ऐसा महादान जो लाखों लोगों के लिए है वरदान

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रतन टाटा…एक ऐसा नाम जिसने बिजनेस किया लेकिन उसूलों के साथ। इस दिवाली रतन टाटा ने देश के लाखों गरीबों और असहाय घरों में खुशियों की बौछार कर दी। रतन टाटा ने दिवाली के अवसर पर गरीबों और लाचार लोगों के लिए 1000 करोड़ रुपए दान दिया है। इस पैसे का इस्तेमाल टाटा ग्रुप के अस्पतालों में किया जाएगा जहां गरीबों को मुफ्त में इलाज मुहैया कराया जाता है।

TATA की बात जुदा है

वैसे तो देश का हर उद्योग घराना सोशल वेलफेयर एक्टिविटी के तहत इस तरह का काम करता है लेकिन रतन टाटा की बात जुदा है। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) हर बिजनेस का कानूनी और अभिन्न हिस्सा है लेकिन टाटा ग्रुप ने इससे इतर सोशल वेलफेयर की दिशा में मिसाल कायम की है।

TMH में गरीब मरीजों का होता है मुफ्त में इलाज

टाटा ग्रुप असम, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और झारखंड में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए 1000 करोड़ की मदद उपलब्ध करवाएगा। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (TMH) कैंसर मरीजों के लिए पहले से ही सराहनीय काम कर रहा है। इस ट्रस्ट की देखरेख खुद रतन टाटा करते हैं। मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में गरीब मरीजों का मुफ्त में इलाज किया जाता है।

TMH में उत्तर भारतीय मरीजों की होती है भीड़

ज्यादातर मरीज जो टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल इलाज के लिए पहुंचते हैं उन्हें सस्ता इलाज तो मिल जाता है लेकिन मुंबई जैसे महंगे शहरों में रहना उनके लिए मुश्किल भरा होता है। यहां पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज उत्तर भारत से आते हैं। उत्तर भारतीयों की इस मजबूरी के चलते रतन टाटा ने फैसला किया कि कैंसर मरीजों का इलाज नजदीकी राज्यों में हो। इसी सोच के साथ पांच राज्यों में हाईटेक कैंसर अस्पताल खोले जाएंगे।

TATA ग्रुप कई नए अस्पताल खोलेगा

असम सरकार के साथ मिलकर रतन टाटा पहले से ही प्रदेश में कैंसर केयर इंस्टीट्यूट के लिए काम कर रहे हैं। राजस्थान में 200 करोड़ की लागत से नए कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जाना है। झारखंड की राजधानी रांची में भी नए कैंसर अस्पताल की नींव रखी जानी है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी स्थित भारतीय रेलवे कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर को एडवांस किया जाएगा। आंध्र प्रदेश के तीरुमाला में भी एक नया कैंसर सेंटर खोला जाएगा।

लाखों लोगों को मिलेगा फायदा

रतन टाटा के महादान की वजह से उत्तर भारत के ज्यादातर कैंसर मरीजों को इलाज के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। वे अपना इलाज आसपास के नजदीकी राज्यों में करवा पाएंगे। रतन टाटा का यह दान लाखों लोगों लोगों के लिए वरदान साबित होगा। जिंदगी बचाने और खुशियां बांटने की दिशा में रतन टाटा का यह कदम बेहद प्रशंसनीय है।

 

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