यदि CORRUPTION के विरुद्ध ACTION पर जूते पड़ें, तो ये जूते अच्छे हैं जी…

राजनीति में जूता कांड कोई नई बात नहीं है। नेताओं पर जूते पड़ने का पुराना इतिहास रहा है, परंतु हम यहाँ ताज़ा जूता कांड पर चर्चा कर रहे हैं। दरअसल गुरुवार को लोकसभा चुनाव का दूसरा चरण था, मतदान केन्द्र पर मत देने पहुँचे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भोपाल में कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के विरुद्ध भाजपा की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उम्मीदवारी पर सवाल उठाया तो देखते ही देखते यह मुद्दा मीडिया में चर्चा का विषय बन गया। भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर स्पष्टता करने के लिये पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी दौरान वहाँ पहुँचे एक शख्स ने जूता निकाल कर भाजपा प्रवक्ता पर फेंका। यह दृश्य देखकर सब दंग रह गये। हालाँकि तुरंत इस शख्स को दबोच लिया गया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

जब पूछताछ में इस व्यक्ति का परिचय सामने आया तो उसके द्वारा भाजपा नेता पर जूता फेंकने का कारण भी स्पष्ट हो गया। दरअसल यह व्यक्ति कानपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला एक प्रतिष्ठित व्यक्ति है। इसका नाम डॉ. शक्ति भार्गव सामने आया है। यह वही शख्स है, जिसके यहाँ 2016 में केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के छापे पड़े थे और उसकी सम्पत्ति सीज कर दी गई थी। इतना ही नहीं, इस व्यक्ति का अपना परिवार भी उसके विरुद्ध हो गया था और उसे अदालत में घसीट ले गया था। इसलिये भाजपा नेता पर जूता फेंकने को इस व्यक्ति की खीज के नतीजे के रूप में देखा जा रहा है।

2014 में केन्द्र की सत्ता में आने के बाद से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया था। ऐसे ही एक मामले में कानपुर के प्रतिष्ठित डॉ. शक्ति भार्गव भी सीबीआई के हत्थे चढ़ गये थे। डॉ. शक्ति भार्गव ने ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन (BIC) के 500 करोड़ के तीन बेशकीमती बंगलों को औने-पौने दामों में यानी कि 11.5 करोड़ रुपये में खरीद लिया था। ये बंगले खरीदने के बाद वे न सिर्फ वह सीबीआई के हत्थे चढ़ गये बल्कि उनके घर में भी गृह युद्ध छिड़ गया था। नतीजतन डॉ. शक्ति भार्गव भाजपा शासन से इतने खिन्न हैं कि इसी खीज में आकर उन्होंने इस नये जूता कांड को अंजाम दिया।

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