NDA से अलग हुई TDP, सरकार के विरुद्ध लगाएगी अविश्वास प्रस्ताव

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Telugu Desam Party

नई दिल्लीः भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश को प्रधानमंत्री का कर्यभार संभाले हुए 4 साल हो गए है, तथा आगे 2019 में होने वाले आम चुनावों की तैयारियां भी जोरों पर चल रही हैं। मगर इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए विपक्षी तथा साथी दल आघात बनते जा रहे हैं। आज सांसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के विरूध प्रथम संदेह भरा प्रस्ताव देश किये जाने की आशंका है। जब की इस समय चंद्रबाबू नायडु की TDP NDA से अलग रास्ता कायम कर ली है। यह फैसला TDP (Telugu Desam Party) आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा ना मिलने की वजह से की है।बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर TDP कोटे के मंत्रियों ने केंद्र सरकार से इस्तफा दे दिया था। इसी प्रकार BJP कोटे के मंत्रियों ने राज्य सरकार से अपना इस्तीफा दे दिया था। हालांकि चंद्रबाबू नायडु ने गुरूवार की रोज अपने सांसद से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कहा कि कुछ देर में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को इ-मेल तथा फैक्स के माध्यम से अधिकारिक जानकारी देंगे।

दरअसल Telugu Desam Party सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने इस मामले को लेकर पार्टी की सबसे बड़ी निर्णायक फैसले लेने वाली कमेटी पोलित ब्यूरो के साथ बैठक की और इसी बैठक में नायडू ने NDA से अलग होने का फैसला लिया। TDP ने BJP पर आरोप लगाते हुए कहा कि BJP ने आंध्र प्रदेश के साथ सही तरीके से बर्ताव नहीं किया है। इसी बैठक में उन्होंने लोकसभा में मोदी सरकार के विरूध संदेह भरा प्रस्ताव पेश करने का फैसला लिया। हांलांकि TDP ने संदेह भरा प्रस्ताव के समर्थन के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों से भी बात कर रही है। इसके अलावा वह NDA में शामिल दलों से भी उनके समर्थन की अपील कर रही है। जबकि इस मामले में चंद्रबाबू नायडू खुद अन्य पार्टियों के नेताओं से बात कर रहे हैं। Telugu Desam Party का कहना है कि वह पहले अपने सांसद के सदन में सभी पार्टियों के नेताओं से बात करेंगे। जिसके बाद नायडू पार्टी नेताओं से समर्थन की अपील करेंगे।

इस समर्थन में कई पार्टी हुए शामिल

AIMM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संदेह भरा प्रस्ताव के समर्थन का ऐलान किया है। ओवैसी के अलावा ममता बनर्जी की टीएमसी ने भी इस प्रस्ताव के समर्थन करने की बात कही है। सीताराम येचुरी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी संदेह भरा प्रस्ताव का समर्थन करेगी। आंध्र प्रदेश की YSR कांग्रेस सरकार के विरूध संदेह भरा प्रस्ताव लाएगी। YSR पार्टी के 6 सांसदों ने आज के लिए लोकसभा महासचिव को प्रस्ताव का नोटिस दिया है। मतलब साफ है कि अब Telugu Desam Party लोकसभा में संदेह भरा प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है।

गोरतलब यह है कि जगन मोहन रेड्डी की पार्टी इसके लिए अन्य विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने की कार्य कर रही है। पार्टी के सांसद जगन की ओर से लिखे गए एक पत्र को संसद के भीतर विपक्षी सांसदों के बीच बांट रहे हैं तथा उनसे इस प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं। जबकि सदन में इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए लगभग 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।
बहरहाल नियमों के अनुसार सबसे पहले लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन वाईएसआर कांग्रेस के किसी सांसद को संदेह भरा प्रस्ताव पेश करने को कहेंगी। जिसके बाद करीब 50 सांसदों को इसका समर्थन करने के लिए खड़ा होना होगा। तभी इसके आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

ये वतर्मान में लोक सभा की स्थितिः-

भारतीय जनता पार्टी 272, स्पीकर 1, कांग्रेस 48, AIADMK 37, तृणमूल कांग्रेस 34, BJP 20, शिवसेना 18, TDP 16, TRS 11, CPI 9, YSR कांग्रेस 9, समाजवादी पार्टी 7, इनके अलावा 26, अन्य पार्टियों के 58 सांसद, 5 सीटें अभी भी खाली हैं.

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