Electric Cars से चलेगी मोदी सरकार

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Tata Motors Electric Cars TIGOR EV first batch roll out from Sanand plant for Narendra Modi Cabinet

भविष्य में Electric Cars ना केवल विकल्प होगी बल्कि यह हमारी जरूरत भी है। Global Warming की गंभीर समस्या से लड़ने और Cost savings के लिहाज से भी आने वाले दिनों में Clean energy के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की जरूरत है। Clean energy को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार के कई मंत्री और आला अधिकारी 2018 में आपको Electric Cars की सवारी करते दिख सकते हैं। सरकार की तरफ Tata Motors को 10 हजार इलेक्ट्रिक कार बनाने का ऑर्डर दिया गया है। पहले फेज के तहत Tata Motors  की 250  Tata TIGOR EV डिलीवरी के लिए तैयार है।

Tata Motors Electric Cars TIGOR EV first batch roll out from Sanand plant for Narendra Modi Cabinet

2030 में only electric cars  का लक्ष्य

भारत ने 2030 में only electric cars  का लक्ष्य रखा है।इस लक्ष्य को हासिल करने में हम कितना सफल होते हैं यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन सरकार की इस पहल से लोगों में Clean energy के प्रति संवेदना और जागरूकता जरूर आएगी। Clean energy पर स्टडी करने वाले Scholars का कहना है कि अगले 2 दशकों में Electric Cars ग्लोबल ऑयल इंडस्ट्री (Global Oil Industry) को पूरी तरह तबाह कर देगा। फ्यूल (Fuel) के तौर पेट्रोल और डीजल की मांग ना के बराबर रह जाएगी। कुछ Experts का ये भी मानना है कि आने वाले 10 सालों में Electric Cars का चलन क्रांति की तरह होगा।

2001 में आया था Electric car Reva

Tata Motors Electric Cars TIGOR EV first batch roll out from Sanand plant for Narendra Modi Cabinet.

आज से 17 साल पहले 2001 में चेतन मैनी (Chetan Maini) ने भारत का पहला Electric Car, Reva लांच किया था। उस समय कहा गया कि Reva अभी मार्केट के लिहाज से अनुकूल नहीं है हालांकि यह भविष्य की जरूरत जरूर है। 9 साल बाद देश की सबसे बड़ी SUV कंपनी Mahindra and Mahindra (M&M) ने Reva को Acquire कर  लिया। महिंद्रा द्वारा Acquire करने के 7 साल बाद भी Reva अभी तक अपना मार्केट नहीं बना पाया। लेकिन मोदी सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में Reva मार्केट में अपनी जगह बना पाएगा।

Electric Cars के लिए Infrastructure की जरूरत

इसमें कोई दो राय नहीं है कि Electric Cars के लिए वर्तमान में Infrastructure का अभाव है। पूरे देश में करीब 56 हजार पेट्रोल पंप हैं इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल पंप तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। वही पूरे देश में केवल 206 Community charging stations हैं। ऐसे में Electric Cars को अगर प्रोमोट करना है तो बड़े स्तर पर Infrastructural development की जरूरत है। इस दिशा में भी कदम बढ़ाया जा चुका है।Indian Oil Corporation ने नागपुर में देश का पहला Electric vehicle charging station बनाया है।

2030 तक 1.6 करोड़ Electric Vehicles की होगी बिक्री

Automobile Sector में Electric Vehicles की क्रांति को लेकर FICCI (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2027 तक 4 चक्के वाली Electric Vehicles की सेलिंग Diesel और Petrol कार से ज्यादा होगी। रिपोर्ट की माने तो 2030 तक Electric Vehicles की सेलिंग 16 मिलियन तक पहुंच जाएगी। FICCI ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले दिनों में बैट्री की कम कीमत, technology advancement and wider acceptance of  Electric Vehicles, low fuel and maintenance cost की वजह से इलेक्ट्रिक कार की डिमांड काफी बढ़ जाएगी।

2018 will be curtain raiser

We hope and believe that 2018 will be a curtain-raiser on India’s 2030 dream to have only electric cars.

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