दंड के साथ इस ‘महादान’ का माध्यम भी बना BCCI : जानिए क्या है पूरा मामला ?

दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट संगठन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) केवल क्रिकेट के लिए ही नहीं, अपितु समय-समय पर अपने भलाई के कामों के लिए भी विख्यात है। ऐसे ही एक फैसले में बीसीसीआई ने न केवल महिलाओं पर टिप्पणी करने वाले दो क्रिकेट खिलाड़ियों को दंडित किया, अपितु उनके हाथों भलाई का काम करवाने का माध्यम भी बना।

बीसीसीआई ने करण जौहर के टीवी चैट शो कॉफी विद करण में महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले TEAM INDIA के क्रिकेट खिलाड़ियों हार्दिक पंड्या और के. एल. राहुल को 20-20 लाख रुपए का दंड की सजा दी है। बीसीसीआई के इस निर्णय के साथ ही अब ये दोनों WORDL CUP 2019 में भाग लेने के लिए इंग्लैण्ड जाने से पहले अपने ‘पाप’मुक्त हो जाएँगे।

बीसीसीआई की नेक सोच को सलाम

बीसीसीआई के लोकपाल डी. के. जैन ने ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और सलामी बल्लेबाज के. एल. राहुल पर जो 20-20 लाख रुपए का दंड लगाया है, उस रकम को बीसीसीआई अपने पास नहीं रखेगा। बीसीसीआई की यह सोच वास्तव में सलाम करने योग्य है कि उसने दोनों खिलाड़ियों को 20-20 लाख रुपए की दंड की रकम भलाई के काम में देने के लिए कहा है। लोकपाल के आदेश के अनुसार दोनों खिलाड़ियों को 10-10 लाख रुपए ड्यूटी पर शहीद हुए अर्धसैनिक बलों के 10 जवानों की विधवाओं (प्रत्येक को 1 लाख रुपए) को देने को कहा है, जबकि शेष 10-10 लाख रुपए की रकम बीसीसीआई के नेत्रहीन क्रिकेटरों की उन्नति के लिए बनाए गए फंड में जमा कराने होंगे।

क्या अब भी ग़लती करेंगे हार्दिक-राहुल ?

बीसीसीआई ने पहले तो महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी के लिए हार्दिक पंड्या और के. एल. राहुल के खेलने पर ही प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके कारण दोनों को ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस आना पड़ा था। इसके चलते दोनों खिलाड़ियों को लगभग 30 लाख रुपए का नुकसान हुआ। अब लोकपाल ने जो फैसला सुनाया है, उसके मुताबिक हार्दिक-राहुल को चार सप्ताह के भीतर 20-20 लाख रुपए का दंड देना होगा और यदि वे ऐसा करने में विफल रहे, तो बीसीसीआई उनकी मैच फीस में से यह राशि काट लेगा। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि हार्दिक-राहुल दंड न भरने की ग़लती करेंगे ?

हार्दिक-राहुल का बढ़ेगा मनोबल

लोकपाल डी. के. जैन की ओर से हार्दिक-राहुल को दंडित किए जाने के बाद यह मामला यहीं समाप्त हो गया। दोनों खिलाड़ी अब बढ़े हुए मनोबल के साथ इंग्लैण्ड में विश्व कप 2019 में भाग लेने जा सकेंगे। लोकपाल ने माना, ‘क्रिकेटर देश में रोल मॉडल हैं और उनका व्यवहार उन्हें प्राप्त दर्जे के अनुरूप आदर्श होना चाहिए। दोनों खिलाड़ियों ने पहले क्षमा मांग ली थी और साथ ही अपने विरुद्ध कार्रवाई पर आपत्ति नहीं जताई थी, इसलिए अब पुनः इस बात की विशिष्ट जाँच की आवश्यकता नहीं रह जाती कि खिलाड़ियों ने चैट शो के दौरान जो टिप्पणी की थी, वह नियम 41(1)(सी) के तहत अनुशासनहीनता या नियमों का उल्लंघन है या नहीं।’ इससे साफ है कि हार्दिक-राहुल दोनों ही अब इस पूरे मामले में दोषमुक्त घोषित हो गए हैं।

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