा किये जाने के बाद 3 घण्टे देरी से मतगणना शुरू हुई जो लगभग एक घण्टे चली। इसके बाद भाजपा के दोनों उम्मीदवारों को विजेता घोषित किया गया। इस बीच दोनों भाजपाई उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित होने के उन्माद में आई. के. जाड़ेजा और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष जीतू वाघाणी ने दोनों को विधिवत विजेता घोषित किये जाने से पहले ही ट्वीट करके जीत की बधाई दे दी, जिसको लेकर मीडिया में उन्हें परिहास का पात्र बनना पड़ा। दूसरी तरफ कांग्रेस का भी कोई पैंतरा काम नहीं आने से उसकी भी खूब किरकिरी हुई।

Article Categories:
News

Leave a Reply

Shares