Howdy Modi : मोदी ने दिखा दिया, ‘आज का भारत आँख में आँख मिला कर बात करता है…’

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* आज का भारत आँख मिला कर बात करने वाला भारत

* दुनिया को धमकाने वाले ट्रम्प के लिए मोदी हैं ‘बेकाबू घोड़ा’

* मोदी को टफ नेगोशिएटर बताने वाले ट्रम्प को उनके सामने ही क़रारा जवाब

विशेष टिप्पणी : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 23 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। 22 सितंबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने इतिहास रचा। अमेरिका में टेक्स स्थित ह्यूस्टन में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम में मोदी ने अपने संबोधन में कई विषयों का उल्लेख किया, परंतु भारतीय दृष्टिकोण और भारतीय मीडियया ने मोदी की उस बात को सर्वाधिक महत्व दिया, जिसमें उन्होंने फिर एक बार आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों (पाकिस्तान व उसके प्रधानमंत्री इमरान) पर आक्रमण किया। मोदी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को फेयरवेल देने की बात को उत्सव की शैली में प्रस्तुत किया और पाकिस्तान पर निशाना साधा।

ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में 50 हजार प्रवासी भारतीयों (NRIs), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी राजनीति के कई नेताओं की उपस्थिति में आयोजित आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित कर रहे थे, तब एनआरजी स्टेडियम में उपस्थित लोग ही नहीं, अपितु भारत-अमेरिका सहित पूरे विश्व में करोड़ों लोग उन्हें सुन रहे थे। सभी को मोदी के भाषण की सबसे महत्वपूर्ण बात धारा 370 को फेयरवेल, पाकिस्तान व इमरान का नाम लिए बिना की गई टिप्पणी लगी, परंतु यह बात बहुत कम लोगों को समझ में आई कि एनआरजी स्टेडियम के इस मंच से मोदी ने पाकिस्तान और इमरान ही नहीं, अपितु अमेरिका की धरती पर अमेरिका के ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी धो डाला।

नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2014 से पहले मीडिया को अपने कई साक्षात्कारों में और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी कई सार्वजनिक मंचों से यह बात बार-बार दोहराई है, ‘ना आँख झुका के बात करेंगे और ना ही आँख दिखाएंगे। हम दुनिया से आँख मिलाकर बात करेंगे।’ मोदी ने यह बात प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत में कई चुनावी रैलियों में, तो विश्व पटल पर कई मंचों पर सार्वजनिक रूप से न केवल कही है, अपितु अपनी नीतियों से बार-बार सिद्ध किया है कि भारत दुनिया से आँख मिला कर बात करता है और भारत के इसी साहस व सामर्थ्य से पाकिस्तान जहाँ पस्त है, चीन शांत है, वहीं अमेरिका व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्याकुल हैं, क्योंकि जो अमेरिका पूरी दुनिया को अपनी शक्ति व सामर्थ्य से हड़काता रहता है, जो ट्रम्प अपनी धारदार नीतियाँ दुनिया के देशों और नेताओं पर थोपते हैं, वही ट्रम्प नरेन्द्र मोदी के संकल्पों के आगे स्वयं को विवश और लाचार समझते हैं।

एनआरजी स्टेडियम में जब मोदी ने भारत-अमेरिका संबंधों की चर्चा करते हुए कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मुझे टफ नेगोशिएटर कहते हैं, परंतु वे भी आर्ट ऑफ डील में माहिर हैं।’ मोदी का इस तरह ट्रम्प के सामने ही यह बात कह देना बहुत बड़े साहस का काम है और यह दर्शाता है कि ट्रम्प किस कदर टैरिफ से लेकर एस-400 जैसे मामलों में मोदी की ज़िद के आगे बेबस हैं। ट्रम्प जिस संदर्भ में मोदी को टफ नेगोशिएटर (कठोर सौदेबाज़) कहते हैं, वह मुख्यत: टैरिफ को लेकर है। ट्रम्प कई बार अमेरिकी सामानों पर भारत में लगे भारी टैरिफ पर आपत्ति जता चुके हैं, परंतु मोदी टस से मस नहीं होते। इतना ही नहीं, ट्रम्प को भारत द्वारा रूस से एस-400 की डील से भी आपत्ति है, परंतु मोदी अमेरिका और ट्रम्प की आपत्तियों से बेपरवाह होकर रूस के साथ यह डील कर रहे हैं।

नरेन्द्र मोदी ने एनआरजी स्टेडियम में ट्रम्प के सामने ही यह कह दिया कि ट्रम्प उन्हें (मोदी को) टफ नेगोशिएटर कहते हैं। मोदी का इस तरह का वक्तव्य कदाचित ट्रम्प को रास नहीं आया होगा, परंतु भारत के दृष्टिकोण से देखें, तो स्पष्ट है कि आज का भारत दुनिया से आँख में आँख मिला कर बात करने वाला भारत है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इतने शक्तिशाली संकल्पों के धनी हैं, जिनके नेतृत्व में भारत न किसी के प्रभाव में और न ही किसी के दबाव में काम करता है। फिर चाहे वह विश्व की सबसे बड़ी शक्ति अमेरिका या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ही क्यों न हो। मोदी ने जब ख़री-ख़री सुनाना शुरू किया, तो धारा 370, आतंकवाद, पाकिस्तान-इमरान ही नहीं, अपितु डोनाल्ड ट्रम्प को भी धो डाला।

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