धैर्य से धड़कता धोलेरा : वीरान भूमि के कण-कण में समाहित है स्मार्ट सिटी की सुगंध !

Written by
SIR City Dholera

* दुनिया के सबसे बड़े धोलेरा SIR में अनेक कंपनियों ने किया भारी निवेश

* कई कम्पनियों के प्रोजेक्ट केवल PROJECTOR तक सीमित

* सबको तेजी से सर कर रहा है SIR CITY 1 PROJECT

* मोदी का सपना साकार करने को आतुर आई. के. शर्मा कम्पनी

* जानिए PM मोदी के सपने धोलेरा स्मार्ट सिटी की पूरी परिकल्पना को

विशेष आलेख : कन्हैया कोष्टी

धोलेरा SIR (अहमदाबाद), 29 जून, 2019 (YuvaPress)। धोलेरा अर्थात् भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद जिले का वह हिस्सा, जो अब पूरी दुनिया में सिर्फ एक स्थान या तहसील के नाम तक सीमित नहीं रह गया है। धोलेरा को विशेष निवेश क्षेत्र यानी SPEICAL INVESTMENT REGION (SIR) घोषित किया गया है और यह पूरी दुनिया का सबसे बड़ा एसआईआर है, जो 920 किलोमीटर में फैला हुआ है।

हाल ही में धोलेरा सर की यात्रा करने का अवसर मिला। अहमदाबाद से बाय कार मेरी यात्रा आरंभ हुई और लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर तय करने के बाद मैंने जब धोलेरा SIR में प्रवेश किया, तब मैं थोड़ा चौंक गया। धोलेरा सर के बारे में मैं वर्ष 2007 यानी 12 वर्षों से सुनता आ रहा हूँ, परंतु इन 12 वर्षों के बाद भी धोलेरा मानो चारों तरफ वीरान पड़ा दिखाई दिया। यद्यपि जैसे-जैसे धोलेरा सर की यात्रा पर आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे धोलेरा की वीरान भूमि के कण-कण से भविष्य की विराट नगरी यानी स्मार्ट सिटी की सुगंध आने लगी।

वास्तव में धोलेरा स्मार्ट सिटी भारत की पहली स्मार्ट सिटी बनने वाली है। इस स्मार्ट सिटी का सपना वर्तमान भारत के दूरदृष्टा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2007 में देखा था, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। मोदी ने एक ऐसे नगर का सपना संजोया था, जिस पर न केवल गुजरात, अपितु सम्पूर्ण भारत वर्ष गर्व कर सके और वह भी ऐसी जमीन पर, जो कृषि योग्य नहीं, बल्कि एक बंजर भूमि है। नरेन्द्र मोदी ने इस भूमि पर स्मार्ट सिटी का सपना इसलिए भी देखा, ताकि इस बंजर भूमि सहित आसपास के तमाम क्षेत्र और लोगों का भी विकास हो सके। यह कार्य इतना आसान नहीं था। अनेक चुनौतियाँ थीं नरेन्द्र मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के आड़े, परंतु इन चुनौतियों के साथ इस कार्य के पीछे विशेषज्ञों को लगाया गया और एक्सपर्ट ने लम्बा अध्ययन किया। इस दीर्घकालिक अध्ययन के बाद वर्ष 2011 में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया। अब आठ वर्ष बाद धोलेरा SIR का 5600 एकड़ का हिस्सा 2019 में विकसित होकर तैयार हो जाएगा।

