कांग्रेस में शत्रुघ्न की ‘एंट्री’ नहीं, ‘डिलीवरी’ हुई है, क्योंकि शत्रुघ्न कांग्रेस के ‘गर्भ’ में तो बहुत पहले ही प्रवेश कर चुके थे

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भारतीय जनता पार्टी (BJP-भाजपा) से 30 वर्षों तक जुड़े रहे और दो बार सांसद चुने गए शत्रुघ्न सिन्हा अब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। रणदीप सुरजेवाला ने शत्रुघ्न को कांग्रेस में शामिल कराया, परंतु क्या शत्रुघ्न की कांग्रेस में आज एन्ट्री हुई है ?

इस प्रश्न के उत्तर में जाएँ, तो उत्तर यही मिलेगा कि शत्रुघ्न की कांग्रेस में एन्ट्री भले ही आज हुई हो, लेकिन वह एन्ट्री नहीं, बल्कि डिलीवरी हुई है। दरअसल शत्रुघ्न सिन्हा नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के कर्ता-धर्ता बनने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों से लगातार पार्टी लाइन से हट कर बयानबाजियाँ करके कांग्रेस की भाषा बोल रहे थे। ऐसे में वे कांग्रेस के गर्भ में तो बहुत पहले ही दाखिल हो चुके थे। आज तो उनकी कांग्रेस में डिलीवरी हुई है। मोदी की सीधी आलोचना न करते हुए बार-बार उनके नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा हर बार मोदी की परोक्ष आलोचना करते रहे। उन्होंने यशवंत सिन्हा जैसे नेताओं के साथ मंच साझा किया। हर मोर्चे पर विपक्षी नेताओं की भाषा बोलने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने मोदी-शाह के गृह राज्य में भूख हड़ताल पर बैठे हार्दिक पटेल के पंडाल में भी जाकर मोदी विरोधी ज़हर उगलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में पार्टी उन्हें कैसे बर्दाश्त करती। सिन्हा पार्टी से निकाले जाने की प्रतीक्षा रही, परंतु पार्टी ने उन्हें नज़रअंदाज करना शुरू किया और यहाँ तक किया कि इस बार पटना साहिब से उन्हें टिकट तक नहीं दिया। भाजपा ने केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को टिकट दिया है। अब शत्रुघ्न और रविशंकर प्रसाद के बीच पटना साहिब में सीधा मुकाबला होगा।

क्यों परेशान थे शत्रुघ्न ?

कहते हैं कि शत्रुघ्न सिन्हा को मोदी और शाह के नेतृत्व वाली भाजपा में वह मान-सम्मान नहीं मिल रहा था, जिसकी वे चाहत रखते थे या यूँ कहें कि वे स्वयं को जिसके योग्य और अधिकारी समझते थे। न बिहार में सिन्हा को भाजपा ने भाव दिया और न ही केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी। भाजपा की इस बेरुखी से शत्रुघ्न परेशान थे और इसीलिए वे धीरे-धीरे पार्टी में रह कर पार्टी के शत्रु बन गए।

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