BIG BREAKING : अब भारत में तीन तलाक हुआ गैरकानूनी, जाना पड़ेगा जेल

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मोदी सरकार ने तीन तलाक प्रतिरोधक बिल पास करके रचा इतिहास

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित, अब राष्ट्रपति के पास जाएगा

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद तीन तलाक को बैन करने वाला दुनिया का 23वाँ देश बन जाएगा भारत

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 29 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। अब भारत में भी तीन तलाक की प्रथा गैरकानूनी हो गई है। अब तीन तलाक देने पर जेल जाना पड़ेगा। मोदी सरकार ने तीन तलाक प्रतिरोधक बिल को लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित करवा लिया है। अब बिल को मंजूरी के लिये राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मुहर लगने के साथ ही यह विधेयक कानून का स्थान ले लेगा और भारत तीन तलाक को बैन करने वाला दुनिया का 23वाँ देश बन जाएगा।

ऐतिहासिक बिल पास करके भारतीय संसद ने रचा इतिहास

तीन तलाक बिल को लेकर मंगलवार को भारतीय संसद ने इतिहास रच दिया। मोदी सरकार मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक की महिला विरोधी कुप्रथा के विरुद्ध तीन तलाक प्रतिरोधक बिल लाई थी। इस बिल पर मुस्लिम समुदाय में कोहराम मच गया था। समुदाय के कई वरिष्ठ नेताओं और मौलानाओं तक ने बिल का विरोध किया था। इसके बावजूद विरोध को दरकिनार करते हुए मोदी सरकार ने लोकसभा में बहुमत के दम पर बिल को पारित करवा लिया था। इसके बाद संसद के बड़े सदन में इस बिल को पारित कराना मुश्किल लग रहा था, परंतु मोदी सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में इस बिल को पारित कराने के लिये सदन के समक्ष रखा। बिल पर वोटिंग कराए जाने पर बिल के समर्थन में 99 और विरोध में 84 वोट पड़े। अधिक वोटों के साथ बिल राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया और इसी के साथ तीन तलाक बिल को संसद की सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव भी नाकाम हो गया। प्रस्ताव के पक्ष में भी 84 और विरोध में 100 वोट पड़े थे। बिल पर वोटिंग के दौरान विरोध करने वाली कई पार्टियाँ और नेता सदन से वॉक आउट कर गये थे। इसके बावजूद ऐतिहासिक बिल ने दोनों सदनों की कठिन कसौटियों को पार कर लिया।

अब अंतिम मंजूरी के लिये राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा बिल

अब बिल अंतिम मंजूरी के लिये राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही यह बिल कानून का दर्जा प्राप्त कर लेगा। इस बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी ठहराया गया है और इसके बावजूद किसी ने कानून का उल्लंघन करते हुए किसी महिला को तीन तलाक दिया तो उसे 3 साल के कारावास और जुर्माने की सज़ा का प्रावधान किया गया है।

मोदी की पिछली सरकार लाई थी बिल, मोदी सरकार-2 को मिली सफलता

उल्लेखनीय है कि तीन तलाक बिल संसद के इसी सत्र में 26 जुलाई को लोकसभा में पास हुआ था। मोदी सरकार पहली बार केन्द्र की सत्ता में आने के बाद इस बिल को लाई थी और तब से ही इसे दोनों सदनों में पारित कराने के प्रयास कर रही थी, परंतु पिछली लोकसभा में यह बिल पारित होने के बाद राज्यसभा में आकर अटक गया था। इसके बाद सरकार इसके लिये अध्यादेश लाई थी। इस नई लोकसभा में कुछ बदलावों के साथ यह बिल दोबारा लाया गया था और अब दोनों सदनों से बिल को पारित कराने में मोदी सरकार सफल हो गई है।

तीन तलाक बैन करने वाला दुनिया का 23वाँ देश बनेगा भारत

राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद भारत तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का 23वाँ देश बन जाएगा। दुनिया के 22 इस्लामिक बहुल देशों में तीन तलाक पहले से ही गैर कानूनी है। मिश्र दुनिया का ऐसा पहला देश है, जिसने पहली बार तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाया। मिश्र में वर्ष 1929 में मुस्लिम जजों की खंडपीठ ने सर्वसहमति से तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था।

इसी साल मिश्र को नजीर मानते हुए सूडान की अदालत ने अपने देश में तीन तलाक को बैन कर दिया। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में 1956 में ही तीन तलाक पर बैन लग गया था। 1971 में पाकिस्तान से अलग हुए बांग्लादेश ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी ठहराया हुआ है। इनके अलावा श्रीलंका, इराक, सीरिया, साइप्रस, जॉर्डन, ईरान, ब्रुनेई, मोरक्को, कतर और यूएई में भी तीन तलाक बैन है।

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