धोलेरा SIR का प्रशासनिक संचालन करने वाला गुजरात सरकार का एबीसीडी भवन।

अपनी धोलेरा यात्रा के दौरान मैं जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, रास्ते में भूखंड करीद कर निवेश करने वाली कई कंपनियों के प्रोजेक्ट दिखाई दिए। यद्यपि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनकी सरकार और गुजरात की सरकार धोलेरा में शीघ्रातिशीघ्र स्मार्ट सिटी को साकार करने को आतुर है, वहीं दूसरी ओर कई बिल्डर-डेवलपर-निवेशक ऐसे भी देखे गए, जिन्होंने लोगों को लुभाने के लिए कागज़ों पर तो ज़मीनें दिखाई हैं, परंतु यथार्थ के धरातल पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। कई जगह केवल प्रोजेक्ट के बोर्ड लगे हुए थे, तो कई जगह ज़मीनों के टुकड़ों का परिसीमन तक नहीं किया गया था। कई निवेशक ऐसे भी पाए गए, जो केवल कागज़ पर ज़मीन बेच रहे थे। वे यह बताने में असमर्थ थे कि ग्राहक जो ज़मीन खरीदना चाहता है, वह कहाँ से कहाँ तक है ? क्या वह अपनी ज़मीन पर स्वयं खड़ा रह सकता है ? इस यात्रा के दौरान पाया गया कि कई कम्पनियों के प्रोजेक्ट केवल प्रोजेक्टर तक ही सीमित थे। यथार्ध के धरातल पर कोई काम ही नहीं दिखाई दिया।

यहाँ पहुँच कर जागी उम्मीद

आई. के. शर्मा कम्पनी का धोलेरा सर सिटी प्रोजेक्ट

इस बीच मैं पहुँचा आई. के. शर्मा कम्पनी के नेतृत्व वाले SIR City 1 प्रोजेक्ट स्थल पर। इस जगह पर पहुँचते ही मुझे क्षण भर के लिए ऐसा लगा कि मानो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों की नगरी को साकार करने के लिए सर्वाधिक आतुर कोई कम्पनी है, तो वह आई. केय शर्मा कम्पनी ही है।

आई. के. शर्मा कम्पनी का धोलेरा सर सिटी प्रोजेक्ट, जहाँ भूखंडों का सुनियोजित परिसीमन किया गया है।

समुद्र तट और रेलवे स्टेशन से अत्यंत निकट स्थित आई. के. शर्मा कम्पनी के नेतृत्व में मेग्लोन इन्फ्रा रिअल इंडिया लिमिटेड के इस प्रोजेक्ट के तहत 1100 भूखंड बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें से 400 से अधिक भूखंड बिक चुके हैं। मैंने सर सिटी 1 का दौरा करते हुए वह सारी बातें सही पाईं, जो कंपनी के अध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी आई. के. शर्मा ने मुझे धोलेरा जाने से पूर्व बताई थीं। आईय के. शर्मा कम्पनी के सर सिटी 1 के तहत हर भूखंड का बाकायदा परिसीमन किया गया पाया गया, वहीं भूखंड खरीदने वाले ग्राहक को यह कम्पनी उस भूखंड पर खड़ा रख कर मौखिक डील करती है, जो भूखंड वह ग्राहक लेने वाला है।

आई. के. शर्मा कम्पनी का धोलेरा सर सिटी प्रोजेक्ट, जहाँ भूखंडों का सुनियोजित परिसीमन किया गया है।

कम्पनी का इतना साफ-सुथरा मैनेजमेंट देख कर लगा कि यह कम्पनी पीएम मोदी के धोलेरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सपने को साकार करने में जी-जान से लगी हुई है। कम्पनी ने भूखंडों की बिक्री को लेकर अलग-अलग तरह की योजनाएँ भी लागू की हैं। विशेष रूप से पूर्व सेना कर्मचारियों और कन्याओं-युवतियों-महिलाओं के लिए ‘बाय 1 गेट 1’ तथा ‘टोटल कैशबैक’ ऑफर ऐसे हैं, जो आगामी 10 वर्ष बाद बनने वाली स्मार्ट सिटी धोलेरा में बसने के सपने को साकार करने के लिए आधार शिला रखने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

देखिए आई. के. शर्मा कम्पनी का यह वीडियो भी :

कैसी होगी धोलेरा स्मार्ट सिटी ?

