धर्म-संप्रदाय-जाति की राजनीति पर भारी मोदी का ‘सबका साथ-सबका विकास’

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कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2019 के लोकसभा चुनाव में हराने के लिये जहाँ जाति-पाँति और धर्म-संप्रदाय का गुणा-भाग करते रहे, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी जनता जनार्दन की सेवा-पूजा में लगे रहे यानी कि ‘सबका साथ सबका विकास’ के संकल्प को साकार करने में जुटे रहे। यही कारण है कि अब लोकसभा चुनाव में मोदी का विकास मंत्र विरोधियों पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। आइये जानते हैं मोदी की सबका साथ सबका विकास परिकल्पना को साकार करने वाली कुछ योजनाओं के बारे में…

सौभाग्य से हुआ घर-घर रोशन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता की बागडोर सँभालने के साथ ही अँधेरों में डूबे घरों और गाँवों को रोशन करने की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में प्रयास शुरू किये और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना यानी ‘सौभाग्य’ लागू की। इस योजना के तहत मोदी सरकार ने गाँव-गाँव तक बिजली पहुँचाई और हर घर को रोशन किया। मोदी के सत्ता में आने से पहले देश के जो 18,000 गाँव अँधकार में डूबे हुए थे वह गाँव अब रोशनी से जगमगा रहे हैं। इस योजना के तहत मोदी सरकार ने गरीब लोगों को मुफ्त बिजली कनेक्शन भी दिये और कुछ जरूरतमंद लोगों को मात्र 500 रुपये के सामान्य शुल्क पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया। 500 रुपये भी 10 आसान किश्तों में चुकाने की सुविधा दी। इस योजना ने मोदी सरकार के ‘सबका साथ सबका विकास’ की परिकल्पना को साकार किया, क्योंकि इसमें किसी के साथ भी जाति-पाँति, धर्म-संप्रदाय का कोई भेदभाव नहीं किया गया और सभी को समान लाभ दिया गया।

खाद्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया

‘सबका साथ सबका विकास’ के संकल्प के साथ काम कर रही मोदी सरकार ने देश के सभी 36 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में खाद्य सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे देश के लगभग दो तिहाई लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।

शिशु-मातृ मृत्यु दर पर अंकुश लगाया

मोदी सरकार ने मिशन इन्द्रधनुष के अंतर्गत देश के 528 जिलों में सघन टीकाकरण अभियान चलाकर अब तक लगभग साढ़े चार करोड़ बच्चों तथा 85 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया। इस कार्यक्रम के फल स्वरूप बाकी दुनिया के मुकाबले भारत में शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी आई है।

सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण

मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिये 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की। इसमें सभी जाति-पाँति और धर्म-संप्रदाय को शामिल किया गया है। इस व्यवस्था को लागू करते समय भी इस बात का विशेष ध्यान रखा कि पहले से आरक्षण का लाभ पा रहे जाति-धर्म-संप्रदाय के कोटे के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की।

किसान सम्मान निधि योजना

पीएम मोदी ने किसानों की लंबे अर्से से की जा रही माँग को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की। इस योजना में 5 एकड़ तक कृषि भूमि वाले किसानों को वार्षिक 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना में देश के लगभग 12 करोड़ किसानों को सम्मिलित किया गया है। अब यदि मोदी सरकार की सत्ता में वापसी होती है तो इस योजना में देश के सभी 14 करोड़ किसानों को लाभ देने की घोषणा की गई है।

श्रमयोगी मान धन योजना

पीएम मोदी ने 2019 के पूरक बजट के समय असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले देश के लगभग 40 करोड़ श्रमिकों के लिये प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान धन योजना लागू की है। इसके तहत 60 वर्ष के बाद इन श्रमिकों को 3,000 रुपये की मासिक पेंशन की सुविधा दी जा रही है।

हुनर से हाट तक

कम पढ़े लिखे तथा ग्रामीण युवाओं के कौशल में विकास करके उन्हें रोजगार दिलाने में मदद करने के लिये मोदी सरकार ने कौशल विकास योजना लागू की है। इस योजना के तहत युवाओं को 40 से अधिक तकनीकी क्षेत्रों का 3, 6, 12 महीने का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार दिलाने के लिये देश भर में हुनर हाट आयोजित किये जाते हैं। इनके माध्यम से इन युवाओं को विविध कंपनियों में रोजगार दिलाने में मदद की जाती है। इस योजना से युवाओं को घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिलाना और सम्मानजनक रोजगार दिलाना है।

इस प्रकार मोदी सरकार गर्भवती महिलाओं से लेकर नवजात शिशु, बालकों, युवाओं, वृद्धों, गरीबों और किसानों तथा श्रमिकों से लेकर प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिये काम कर रही है। हर वर्ग के लिये काम करके सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ की परिकल्पना को साकार कर रही है।ोजगार के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

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