एक CLICK में जानिए इस बार क्या-क्या सौगातें ला रहा है सितंबर ?

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अहमदाबाद 29 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। किसी भी महीने की पहली तारीख का अक्सर हरेक के जीवन में महत्व होता है। कई लोगों को इस दिन महीने भर काम करने के बाद तनख्वाह मिलती है, तो सरकारें भी अपने कई नियमों या निर्णयों को लागू करने के लिए किसी भी महीने की पहली तारीख का चयन करती हैं।

कुछ ऐसा ही 2 दिन बाद शुरू होने वाले सितंबर के साथ भी होने जा रहा है, जब देश में एक साथ तीन सेक्टर्स में कुछ ऐसे नियम और कानून लागू होंगे, जो आम जनता के लिए कई तरह की सौगात साबित होंगे। इसके तहत जहाँ मोदी सरकार की ओर से हाल ही में संसद में पारित कराया गया नया संशोधित मोटर वाहन अधिनियम 1 सितम्बर से लागू हो जाएगा, जो देश के करोड़ों वाहन मालिकों को जहाँ यातायात सुरक्षा से जुड़े कई मानकों में बांधेगा, वहीं उन्हें बीमा कम्पनियों से अब तक ACT OF GOD के नाम पर नहीं मिल पा रहे बीमा लाभ मिलने का रास्ता भी साफ करेगा। दूसरी तरफ देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (STATE BANK OF INDIA) यानी SBI भी 1 सितम्बर से अपने लोन सिस्टम भारतीय रिज़र्व बैंक (RESERVE BANK OF INDIA) यानी RBI के रेपो रेट के साथ लिंक करने जा रहा है, जिससे एसबीआई से लोग सस्ता लोन पा सकेंगे। 1 सितंबर उन ‘आलसी’ लोगों की जेब पर भी भारी पड़ सकता है, जिन्होंने अब तक अपना आयकर रिटर्न (INCOME TAX RETRUN) यानी ITR अब तक नहीं भरा है।

सड़क पर दौड़ें, पर सावधानी से

आइए सबसे पहले बात करते हैं सड़क पर चलने वाले लोगों को सितंबर-2019 से क्या सावधानियाँ बरतनी होंगी और नए कानून से वाहन मालिकों और चालकों को क्या-क्या फायदे होंगे। दरअसल मोदी सरकार ने हाल ही में मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 को संसद में पारित कराया है, जो 1 सितंबर से लागू होने जा रहा है। इस नए कानून के चलते अब जहाँ किसी भी यातायात नियम उल्लंघन पर न्यूनतम् 1000 रुपए दंड का प्रावधान किया गया है, वहीं ACTO OF GOD का हवाला देकर वाहन मालिकों को बीमा राशि चुकाने से आना-कानी करने वाली बीमा कंपनियों पर भी शिकंजा कसा गया है। परिवर्तित नियमों के अनुसार यदि आपकी गाड़ी भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तोडफोड़ और दंगे जैसी घटनाओं में क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो साधारण बीमा कंपनियाँ आपको इस नुकसान के लिए अलग से बीमा कवर उपलब्ध कराएँगी। हक़ीकत में बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (Insurance Regulatory and Development Authority) यानी IRDA ने ही बीमा कंपनियों को 1 सितंबर से इस नियम को लागू करने को कहा था। इरडा भारत सरकार का एक प्राधिकरण है। इसका उद्देश्य बीमा धारकों के हितों कि रक्षा करना, बीमा उद्योग का क्रमबद्ध विनियमन, संवर्धन तथा संबधित व आकस्मिक मामलों पर कार्य करना है। मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 में शामिल किए गए उपबंध 63 के तहत यातायात नियमों को तोड़ने पर भारी-भरकम जुमाना देना होगा। इतना ही नहीं, तेज गति से या शराब पीकर गाड़ी चलाने और ओवरलोडिंग करने पर निर्धारित जुर्माने में भी वृद्धि की गई है। सरकार ने दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान करने और वहाँ सुधार के लिए 14,000 करोड़ रुपये की परियोजना भी तैयार की है।