आधुनिक टेक्नोलॉजी। अत्याधुनिक सुविधाएँ और एडवांस कम्युनिकेशन। ये सभी भविष्य के समय की मांगें हैं। एक तरह से कहा जा सकता है कि आने वाला समय प्रतिस्पर्धा से भरपूर और विकास से कदम मिला कर चलने वाला होगा। समय के साथ चला जा सके और विदेशी इन्फ्रास्ट्रक्चर की पंक्ति में खड़ा रहा जा सके, इस उद्देश्य से गुजरात में भारत की प्रथम स्मार्ट सिटी आकार ले रही है और यह स्मार्ट सिटी यानी धोलेरा। और यह प्रोजेक्ट यानी धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन। अर्थात् SIR। इस प्रोजेक्ट को दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर अर्थात् DMIC के तहत तैयार किया जा रहा है। धोलेरा का कुल एरिया 920 किलोमीटर का है। धोलेरा को अलग-अलग फेज़ में विकसित किया जाएगा और समग्र प्रोजेक्ट आगामी वर्ष 2037 तक पूर्ण हो जाएगा। यद्यपि लगभग 5600 एकड़ जगह तो वर्ष 2019 तक ही विकसित हो जाएगी।

बात यदि धोलेरा और उसके आसपास के क्षेत्र की की जाए, तो समुद्री क्षेत्र तो इसका एडवांटेज है ही। इसके अलावा यदि राज्य के मुख्य शहरों के साथ कनेक्टिविटी की बात करें, तो यह आर्थिक राजधानी अहमदाबाद से महज 100 किलोमीटर और भावनगर से केवल 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। धोलेरा को विश्व स्तर पर श्रेष्ठतम् बनाने का सपना है और धोलेरा को जोड़ने वाले शहरों जैसे कि अहमदाबाद और गांधीनगर के साथ सिक्स लेन एक्सप्रेस वे भी प्रोजेक्ट की बड़ी हाईलाइट है। एक ऐसा शहर, जहाँ सपनों को मिलेंगे पंख और नए अवसर। एक ऐसा शहर, जहाँ बिज़नेस करने की संभावनाएँ सबसे अधिक हैं। एक ऐसा शहर, जहाँ कोई भी इण्डस्ट्री अत्यंत अल्पावधि में सेट-अप लगा कर व्यापार-धंधे की शुरुआत आसानी से कर सकती है। भारत की सबसे प्रथम ग्रीनफील्ड स्मार्ट इण्डस्ट्रियल सिटी धोलेरा में आपका स्वागत है।

धोलेरा स्मार्ट सिटी का मुख्य फोकस एयरस्पेस, डिफेंस तथा हेवी इंजीनियरिंग और सोलर सेक्टर पर रहेगा। जहाँ तक धोलेरा स्मार्ट सिटी में इण्डस्ट्रियल ग्रोथ की बात है, तो 3 मुख्य मिशनों के साथ उसे अचिव किया जाएगा। ये मिशन निम्नानुसार हैं :

मिशन नंबर 1 – उत्पादन (MANUFACTURING) क्षेत्र में ग्लोबल हब बनना।

मिशन नंबर 2 – व्यापार-व्यवसाय करने की सरलता को प्रमोट करना, जो अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू है। इसमें प्लान के अनुसार सिंगल विण्डो सिस्टम होगा। सिंगल विण्डो सिस्टम जीटूबी अर्थात् गवर्नमेंट टू बिज़नेस होने के कारण अलग-अलग जगह पर अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी। इस सुविधा के चलते व्यापार करने के अवसर भी बड़े पैमाने पर रहेंगे और बिज़नेस करने में आसानी होने के साथ-साथ ही समय की भी बचत होगी। यदि इज़ ऑफ डुइंग बिज़नेस के उद्देश्य को हासिल करना है, तो सिंगल विण्डो सिस्टम समय की मांग है और इसीलिए धोलेरा स्मार्ट सिटी में होगी इण्डस्ट्री के मुताबिक लाइसेंस की सूची। प्रत्येक व्यापार के लिए सिंगल पॉइंट ऑफ कॉण्ट्रैक्ट तथा प्री-फिक्स्ड टाइम में व्यापार की मान्यता तथा अनुमति।।

मिशन नंबर 3 – स्किल्ड तथा नॉन-स्किल्ड कामगारों के लिए निरंतर रोजगार के विपुल अवसर पैदा करते रहना।

