दल से ऊँचा दिल : गोवा में विपक्ष शासित मडगाँव नगर परिषद् बनवाएगी ‘मनोहर पर्रिकर रोड’ !

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* जो भाजपा सरकार को नहीं सूझा, वह विपक्षी दल GFP ने कर दिखाया

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 31 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। गोवा में प्रमोद सावंत के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी-BJP) की सरकार है। मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद प्रमोद सावंत गोवा के मुख्यमंत्री बने हैं। पर्रिकर के निधन को आज 4 महीने से अधिक का समय हो गया है, परंतु गोवा के लोग आज भी मनोहर पर्रिकर को भूले नहीं हैं। मनोहर पर्रिकर भारत के इकलौते ऐसे मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से स्नातक किया था।

अपनी सादगी और सरल व्यक्तित्व से गोवा जैसे छोटे-से राज्य से मुख्यमंत्री से लेकर देश के रक्षा मंत्री तक के पदों पर काम करने वाले पर्रिकर का गत 17 मार्च, 2019 को कैंसर की बीमारी के कारण निधन हो गया था। पर्रिकर ने अंतिम साँस तक गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, जिसे गोवा ही नहीं, अपितु पूरे देश ने देखा। गोवा में मनोहर पर्रिकर की पहचान किसी एक राजनीतिक दल के नेता के रूप में सीमित नहीं थी। उनका विशाल व्यक्तित्व उन्हें दल से कहीं ऊँचा बनाता था।

मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा के मुख्यमंत्री बने प्रमोद सावंत। (फाइल चित्र)

यही कारण है कि गोवा में पहली बार मनोहर पर्रिकर के नाम पर कोई सड़क बनने जा रही है। महत्वपूर्ण समाचार यह नहीं है कि गोवा में शीघ्र ही मनोहर पर्रिकर के नाम पर कोई सड़क होगी। महत्वपूर्ण समाचार यह है कि इस सड़क को बनाने का निर्णय गोवा विधानसभा में भाजपा के विरुद्ध विपक्ष में बैठने वाले राजनीतिक दल के नेताओं ने लिया है।

मडगाँव नगर परिषद् भवन। (फाइल चित्र)

इस दल का नाम है गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP), जो इस समय मडगाँव नगर परिषद् (MCC) में सत्तारूढ़ है। विधानसभा में केवल 3 विधायकों वाली इस विपक्षी पार्टी के नेताओं ने मनोहर पर्रिकर में भाजपा नेता को नहीं, अपितु गोवा की अस्मिता और एक राष्ट्र पुरुष को देखा। यही कारण है कि जीएफपी शासित मडगाँव नगर परिषद् ने मनोहर पर्रिकर के नाम पर सड़क निर्माण निर्णय किया।

सोती रही सावंत सरकार, जीएफपी जीवंत करेगी पर्रिकर को

मडगाँव नगर परिषद् की अध्यक्ष बबीता आंगले। (फाइल चित्र)

गोवा में भाजपा की सरकार है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी मनोहर पर्रिकर के उत्तराधिकारी के रूप में यह पद संभाला, परंतु पर्रिकर के निधन के बाद उनकी यादों को ताज़ा रखने की दिशा में सावंत सरकार ने बीते चार महीनों में कोई महत्वपूर्ण या उल्लेखनीय कदम नहीं उठाया। दूसरी तरफ राजधानी पणजी से 35 किलोमीटर दूर स्थित मडगांव नगर परिषद् में मंगलवार रात मनोहर पर्रिकर के नाम पर सड़क बनाने का प्रस्ताव पास कर दिया। एमसीसी अध्यक्ष बबीता आंगले प्रस्ताव पारित होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान गोवा के विकास में सहायक रहे मनोहर पर्रिकर के सम्मान और आदर के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।’ मनोहर पर्रिकर के नाम पर पहली बार किसी सार्वजनिक सम्पत्ति का नाम रखा जाएगा। यह सड़क आर्लेम जंक्शन को फटोरडा में रवीन्द्र भवन से जोड़ती है। इसी नवीनीकृत सड़क का नाम मनोहर पर्रिकर रोड रखा जाएगा। आंगले ने बताया कि पार्षद लिंडन परेरा ने पर्रिकर के नाम पर सड़क का नाम रखने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे एमसीसी ने पारित कर दिया।

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