कौन हैं डीके शिवकुमार, जिनकी गिरफ्तारी ने मचा दिया दिल्ली से कर्नाटक तक कोहराम ?

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 4 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। कर्नाटक में बुधवार को कांग्रेस के बंद के दौरान भारी कोहराम मचा। कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और जमकर तोड़फोड़ मचा रहे हैं। बसों पर पथराव और आगजनी की वारदात के कारण प्रदेश में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। वहीं स्कूल-कॉलेज बंद रखे गये हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिये बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक टीम की भी तैनाती की गई है। यह सब कांग्रेस के एक स्थानीय दिग्गज नेता डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी की वजह से हो रहा है।

कौन हैं डीके शिवकुमार, क्यों हुई गिरफ्तारी ?

डीके शिवकुमार कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वह कांग्रेस के लिये संकटमोचक की भूमिका निभाते हैं। वह डीके के नाम से कांग्रेस में कर्नाटक से दिल्ली तक मशहूर हैं। उन्हें रिजॉर्ट पॉलिटिक्स का जनक भी कहा जाता है। पार्टी में शिवकुमार का कद तब बढ़ गया जब इसी साल मई में प्रदेश में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार न बनने के बावजूद दोनों पार्टियों का गठबंधन बचा रहा। उन्होंने न सिर्फ गठबंधन को बचाया, बल्कि भाजपा से अपने विधायकों को भी बचाया। शिवकुमार के साथ काम करने वाले कांग्रेस के चुनाव प्रचार समिति के महासचिव रहे मिलिंद धर्मसेना के अनुसार जिस क्षेत्र की उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाती है, उस क्षेत्र के लिये वह जमकर होमवर्क करते हैं। शिवकुमार प्रदेश में पार्टी की ताकत और कमजोरी दोनों को जानते-समझते हैं और इसके बाद जिम्मेदारियाँ बाँटते हैं। जब प्रदेश में कांग्रेस-जेडीएस सरकार आखिरी साँसें ले रही थी और पार्टी के 14 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, तब डीके ने पार्टी की राजनीतिक ज़मीन बचाए रखने के लिये विधायकों के इस्तीफे फाड़ दिये थे। इस्तीफे फाड़े जाने को लेकर शिवकुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा क्यों नहीं करना चाहिये ? उन्हें शिकायत दर्ज कराने दीजिये, यदि वो मुझे सलाखों के पीछे धकेलना चाहते हैं तो मैं तैयार हूँ। मैंने बहुत बड़ा रिस्क लिया है। कर्नाटक में राजनीतिक उठापटक के बीच एक ऐसा भी समय आया था जब कई विधायक मुंबई के होटल में पहुँच गये थे। तब शिवकुमार उन्हें मनाने के लिये गये थे, जहाँ मुंबई पुलिस ने उन्हें पवई स्थित होटल के बाहर से हिरासत में ले लिया था। शिवकुमार की तमाम कोशिशों के बावजूद बागी विधायकों ने गठबंधन को खत्म करके प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाने में मदद की।

शिवकुमार ने गुजरात के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल को जिताने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस जीत में शिवकुमार काफी चर्चा में रहे। इस जीत के बाद वह कांग्रेस आलाकमान के काफी निकट आ गये थे। इस प्रकार हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक डीके शिवकुमार कांग्रेस के लिये चुनावी चाणक्य हैं, तो पार्टी को संकट से उबारने वाले संकटमोचक भी हैं। वह पार्टी के लिये फंड जुटाने के साथ-साथ सभाओं में भीड़ जुटाने का भी काम करते हैं। 2018 में कर्नाटक में हुए 3 लोकसभा और 2 विधानसभा सीटों के उपचुनाव परिणामों ने भी साबित किया कि डीके शिवकुमार कांग्रेस के चुनावी चाणक्य हैं। शिवकुमार ने बेल्लारी लोकसभा सीट और रामनगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस को जीत दिलाई और पार्टी में अपनी जगह मजबूत की। खासकर बेल्लारी सीट पर शिवकुमार का ही कमाल था कि कांग्रेस ने 14 साल बाद यहाँ जीत का स्वाद चखा था।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने किया गिरफ्तार

मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) दिल्ली में 4 दिन से डीके शिवकुमार से पूछताछ कर रहा था और मंगलवार रात उसने डीके को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के लिये जब गणेश चतुर्थी के दिन वह ईडी दफ्तर जा रहे थे, तो रो पड़े थे। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने ट्वीट करके अपनी गिरफ्तारी को बदले की कार्यवाही करार दिया। उन्होंने ट्वीट करके लिखा, ‘मैं अपने भाजपा के मित्रों को बधाई देता हूँ कि उन्होंने मुझे गिरफ्तार करने के मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। मेरे खिलाफ आईटी और ईडी केस राजनीति से प्रेरित हैं। मैं बीजेपी की बदले की कार्यवाही का शिकार हूँ।’

कांग्रेस ने भी शिवकुमार की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने भी ट्वीट करके सत्तारूढ़ सरकार पर जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल करके विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया है।

शिवकुमार के खिलाफ क्या हैं आरोप ?

उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग ने आर्थक घटनाओं के लिये विशेष कोर्ट में की गई शिकायत में कहा है कि शिवकुमार ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी को बेहिसाब धन दिया है। आयकर विभाग ने कहा कि, ‘1 जनवरी-2017 को वी. मुलुकुंड ने एआईसीसी ऑफिस में खुद 3 करोड़ रुपये की डिलिवरी की। शिवकुमार और सुनील शर्मा के निर्देश पर इस कैश की डिलिवरी की गई थी।’ आईटी विभाग ने शिवकुमार तथा सुनील शर्मा के विरुद्ध दर्ज शिकायत में नियमित तौर पर हवाला कारोबारियों के जरिए हवाला चैनल के माध्यम से बड़ी संख्या में पैसा लगाने की जानकारी दी है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। ईडी ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शिवकुमार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए)-2002 का उल्लंघन करते हुए हवाला लेन-देन में शामिल होने का आरोप लगाया है। शिवकुमार 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से ही आयकर विभाग और ईडी के रडार पर हैं। उनके नई दिल्ली स्थित फ्लैट से दो अगस्त-2017 को आयकर विभाग की तलाशी के दौरान 8.59 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई थी। इसके बाद आयकर विभाग ने शिवकुमार व उनके चार सहयोगियों के खिलाफ आयकर अधिनियम 1961 की धारा 277 और 278 के तहत तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120(बी), 193 और 199 के तहत आरोप दर्ज किये थे। आयकर विभाग के आरोप-पत्र के आधार पर ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।

डीके शिवकुमार को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उनके वकील उनकी जमानत के लिये कोर्ट में अपील दाखिल करेंगे। इस बीच दिल्ली स्थित ईडी के दफ्तर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठे हुए हैं और गिरफ्तारी का विरोध जता रहे हैं। उधर कर्नाटक में मंगलवार रात से ही कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हुए हैं।

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