इन तीनों मिशनों के साथ इण्डस्ट्रियल ग्रोथ हासिल किया जा सकता है। इस बात पर जोर भी दिया गया है। इतने बड़े पैमाने पर व्यापार-धंधे होंगे, तो स्वाभाविक है कि साथ में रोजगार भी बड़े पैमाने पर पैदा होंगे। धोलेरा SIR प्रोजेक्ट के दौरान सोशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर क्रिएशन के जरिए वहाँ काम करने वाले कर्मचारी अपने परिजनों के साथ रह सकेंगे और सभी की सुख-सुविधा का ध्यान रखने वाले ग्रीन ओपन स्पेस का निर्माण भी किया गया है। घूमने-फिरने तथा बच्चों के खेलने के लिए बाग-बगीचे-उद्यान। बच्चों और बड़ों के खेलने के लिए स्पोर्ट्स ज़ोन। भी बनाया जा रहा है। धोलेरा। वहाँ काम करने वाले लोगों और उनके परिजनों के लिए लीव वर्क प्ले का उत्तम उदाहरण बनेगा। जीवन जरूरी वस्तुएँ भी आसानी से उपलब्ध हों, इसके लिए ड्रीम सिटी में विशेष व्यवस्था की जाएगी। ड्रीम सिटी में किसान अपने उत्पादनों की बिक्री कर सकें, इसके लिए एक विशाल बाज़ार होगा। पेट्रोल पम्प। इलेक्ट्रिक व्हिकल चार्जिंग स्टेशन। टैक्सी तथा ऑटो रिक्शा स्टैण्ड्स। साथ ही साइकिल पार्किंग। सार्वजनिक शौचालय आदि तमाम सुविधाएँ पर्याप्त रूप में उपलब्ध होंगी। ज्ञान के साथ आनंद भी मिले। इस उद्देश्य से आँगनबाड़ी से लेकर स्कूल-कॉलेजों के साथसाथ पब्लिक आर्ट तथा सिनेमा हॉल्स भी पर्याप्त पैमाने पर होंगे। धोलेरा की प्लानिंग में मल्टी पर्पज़ कॉरिडोर। बाइसिकल ट्रैक्स। सर्विस रोड्स। फुटपाथ। जैसी तमाम बातों को सुरक्षा के साथ जोड़ कर सुविधा के रूप में विकसित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत तमाम जगहों पर सीसीटीवी कैमेरे लगाए गए हैं। और कहीं भी हैवी ट्रैफिक की स्थिति पैदा हो, तो इसके लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की भी व्यवस्था की गई है।

धोलेरा की ग्रीनफील्ड स्मार्ट इण्डस्ट्रियल सिटी एकमात्र ऐसी स्मार्ट सिटी होगी, जहाँ ICT अर्थात् इनफॉर्मेशन एण्ड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी से लैस इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा। अल्ट्रा मेगा और मेगा इण्डस्ट्रीज़ के लिए बड़े पैमाने जमीन की उपलब्धि होगी। ग्रीन कवर्ड क्षेत्र बड़े पैमाने पर होगा यानी एक ऐसा शहर, जहाँ हरियाली होगी। इस प्रकार धोलेरा स्मार्ट सिटी में प्रदूषण न हो, इस प्रकार का सम्पूर्ण आयोजन किया गया है।।

धोलेरा स्मार्ट सिटी एक सपनों का शहर होगा। यहाँ तमाम प्रकार की सुविधाएँ होंगी। ऐसी सुविधाएँ, जो सामान्यतः यूरोप तता अमेरिका के बिज़नेस फ्रेंड्ली शहरों में देखने को मिलती हैं। जब बात विदेश की हो रही है। तो इन्फ्रास्ट्रक्चर सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है और धोलेरा स्मार्ट सिटी के अव्वल दर्जे के इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात की जाए, तो हाल में धोलेरा की कनेक्विटी वाया नेशनल हाईवे यानी एनएच 08ए और स्टेट हाईवे यानी एसएच 06 से है। इनमें एएच 08 अहमदाबाद-बगोदरा राजमार्ग है। जबकि एसएच 06 बगोदरा फेड्रा पीपली से धोलेरा पहुँचता है। यहाँ एनएच 08 का विकास कर उसे 6 लेन किया जा रहा है और एसएच 06 को 4 लेन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन दोनों राजमार्गों के विकास के साथ धोलेरा की राज्य के मुख्य शहरों अहमदाबाद और भावनगर के साथ कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। और इसीलिए तमाम कम्पनियों को दोनों शहरों के साथ व्यापार-व्यवसाय करने में भी सुविधा रहेगी। यहाँ यह भी कहा जा सकता है कि बेटर कनेक्टिविटी से इण्डस्ट्रियल ग्रोथ की संभावनाएँ भी भरपूर बढ़ जाया करती हैं।

