भारत बंद से नाराज संघ कार्यकर्ता ने खुद में लगाई आग, जलते हुए बोला भारत माता की जय

RSS Worker Attempts Suicide

जयपुर: बताया जा रहा है कि संघ का एक कार्यकर्ता दलितों द्वारा भारत बंद होने से नाराज होकर खुद में आग लगा लिया (RSS Worker Attempts Suicide) और जलते हुए भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। इस व्यक्ति ने जयपुर आत्मदाह करने की कोशिश की है। कुछ सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि यह व्यक्ति RSS का कार्यकर्ता है। इसकी अभी पूरी जानकारी नहीं लगी है कि इसने क्यों ऐसा किया। लेकिन बताया जा रहा है कि दलित समाज द्वारा SC/ST Act के विरोध के कारण हुए भारत बंद से यह कार्यकर्ता बहुत ही नाराज था और देश भर में हुई हिंसक घटनाओं से यह बहुत दुखी था जिसके कारण इसने आत्मदाह जैसी आत्महत्या का प्रयास किया।

बता दें कि यह व्यक्ति जयपुर का रहने वाला है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यकर्ता है। इस व्यक्ति ने वैशालीनगर के कार्यवाह रघुवीर शरण अग्रवाल इस इलाके के चौराहे पर खुद पर पैट्रोल छिड़कर खुद को आग लगा लिया। बताया जा रहा है कि ये सुबह के समय मोर्निंग वॅाक पर निकले थे। खुद को आग लगाने से पहले इन्होंने अपने घर पर फोन किया था इसके कुछ समय के पश्चात ही इस घटना को अंजाम दिया।  (RSS Worker Attempts suicide disturbed by Dalit SC/ST ACT protests during Bharat Bandh.)

घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना यह है कि रघुवीर शरण अग्रवाल ने खुद को आग लगाने के बाद लगभग 100 मीटर तक दौड़ते हुए भारत माता की जह के नारे भी लगाये। वहां पर मौजूद लोगों ने रघुवीर शरण पर पानी डालकर आग को बुझाने का प्रयास किया। ताजा रिपोर्ट के अनुसार उनका शरीर 80 फीसदी तक जल चुका है।

कुछ दिन पहले ही रघुवीर शरण अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर बिना नाम के एक पोस्ट भी किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि मैने सपने में भारत माता कि वह करुण चीत्कार सुनी और देख कि चारों तरफ गिद्ध मंडरा रहे हैं, आम आदमी दूसरों के बहकावें में आ जाते हैं, फिर चाहे कोई भी हो, वे भंयकर नुकसान उठा बैठता है। लोग अपने स्वार्थ के लिए भाई भाई को लड़वा रहे हैं।

पुलिस को मिली बयान के अनुसार उन्होंने ऐसा आरक्षण प्रणाली और समाज में फैला जातिवाद से दुखी होकर किया (RSS Worker Attempts suicide)। भारत बंद आंदोलन में जिस तरह से ऊंची जातियों के खिलाफ अपशब्द कहे गए उससे वे बहुत आहत थे। ऐसा भी पता चला है कि इनका इनके परिवार के साथ व्यवहार भी अच्छा नहीं था जिसके कारण वे अक्सर तनाव में रहते थे।

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