Shopian Firing Case में नया मोड़, मेजर आदित्य के पिता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

Shopian Firing Case

जम्मू कश्मीर के शोपियां में बीते दिनों सेना के जवानों द्वारा की गई फायरिंग का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। दरअसल Shopian Firing Case में आरोपी बनाए गए मेजर आदित्य के पिता ने अपने बेटे के खिलाफ हुई FIR को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि फायरिंग मामले में जम्मू कश्मीर पुलिस ने सेना के जवानों को नामजद करते हुए एक FIR दर्ज की है।

क्या है याचिका में

मेजर आदित्य के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल कर्मवीर सिंह द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि “घटना के समय सेना के जवान पूरी ईमानदारी और शांति से अपनी ड्यूटी कर रहे थे, लेकिन लोगों की भीड़ द्वारा उनपर पथराव करने के बाद सेना के जवानों ने अपने बचाव में कानून के अनुसार ही कारवाई की।”

याचिका में कहा गया है कि “कश्मीर में हिंसक भीड़ आए दिन सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाती रहती है, यहां तक कि यह भीड़ सरकारी कर्मियों को जान से मारने पर उतारु हो जाती है।” एडवोकेट एश्वर्य भाटी द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि “शोपियां मामले में सैनिकों के खिलाफ FIR को जिस तरह से राजनैतिक पार्टियां और प्रशासन के उच्च अधिकारी बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि जैसे कश्मीर में हालात काफी तनावपूर्ण हैं।”

Shopian Firing Case

सेना भी जवानों के साथ

उल्लेखनीय है कि Shopian Firing Case में सेना ने भी अपने जवानों का पक्ष लिया है और सेना के काफिले पर पथराव करने की घटना की निंदा की थी। जम्मू कश्मीर में जहां पीडीपी और नेकां पार्टियां सेना के जवानों के खिलाफ कारवाई की मांग कर रही है, वहीं सत्तारुढ़ भाजपा भी सेना के जवानों के साथ खड़ी है।

क्या है Shopian Firing Case

बता दें कि जनवरी माह में जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में सेना की 10 गढ़वाल राइफल्स बटालियन के काफिले पर 200-250 लोगों की भीड़ ने अचानक हमला बोल दिया था। इस दौरान हिंसक भीड़ सेना के काफिेले पर पथराव कर रही थी। इस पर सेना ने अपने बचाव में भीड़ पर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में 3 लोगों की मौत हो गई, वहीं पथराव में सेना के 7 जवान घायल हो गए। इसके बाद इस मामले में सेना के जवानों के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस ने FIR दर्ज की है। इसी FIR के विरोध में आरोपी मेजर आदित्य के पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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