किसी भी स्मार्ट सिटी को विदेश के साथ जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में कनेक्टिविटी के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट का होना भी आवश्यक हो जाता है। धोलेरा स्मार्ट सिटी में भी होगा धोलेरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट। यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पीपली के निकट धोलेरा SIR प्रोजेक्ट की तरफ होगा। और इस एयरपोर्ट के लिए आवश्यक तमाम अनुमतियाँ ली जा चुकी हैं। वन एवं पर्याण मंत्रालय तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर सभी एयरपोर्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। इन तमाम लीगल फॉर्मेलिटीज़ के बाद अब इस वर्ष के अंत तक एयरपोर्ट निर्माण-विकास के लिए निविदाएँ भी जारी कर दी जाएँगी। धोलेरा स्मार्ट सिटी में उपलब्ध सभी सुविधाओं में एयरपोर्ट को सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों में से एक माना गयाहै। एयरपोर्ट के कारण विदेश से आवागमन करने वाले तमाम बिज़नेसमैन तथा सामान्य लोगों के लिए धोलेरा में उपलब्ध इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण परिबल साबित होगा। एयरपोर्ट तथा फ्लाइट कनेक्टिविटी से भारत की प्रथम स्मार्ट सिटी धोलेरा और उसका विकास विदेशों तक फैल सकेगा।

एयरपोर्ट के बाद इन्फ्रास्ट्रक्चर के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। ग्रीनफील्ड कण्ट्रोल्ड एक्सेस एक्सप्रेस वे। और यह एक्सप्रेस वे होगा गुजरात की व्यावसायिक राजधानी यानी अहमदाबाद और धोलेरा के बीच। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अर्थात् NHAI द्वारा इस प्रोजेक्ट को भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ भी हो चुकी है। और एयरपोर्ट की तरह ही एक्सप्रेस वे के लिए भी निविदा प्रक्रिया इस वर्ष के अंत तक शुरू हो जाएगी। एक्सप्रेस वे के कारण अहमदाबाद से धोलेरी की फ्रिक्वेंसी बढ़ेगी। धोलेरा स्मार्ट सिटी के उद्देश्यों में एक उद्देश्य बड़े शहरों से भी व्यापार-व्यवसाय खींचना है, जिसमें एयरपोर्ट तथा एक्सप्रेस वे जैसे प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। साथ ही MRTS अर्थात् द मास रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम को JICA अर्थात् जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजंसी एजंसी रोलिंग प्लान के तहत विकसित करेगा।

एयरपोर्ट तथा एक्सप्रेस वे के बाद तीसरी सबसे बड़ी कनेक्टिविटी की बात करें, तो वह है रेलवे कनेक्टिविटी। धोलेरा ड्रीम सिटी में होगी भीमनाथ-धोलेरा रेल लाइन। और इस रेल लाइन को लेकर कार्य भी शुरू कर दिया गया है। रेल लाइन से लोकल कनेक्टिविटी वाया ट्रेन बढ़ेगी और सीधे तौर पर लोकल बिज़नेस को स्मूद बनाने में यह सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगी।

