राफेल पर ‘नरो वा कुंजरो वा’ : SC के निर्णय में न ‘चौकीदार’ चोर है, न ‘चौकीदारी’ करने वालों के लिए शोर है

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्रथम चरण के मतदान से ऐन 24 घण्टे पहले आये राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट (SC) के निर्णय से चुनावी सरगर्मी के बीच कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी फ्रंटफुट पर, तो भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बैकफुट पर आ गये। राहुल गांधी ने कोर्ट का निर्णय जाने-पढ़े बिना पीएम नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलने में देर नहीं की, ‘सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि चौकीदार चोर है, चौकीदार ने चोरी कराई है।’ सरकार विरोधी अन्य राजनीतिक दलों ने भी मोदी पर तीखे वार किए। दूसरी तरफ भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय और भाजपा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राफेल डील में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है और वे हर न्यायिक प्रक्रिया से गुज़रने को तैयार हैं।

Rainabasera
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वास्तव में राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राजनीति के चुनावी रण में महाभारत के कुरुक्षेत्र में उत्पन्न हुई ‘नरो वा कुंजरो वा’ वाली स्थिति का निर्माण हुआ है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केवल राफेल डील के उन लीक हुए दस्तावेजों को वैध माना है और उन पर पुनर्विचार करने की तैयारी दिखाई है। इस निर्णय में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि राफेल डील में भ्रष्टाचार हुआ है। यानी राहुल गांधी का यह कहना कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चौकीदार (नरेन्द्र मोदी) चोर है, किसी भी तरह से उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में चौकीदार की चौकीदारी करने का दावा करने वाले राहुल गांधी के लिए शोर मचाने लायक कुछ भी नहीं है।

मोदी को क्लीन चिट बरकरार, पर खतरा मंडराया

यद्यपि सुप्रीम कोर्ट के राफेल डील के लीक दस्तावेजों को वैध मान लेने के साथ ही पीएम मोदी को मिली क्लीन चिट खतरे में पड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से यह मान लेना वाज़िब नहीं होगा कि मोदी को मिली क्लीन चिट वापस ले ली गई है, परंतु हाँ, अब आगे की सुनवाई के दौरान मोदी को मिली क्लीन चिट पर खतरा अवश्य मंडरा रहा है। यद्यपि मोदी सरकार और भाजपा के दावे के अनुसार राफेल डील पारदर्शी है, तो मोदी को क्लीन चिट पर नए सिरे से मजबूत मुहर लगना भी तय है।

राहुल को कहीं भारी न पड़ जाए अपरिपक्वता ?

राहुल गांधी जब से राजनीति में आए हैं, तब से अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता के कई बार उदाहरण पेश कर चुके हैं। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने एससी के निर्णय के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया और साथ ही कहा कि राहुल ने एससी के निर्णय का ग़लत निष्कर्ष निकाल कर अदालत की अवमानना की है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘राहुल गांधी शक्ल और अक्ल दोनों से बेवकूफ हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पढ़े बिना ही कह दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल पर सरकार को दोषी माना। यह तो अदालत की अवमानना है।’ ऐसे में, जबकि मोदी सरकार और भाजपा राफेल डील पर राजनीतिक रूप से बैकफुट पर है, तब राहुल का सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार बना कर झूठी राजनीति करना उन्हें अदालती अवमानना जैसे मामलों में उलझा भी सकता है।

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