एसबीआई उपभोक्ताओं को मिलेगी यह सौगात

1 सितंबर से ही भारतीय स्टेट बैंक (STATE BANK OF INDI) यानी SBI भी अपने कामकाज के तरीके में फेरबदल करने जा रहा है, जिससे उसके करोड़ों ग्राहकों को लाभ होगा। दरअसल एसबीआई 1 सितम्बर 2019 से अपने पुराने ग्राहकों के होम या ऑटो लोन को रेपो रेट से लिंक करने जा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये रेपो रेट किस चिड़िया का नाम है और इससे फायदा होगा या नुकसान ? तो आपको बता दें कि जब भारतीय रिज़र्व बैंक (RESERVE BANK OF INDI)यानी RBI किसी कॉमर्शियल बैंक को पैसे उधार देता है, तो उसे रेपो रेट कहा जाता है। जब रेपो रेट बढ़ती है, तो ब्याज दर में भी वृद्धि होती है। इसी रेपो रेट में में कमी आती है, तो ब्याज दर में कटौती हो जाती है। आरबीआई 1 सितम्बर से अपने लोन्स को रेपो रेट से लिंक करने जा रहा है। इस नियम के लागू होने के बाद जब भी आरबीआई रेपो रेट में कटौती करेगा, तब एसबाई ग्राहकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। एसबीआई की तरह ही अन्य सरकारी बैंक भी आने वाले दिनों में इस नियम को लागू करने की योजना बना रहे हैं। इतना ही नहीं 59 मिनट में होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन लेने की सुविधा भी शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा बैंको के खुलने और बंद होने के समय में भी परिवर्तन किया जाएगा।

आईटीआर के ‘आलसियों’ के पास चंद घण्टे

भारत में नौकरी, कारोबार या पेशे से आमदनी वाले हर व्यक्ति के लिएआयकर रिटर्न (INCOME TAX RETRUN) यानी ITR फाइल करना जरूरी है। वैसे आईटीआर फाइल करनी की अंतिम तिथि 31 जुलाई होती है, परंतु हर बार की तरह इस बार भी सरकार ने इस अवधि को एक माह बढ़ा कर 31 अगस्त किया था। अब चूँकि यह डेडलाइन समाप्त होने में कुछ ही घण्टे शेष हैं, अत: जो लोग अब तक आईटीआर फाइल नहीं कर सके हैं, उनके पास यह अंतिम अवसर होगा। सरकार ने साथ ही टैक्स नियमों में एक बड़ा बदलाव करते हुए पुराने टैक्स के मामलों को निपटाने के लिए एक स्कीम भी लॉन्च कीहै, जिसके मुताबिक बकाया टैक्स चुकाने पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि ब्याज और पैनल्टी में छूट मिलेगी। यदि 31 अगस्त से पहले आप इस योजना का लाभ उठाते हैं, तो आप पैनल्टी से बच जाएँगे।

आईटीआर से जुड़े नियम और दंड क्या हैं ?

31 जुलाई 2019 के बाद आईटीआर फाइल करने पर 5 हजार रुपए जुर्माना देना होगा, परंतु अधिक जुर्माने से बचने के लिए आपको यह काम 31 दिसम्बर, 2019 तक कर लेना होगा, क्योंकि इसके बाद आईटीआर फाइल करने पर दंड दुगुना यानी 10 हजार हो जाएगा। सरकार के नियम के अनुसार 1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2020 तक रिटर्न फाइल करने पर 10 हजार रुपए जुर्माना भरना पड़ेगा। छोटे टैक्स पेयर्स, जिनकी आय 5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं है, को अधिकतम लेट फीस 1 हजार रुपए देनी होगी। 60 साल से अधिक आयु के लोगों यानी वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 3 लाख रुपए है और 80 साल से अधिक आयु के लोगों के लिए 5 लाख रुपए है। कंपनी और फर्म के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 30 सितंबर, 2019 है। जिन लोगों को सेक्शन 92ई के तहत रिपोर्ट जमा करनी होती है, उनके लिए आखिरी तारीख 30 नवंबर 2019 है।

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