दिल्ली नहीं, देश को दहलाने की आतंकी साजि़श : मोदी और अजीत डोभाल हैं निशाना

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 3 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। राजधानी दिल्ली में आत्मघाती आतंकवादियों के घुसने की एक सटीक गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने बुधवार रात से ही महानगर में रेड अलर्ट घोषित किया है और जगह-जगह छापेमारी करके आतंकियों को गिरफ्तार करने की क़वायद शुरू की है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी की है। पुलिस को ए-कैटेगरी के इंटेलिजेंस इनपुट मिले हैं। इस कैटेगरी के इनपुट को एक्सट्रिमली क्रेडिबल यानी अत्याधिक विश्वसनीय माना जाता है। इस इनपुट के अनुसार दिल्ली में 3 से 4 आत्मघाती आतंकवादी मौज़ूद हो सकते हैं। इनमें कम से कम दो आतंकी पाकिस्तानी होने की संभावना है। हालांकि सेंट्रल दिल्ली पुलिस के डीसीपी एमएस रंधावा के अनुसार राजधानी पुलिस पूरी तरह से चौकन्नी है और वह सभी प्रकार के आतंकवाद विरोधी उपाय कर रही है। उनके अनुसार इनपुट पर काम किया जा रहा है, इसलिये चिंता की कोई बात नहीं है।

जैश-ए-मोहम्मद के हो सकते हैं आतंकी ?

सूत्रों की मानें तो जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने और उसे कश्मीर में भी मिल रहे समर्थन से पाकिस्तान और उसके यहाँ पल रहे आतंकी संगठन बौखलाये हुए हैं। पाकिस्तान ने ज़ाहिर तौर पर हर संभव प्रयास करके देख लिये, परंतु भारत के विरुद्ध उसे किसी भी प्रयास में सफलता नहीं मिली। इसलिये उसने आतंकी संगठनों को कड़ी प्रतिक्रिया देने की खुली छूट दी है। खास कर जब पाकिस्तानी सेना ने जिहादी मंसूबों को गति देने के लिये पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना अज़हर मसूद से संपर्क किया, तो उसने सबसे पहले अपने सभी प्रमुख साथियों की रिहाई और बालाकोट कैंप को फिर से बहाल करने की शर्त रखी थी। इसके बाद उसने अपने भाई मुफ्ती रऊफ़ असग़र को रावलपिंडी में आईएसआई द्वारा आयोजित एक बैठक में भाग लेने के लिये भेजा था।

इसके बाद मसूद ने भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी और मोदी सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को निशाना बनाने के लिये आतंकियों का एक खास दस्ता तैयार किया है। ऐसा करके आतंकी सिर्फ राजधानी दिल्ली नहीं, अपितु पूरे देश को दहलाने की खतरनाक साज़िश को अंज़ाम देना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से दस्ते में आत्मघाती हमला करने वाले प्रशिक्षित और खूँखार आतंकवादियों को शामिल किया गया है। सूत्रों के अनुसार जैश के इस दस्ते में शामिल आतंकियों को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला करने वाले आतंकी संगठन अलक़ायदा के कैंप में प्रशिक्षित किया गया है।

