सर्दी के कारण बांके बिहारी मंदिर में बदला दर्शन का समय-मंदिर के मुख्य सेवायत अनंत गोस्वामी जी

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मंदिर सेवायत अनंत गोस्वामी जी ने बताया सर्दी के मौसम में वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन का समय बदल गया है। वही ठाकुर जी को शीत ऋतु से बचाने के लिए बिहार पंचमी से गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का प्रसाद लगाया जाएगा, साथ ही सुबह एवं रात्रि के समय ठाकुर जी की केसर एवं हिना के इत्र से मालिश की जाएगी। बता दें कि दीपावली की भाई दूज के बाद शरद ऋतु की शुरुआत होते ही ठाकुर जी के दर्शन के समय में बदलाव कर दिया जाता है, जिसमें ठाकुर जी सुबह 8:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक भक्तों  को दर्शन देते हैं। शृंगार आरती 8:55 बजे एवं राजभोग आरती 12:55 बजे होती है, वही साईं कालीन सेवा में शाम 4:30 बजे से 8:30 बजे तक ठाकुर जी के पट खुलते हैं। रात्रि 8:25 बजे शयन आरती के बाद ठाकुर जी रात्रि विश्राम के लिए चले जाते हैं। मंदिर सेवायत अनंत गोस्वामी जी ने बताया कि शरद पूर्णिमा से ठाकुर बांकेबिहारी के भोग प्रसाद और पोशाक बदली गई थीं। सर्दी को देखते हुए थोड़े गर्म पदार्थ और पंचमेवा ठाकुर जी को भोग प्रसाद में दिए जा रहे थे, लेकिन भैया दूज से यह व्यवस्था और परिवर्तित हो गई है।

शरद ऋतु में ठाकुर जी को सर्दी से बचाने के लिए बिहार पंचमी से तरह-तरह के गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ प्रसाद के रूप में निवेदित किए जाते हैं। जिसमें केसर, बादाम, काजू पिस्ता आदि मेवो से युक्त  प्रसाद लगाया जाता है। साथ ही ठाकुर जी को सुबह केसर एवं हिना के इस तरह से मालिश कर यमुना जल, गुलाब जल एवं केसर डालकर स्नान कराया जाता है। इसके बाद उन्हें केसर, हिना के इत्र की मालिश की जाती है। उन्होंने बताया कि दोपहर में राजभोग आरती के बाद विश्राम के समय एवं रात्रि में शयन आरती के बाद ठाकुर जी की इसी तरह केसर एवं हिना के इत्र से मालिश की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि शरद ऋतु में ठाकुर जी की सेवा का यह क्रम बिहार पंचमी से होली तक जारी रहता है। वही अधिक सर्दी होने पर ठाकुर जी के सक्षम अंगीठी भी रखी जाती है। 

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