क्या आप ‘तांत्रिक’ बनना चाहते हैं, तो ऐसे शुरू करें करियर ?

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 25 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। शीर्षक पढ़ कर आश्चर्य चकित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पूर्णतः सत्य है। अब आपके लिये ’तांत्रिक’ बन कर बिल्कुल नये क्षेत्र में करियर शुरू करने का मौका है। हाल ही में संस्कृत विभाग में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर विरोध का सामना करने वाले वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में पहली बार ‘भूत विद्या’ का सर्टिफिकेट कोर्स (CERTIFICATE COURSE) पढ़ाने की तैयारी गई है। जनवरी-2020 से ही इस कोर्स में प्रवेश भी शुरू किया जा रहा है। छह महीने के इस सर्टिफिकेट कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद आपको उत्तीर्ण होने पर प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिसके आधार पर आप भूत भगाने की अपनी प्रैक्टिस शुरू कर सकेंगे।

बीएचयू एक आयुर्वेद संकाय में पढ़ाया जाएगा भूत विद्या कोर्स

‘भूत विद्या कोर्स’ को लेकर आपके मन में कुछ और प्रश्न उठें, उससे पहले ही हम स्पष्टता कर देना चाहते हैं कि बीएचयू के पाठ्यक्रम में जो ‘भूत विद्या कोर्स’ जुड़ने जा रहा है, वह वास्तव में आयुर्वेद संकाय में ‘भूत विद्या’ अर्थात् ‘साइंस ऑफ पैरानॉर्मल (SCIENCE OF PARANORMAL)’ का कोर्स है। छह महीने का यह सर्टिफिकेट कोर्स नये साल के पहले महीने जनवरी से ही शुरू हो रहा है। दरअसल, भारत सहित दुनिया के कई देशों में भूत-प्रेत का अस्तित्व होने की मान्यता प्रचलित है। हालाँकि विज्ञान भूत-प्रेत के अस्तित्व को पूरी तरह से नकारता है और वह भूत-प्रेत के अस्तित्व को व्यक्ति की मानसिक कल्पना, भय और रोग का प्रभाव मानता है। विज्ञान इसे विशेष कर मानसिक बीमारी यानी ‘साइकोसोमैटिक (PSYCHOSOMATIC)’ का असर मानता है। इसीलिये बीएचयू में अष्टांग आयुर्वेद की 8 शाखाओं में से एक गृह चिकित्सा में भूत विद्या का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। यहाँ से सर्टिफिकेट प्राप्त करके छात्र समाज में प्रैक्टिस (PRACTICE) करके सामान्य लोगों के मन से भूत-प्रेतों और ग्रहों आदि के बारे में फैली भ्राँतियों को दूर कर सकेंगे और प्राचीन चिकित्सा पद्धति को विज्ञान से जोड़ते हुए ऐसे रोगियों का उपचार कर सकेंगे।

छह महीने में उत्तीर्ण होकर बन जाएँगे आधुनिक तांत्रिक

दूसरे शब्दों में कहें तो जैसे भूत-प्रेत का असर होने के संदेह पर भूत भगाने के लिये लोग तांत्रिकों के पास जाते हैं, वैसे ही बीएचयू से सर्टिफिकेट लेकर निकलने वाले छात्र आधुनिक और वैज्ञानिक तांत्रिक कहलाएँगे। सामान्य भाषा में वे भी मानसिक रोग को दूर करने वाले चिकित्सक ही हैं। चूँकि सामान्य प्रजा में भूत भगाने का काम करने वाले लोगों को तांत्रिक के रूप में पहचाना जाता है। इसलिये संभव है कि इन आधुनिक चिकित्सकों को भी समाज में आधुनिक तांत्रिक की संज्ञा दी जा सकती है।

दो विभाग में पढ़ाया जाएगा कोर्स

बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के सूत्रों के अनुसार साइंस ऑफ पैरानॉर्मल का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने वाला यह पहला संकाय और पहला विश्वविद्यालय है। इस संकाय में भूत विद्या के लिये एक स्वतंत्र इकाई तैयार की गई है। इसमें भूत विद्या पर शोध करने वाले प्रो. वीके द्विवेदी (PRO. VK DWIVEDI) के नेतृत्व में सिलेबस (SYLLABUS) तैयार किया गया है। नये कोर्स में ‘भूत विद्या की अवधारणा’ और ‘भूत विद्या का उपचारात्मक पहलू’ नामक दो पेपर होंगे। भूत विद्या की अवधारणा में परिभाषा, अनेक अर्थ, ऐतिहासिक महत्व, जनता में सामान्य ज्ञान और आयुर्वेद में भूत विद्या की भूमिका के पाठ होंगे, जबकि उपचारात्मक पहलू में चिकित्सा के प्रकार, ग्रहों की प्रकृति, उपसर्ग की काय-चिकित्सा के पाठ शामिल होंगे। इस नये कोर्स की पढ़ाई नये साल के पहले महीने से शुरू होगी, जिसके लिये प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयुर्वेद संकाय में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थी इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। देश में जिस तरह से भूत-प्रेतों के बारे में अंधविश्वास फैला हुआ है, उसे देखते हुए इस कोर्स के बाद प्रैक्टिस शुरू करने वालों के लिये इस क्षेत्र में करियर अत्यंत उज्जवल दिखाई देता है।

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