जैश ने तैयार किया नया मुखौटा

विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि जैश ने कश्मीर में भी अपने जिहादी और पाकिस्तान के अशांति फैलाने के मंसूबों को अंज़ाम देने के लिये कश्मीर में नया मुखौटा सक्रिय किया है, जिसका नाम ‘वारिस-ए-शौहदा’ रखा है। इस गुट में शुरुआत में 50 खूँखार आतंकियों की भर्ती की है। इस गुट की कमान भी मौलाना के हाथ में नहीं है, बल्कि उसके भाई मुफ्ती रऊफ़ असग़र के हाथों में सौंपी गई है, क्योंकि अज़हर मसूद अब ज्यादातर बीमार रहता है। सूत्रों के अनुसार इस नये गुट में अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादियों की भर्ती की गई है। इन जिहादियों को पाकिस्तान के बहावलपुर में, जहाँ जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है, उसी के पास स्थित दो ट्रेनिंग कैंपों में आत्मघाती हमले की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इन दोनों कैंपों का नाम मरक़ज-ए-सुभान अल्लाह और मरक़ज उस्मान-अली है। इनमें से कुछ आतंकियों को पेशावर में भी प्रशिक्षण दिया गया है। कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन अल उमर मुजाहिद्दीन के 30 से 40 आतंकियों को भी इस गुट में शामिल किया गया है, जिन्हें मुश्ताक़ लटरम की ओर से अफगानिस्तान में स्थित आतंकी संगठन अलक़ायदा के कैंप में ट्रेनिंग के लिये भेजा गया था। डाउन-टाउन श्रीनगर निवासी मुश्ताक़ अहमद ज़रगर उर्फ लटरम को भारत सरकार ने कंधार विमान हाइजैक कांड के दौरान मसूद अज़हर के साथ ही रिहा किया था।

कश्मीरी आतंकियों को ही इस्तेमाल करने की साजि़श

सूत्रों के अनुसार मौलाना अज़हर मसूद भले ही बीमार चल रहा है, परंतु इस नये गुट के गठन का पूरा विचार अज़हर मसूद के ही दिमाग की उपज है। वह इस गुट की कारगुज़ारियों की लगातार मोनिटरिंग भी कर रहा है, परंतु व्यवहारिक तौर पर उसका भाई और करीबी मुफ्ती अब्दुल रऊफ़ असग़र ही जैश-ए-मोहम्मद की जिहादी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। बीमार अज़हर जिहादियों की नई टीम को फोन पर अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित करता है। अब जैश का ये नया संगठन ही जिहादी कार्यवाही करेगा और जैश उसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा। क्योंकि पाकिस्तान दुनिया को दिखाना चाहता है कि कश्मीर मूल के आतंकी ही जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले करते हैं।

दिल्ली में बढ़ी सुरक्षा, तलाशी के लिये छापामारी

दिल्ली में घुसे आतंकी भी संभवतः जैश से सीधे तौर पर या उसके नये मुखौटे से जुड़े होने की संभावना है। यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि ये आतंकी पिछले सप्ताह दिल्ली में घुस चुके हैं और इनका टारगेट पीएम नरेन्द्र मोदी और एनएसए अजीत डोभाल हो सकते हैं। ये आतंकी आत्मघाती हमला कर सकते हैं। पकड़े जाने की स्थिति में ये अपना टारगेट और हमला करने की रणनीति दोनों बदल सकते हैं। इस कारण दिल्ली में 4 रक्षा प्रतिष्ठानों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है और उनके लिये अलर्ट का लेवल बढ़ा कर ऑरेंज कर दिया गया है। गुप्त सूचना में इंगित किया गया है कि जैश ने पीएम मोदी और डोभाल को टारगेट बनाने के लिये जो नया स्पेशल स्क्वैड बनाया है, ये आतंकी उसी स्क्वैड का हिस्सा हो सकते हैं। ये आतंकी बड़े हमले को अंज़ाम देने के मक़सद से दिल्ली में घुसे हैं। इसलिये गुप्त सूचना के बाद दिल्ली पुलिस ने बुधवार रात से स्पेशल सेल को तलाशी अभियान में लगाया है। पुलिस के इस स्पेशल सेल ने पिछली रात शहर में अलग-अलग 9 ठिकानों पर छापे मारे हैं। छापों का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। इन छापों के दौरान दो संदिग्ध भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिन्हें हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने सीलमपुर और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में दो जगहों पर, जामिया नगर तथा पहाड़गंज के निकट सेंट्रल दिल्ली में भी दो जगहों पर घरों में छापे मारे होने की ख़बर है।

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