मथुरा में शरद पूर्णिमा महोत्सव

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हिंदू धर्म में अश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस साल 20 अक्टूबर के दिन शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। शरद पूर्णिमा को राज पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का काफी महत्व है। श्री बांके बिहारी मंदिर के मुख्य सेवादार अनंत गोस्वामी जी महाराज ने बताया कि साल में से सिर्फ शरद पूर्णिमा के ही दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। मान्यता है कि इस दिन आसमान से अमृत की वर्षा होती है। इस दिन चंद्रमा की पूजा की जाती है। कहते हैं कि इस दिन से सर्दियों की शुरुआत हो जाती है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा धरती के सबसे करीब होता है। 

इसी उपलक्ष्य में बांके बिहारी मंदिर संगम राधा कुंड गोवर्धन, मथुरा में शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया जा रहा है, जो कि 20 अक्टूबर शाम 8:00 से हरि इच्छा तक होगा। इस महोत्सव में श्री विवेक मेहता जी अपने भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

 शरद पूर्णिमा के विशेष अवसर पर उज्जैन से श्री सोनू महाराज जी उपस्थित होंगे।

 इसी अवसर पर सोनू महाराज जी ने बताया कि इसी दिन देवी लक्ष्मी की समुद्र मंथन से उत्पत्ति हुई थी, इसलिए इस दिन को  धन दायक माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस तिथि को देवी लक्ष्मी धरती पर विचरण करती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है।

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