धोलेरा सिटी के विकास के लिए विश्व स्तरीय ढाँचा यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। वर्ल्ड क्लास गुणवत्ता से युक्त सड़कें। अन्य आवश्यक सेवाएँ जैसे कि वॉटर सप्लाय नेटवर्क। गटर लाइन नेटवर्क। स्टॉर्म वॉटर ड्रैनेज नेटवर्क। इन तमाम सेवाओं में विश्व स्तरीय योजनाएँ तथा उनके अनुकरण की अनुपम व्यवस्था की गई है। सम्पूर्ण सिस्टम की कार्यक्षमता बड़ाने के लिए आर्ट पावर वितरण। तथा इनफॉर्मेशन एण्ड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का अनुकरण किया जा रहा है। विशेष कर रिन्युएबल एनर्जी के उपयोग के लिए 5GW सोलर पावर प्लांट को भी विकसित किया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2022 तक इसे डेवलप कर लिया जाएगा। और इसके अंतर्गत 1000 मेगावॉट के लिए टेण्डर की प्रक्रिया इस वर्ष के अंत तक पूर्ण हो जाएगी। फिज़िकल ग्रीन कवर भी धोलेरा को सस्टेनेबल सिटी बनाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसके तहत 338 हेक्टेयर भूमि धोलेरा SIR प्रोजेक्ट में आरक्षित रखी गई है, जहाँ अलग-अलग पार्कों का आयोजन किया गया है। रिज़नल पार्क। कम्युनिटी लेवल पार्क। और नेबरहुड लेवल पार्क का सम्पूर्ण आयोजन किया गया है। ये तमाम सुविधाएँ ऐसी हैं, जो धोलेरा को सस्टेनेबल सिटी बनाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान देंगी और इन तमाम अनुकरणों से बिज़नेस फ्रेंड्ली वातावरण का निर्माण करने के मामले में धोलेरा देश के तमाम शहरों को पीछे छोड़ देगा।

सामान्यतः विकास के किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों की बड़ी शिकायतें रहा करती हैं, परंतु धोलेरा को स्मार्ट सिटी बनाने वाला यह प्रोजेक्ट अपवाद है। क्योंकि यहाँ ऐसा नहीं है कि केवल विकास के लिए निवेश करने वालों के लिए ही अवसर है, बल्कि धोलेरा में रहने वाले ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी फायदा हो और उनकी जीवनशैली उच्चतम् हो, इसके लिए भी उन्हें उत्तम अवसर दिया गया है। जैसे कि इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत धोलेरा में रहने वाले तमाम लोगों से जमीन एकत्रीकरण का आयोजन किया गया है। यह भूमि अधिग्रहण नहीं, बल्कि भूमि एकत्रीकरण है। इससे लोगोंका भी विकास व्यापक रूप से हो सकता है। भूमि एकत्रीकरण यानी जिसकी मालिकी की जमीन है, उस व्यक्ति की मालिकी प्रोजेक्ट एरिया में रहेगा ही। टीपी स्कीम के अंतर्गत उचित मुआवजा तमाम लोगों को मिलेगा। यह धोलेरा SIR प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता है। इन सबके पीछे का विचार यह है कि स्थानीय लोगों को स्टेक होल्डर बनाया जा सके और इस क्षेत्र के विकास के साथ इस क्षेत्र में रहने वाले तमाम लोगों का भी उतना ही विकास हो।

ये तमाम चीज़ें बहुत ही बड़े पैमाने पर हो रही हैं। हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट को मॉनिटर करने के लिए भी सिस्टम बनाया गया है इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को EPC अर्थात् इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एण्ड कंस्ट्रक्शन बेज़ पर सम्मानित किया गया है।। और इस प्रकार के प्रोजेक्ट्स में स्वतंत्र इंजीनियरों को निर्माण प्रक्रिया पर ध्यान रखने के लिए नियुक्त किया गया है। जबकि समग्र शहर की मॉनिटरिंग के लिए प्रोग्राम मैनेजर की नियुक्ति की जाती है। इसके चलते काम के विकास को भली भाँति समझा जा सकता है। इसके अलावा धोलेरा में सडक, मार्ग, सेवाएँ और तमाम फैसिलिटीज़ का विशेषज्ञों की टीम द्वारा डे-टू-डे बहुत ही बारीकी से निरीक्षण किया जाता है। प्रोग्रेस को लेकर तमाम बातों की प्रतिमाह एक बार समीक्षा भी की जाती है। और बोर्ड को नि्रमाण तथा ग्रोथ से जुड़ी तमाम जानकारियाँ प्रदान की जाती हैं, क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है यानी प्रधानमंत्री प्रगति मीटिंग के चेयरमैन के रूप में धोलेरा सिटी की तमाम जानकारियाँ प्राप्त करते हैं। सममग्र प्रोजेक्ट में टाइमलाइन में चूक न हो जाए, इसके लिए विशेषज्ञों से लेकर अधिकारियों और प्रधानमंत्री तक सभी सीधी नजर रख रहे हैं। एक तरह से इस प्रोजेक्ट को सम्पूर्ण ऐहतियात के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

Article Categories:
News

Leave a Reply

Shares