सकुशल होने का संदेश भेजने के लिये सैनिक ने अपनाया ऐसा तरीका, जानकर आप भी करेंगे जज्बे को सलाम

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 17 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। जम्मू कश्मीर में धारा 370 खत्म होने के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के बीच कानून-व्यवस्था की रखवाली के लिये वहाँ सेना और अर्द्ध सैनिक बलों की लाखों की तादाद में तैनाती की गई है। वहाँ परिस्थितियों को नियंत्रित रखने के लिये एसएमएस और इंटरनेट जैसी सेवाएं अभी भी पूरी तरह से बहाल नहीं हुई है। अफवाहें और भड़काऊ संदेशों के प्रचार को रोकने के लिये सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। ऐसे में वहाँ ड्यूटी पर तैनात सैनिकों के लिये भी यह नियम लागू होता है कि उन्हें दिये गये मोबाइल फोन का उपयोग सैनिक अपने परिवार से बातचीत करने के लिये नहीं कर सकते। ऐसे में सैनिकों के परिवारजनों को अपने नौनिहालों की कुशलता और सुरक्षा को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है। सैनिकों के सामने भी बड़ी चुनौती है कि तमाम पाबंदियों के बीच वे अपनी कुशलता का संदेश अपने परिवार तक कैसे पहुँचाएँ, ताकि परिवारजनों की चिंता दूर हो सके। ऐसे में अर्द्ध सैनिक बल के एक जवान ने अपने परिवार तक अपनी कुशलता का संदेश पहुँचाने का जो नायाब तरीका अपनाया, वह सचमुच काबिले तारीफ है। इस सैनिक ने देश सेवा के साथ-साथ अपने पारिवारिक दायित्व को निभाने का जो जज्बा दिखाया है, उसे जान कर कोई भी व्यक्ति इस जवान को सलाम करने से खुद को रोक नहीं पाएगा।

सैनिक ने एटीएम मशीन को बनाया संदेशवाहक

जम्मू कश्मीर में तैनात अर्द्ध सैनिक बल का एक जवान (नाम जाहिर नहीं कर सकते) अपने खाते से पैसा निकालने के लिये प्रति दिन एक एटीएम में आता था। प्रति दिन आने से एटीएम में तैनात सुरक्षा गार्ड भी उसे पहचान गया था, परंतु सुरक्षा गार्ड इस जवान की प्रतिदिन एटीएम से पैसे निकालने की बात से हैरान भी था। कुछ दिन तक तो यह सिलसिला चलता रहा, परंतु एक दिन सुरक्षा गार्ड से नहीं रहा गया तो उसने जवान से पूछ ही लिया कि जब वह एक साथ पैसा निकाल सकता है तो फिर प्रति दिन 100 रुपये क्यों निकालता है। यदि एक साथ पैसा निकाल ले तो उसे हर रोज एटीएम में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

तब जवान ने उसे जो जवाब दिया, उसे सुन कर वह हैरान रह गया। जवान ने कहा कि उसके बैंक खाते में जो मोबाइल नंबर दर्ज है, वह उसकी पत्नी के पास है। अभी जब घाटी में एसएमएस और इंटरनेट की सेवा बंद है तथा वह अपने ड्यूटी वाले मोबाइल से घर पर फोन या मैसेज नहीं कर सकता है, तो उसके पास घर वालों को अपनी कुशलता का समाचार पहुँचाने का एक मात्र उपाय यही है, जो वो अपना रहा है। वह हर रोज एटीएम से पैसे निकालता है और घर पर उसकी पत्नी के पास मोबाइल में पैसे निकाले जाने का संदेश पहुँचता है, जिससे परिवार आश्वस्त रहता है कि उनका बेटा सकुशल है।

जवान की बात सुन कर सुरक्षा गार्ड भी उसके जज्बे को सलाम करने लगा। इस प्रकार इस जवान ने अन्य लोगों के लिये भी एक मिसाल पेश की है। घाटी में ऐसे समय जब हर नागरिक, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और जवान आदि एसएमएस और इंटरनेट सेवा बहाल होने की राह देख रहे हैं। इस जवान से संदेश पहुँचाने का यह विकल्प आजमा सकते हैं।

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