‘छोटे’ किराना वालों के लिए ‘बड़ी’ खबर : अब मुकेश अंबाणी बेचेंगे आपका माल और करेंगे मालामाल

50 लाख किराना वालों को 50 हजार नहीं, सिर्फ 3 हजार रुपए में मिलेगा ऑनलाइन कारोबार का मौका

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) के मुखिया और देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबाणी नित-नए प्रयोग करने के लिए विख्यात हैं। उनकी नज़र इस समय ई-कॉमर्स इंडस्ट्री पर है और वे इस क्षेत्र में अलीबाबा और अमेज़न को पीछे छोड़ने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी क्रम में आरआईएल देश के 50 लाख छोटे किराना स्टोर्स को ऑनलाइन कारोबारी बनाने जा रही है, जिसके बाद ये छोटे किराना वाले भी अपना माल ऑनलाइन बेच सकेंगे और ई-कॉमर्स से मिल रही चुनौतियों का सामना ई-कॉमर्स से जुड़ कर सकेंगे।

बैंक ऑफ अमेरिका मैरीलिंच (BofAML) की एक रिपोर्ट के अनुसार मुकेश अंबाणी की कंपनी आरआईएल वर्ष 2023 तक देश के 50 लाख छोटे किराना कारोबारियों को ई-कॉमर्स से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है और वह भी सिर्फ 3 हजार रुपए की वनटाइम डिपॉज़िट लेकर। देश में ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव के बीच छोटे किराना वाले बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, क्योंकि वर्तमान में ई-कॉमर्स के लिए रजिस्टर कराने पर 50 हजार रुपए खर्च होते हैं और वही व्यवसायी ई-कॉमर्स से जुड़ सकता है, जिसका मासिक टर्नओवर 9 लाख रुपए से अधिक हो। इन शर्तों को देश के करीब 50 लाख छोटे किराना वाले पूरा करने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में आरआईएल 17 गुना कम रकम यानी सिर्फ 3 हजार रुपए की डिपॉजिट राशि लेकर इन 50 लाख छोटे किराना व्यापारियों को ऑनलाइन कारोबार प्लेटफॉर्म प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है।

उल्लेखनीय है कि हाल में देश में ई-कॉमर्स बाज़ार तेजी से बढ़ रहा है और पूरी दुनिया की बड़ी-बड़ी कम्पनियों की नज़र ई-कॉमर्स बिज़नेस पर है। आरआईएल भी अलीबाबा और अमेज़न को पीछे छोड़ कर देश और दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी बनना चाहती है, जिसके लिए मुकेश अंबाणी उसी अंदाज़ में देश के ई-कॉमर्स बाज़ार पर छा जाना चाहती है, जिस तरह 500 रुपए में मोबाइल फोन देकर उनके पिता धीरूभाई अंबाणी ने देश में मोबाइल क्रांति का सूत्रपात किया था।

आरआईएल पूरे विस्तृत विज़न के साथ छोटे किराना वालों को ई-कॉमर्स से जोड़ने की तैयारी कर रही है। वास्तव में किसी भी किराना स्टोर को डिजिटलाइज़ करने के लिए एक प्वॉइंट ऑफ सेल (PoS) डिवाइस की जरूरत पड़ती है। यह स्वाइप मशीन या कोई और डिवाइस हो सकतीहै, जिसके जरिए भुगतान कियाजा सके। देश के छोटे शहरों, गाँवों और कस्बों में हाल में स्नैपबिज़, नुक्कड़ शॉप्स और गोफ्रुगल जैसी कम्पनियाँ किराना स्टोर्स पर PoS डिवाइस उपलब्ध करा रही हैं। रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार कोई भी किराना स्टोर ऑनलाइन होने से उसकी मासिक आमदनी लगभग 8,250 रुपए बढ़ जाती है।

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