अहमदाबाद : जेहाद की जड़ पर घातक प्रहार, भारत की धरती पर पैर रखते ही पकड़ा गया खूँखार आतंकवादी अब्दुल वहाब शेख

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 23 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। गुजरात में वर्ष 2002 में हुए गोधरा कांड के आलोक में भड़के साम्प्रदायिक दंगों के बाद पाकिस्तान और उसके चेले-चपाटों ने बड़े पैमाने पर जेहादी षड्यंत्र शुरू किए थे और इन षड्यंत्रों के तहत गुजरात के युवाओं को जेहाद के नाम पर ब्रेनवॉश कर आतंकवादी बनाया जा रहा था। इस षड्यंत्र के तहत गुजरात पुलिस ने 82 आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। इनमें से 70 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था, जबकि 12 लोग फ़रार हो गए थे। इन्हीं 12 लोगों में एक नाम था अब्दुल वहाब शेख का।

गुजरात पुलिस और आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) को जेहादी षड्यंत्र के आरोपी और अब्दुल वहाब शेख की पिछले 16 वर्षों से तलाश थी, जो अब ख़त्म हो गई है। अब्दुल वहाब शेख को आज अहमदाबाद हवाई अड्डे से गिरफ़्तार कर लिया गया। पिछले 16 वर्षों से सउदी अरब के जेद्दाह में रह रहे अब्दुल वहाब शेख ने आज सुबह जैसे ही भारत की धरती पर पैर रखा, अहमदाबाद शहर पुलिस की अपराध शाखा (CRIME BRANCH) और एटीएस के दस्ते ने उसे अहमदाबाद के सरदार पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही दबोच लिया। मोस्ट वॉण्टेड आतंकवादी अब्दुल वहाब शेख के साउदी अरब के जेद्दाह से अहमदाबाद आने की पहले से मिली सूचना के आधार पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद हवाई अड्डे पर पहले से ही घेरा डाल लिया और जैसे ही आतंकी अब्दुल वहाब विमान से उतरा, उसे तुरंत बंदी बना लिया गया। गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने जेहादी आतंकवादी अब्दुल वहाब की गिरफ़्तारी पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच तथा गुजरात एटीएस को बधाई दी है।

कौन है अब्दुल वहाब शेख ?

गुजरात में 27 फरवरी, 2002 को गोधरा कांड हुआ था, जिसके तहत गोधरा से गुज़र रही साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 डिब्बे में आग लगा दी गई थी। इस आग में एस-6 डिब्बे में सवार 59 यात्रियों की मृत्यु हो गई थी, जो अयोध्या से कारसेवा कर लौट रहे थे। गोधरा कांड के बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर साम्प्रदायिक हिंसा हुई। यद्यपि यह हिंसा कुछ समय बाद शांत हो गई, परंतु इस हिंसा के शिकार एक समुदाय विशेष के लोगों को गुमराह कर एक समुदाय विशेष के विरुद्ध भड़काने के लिए अब्दुल वहाब शेख सहित कई आरोपियों ने जेहादी षड्यंत्र रचे। इस षड्यंत्र के तहत आरोपियों ने गुजरात के समुदाय विशेष के सॉफ्ट टार्गेट युवाओं को आतंकवाद के साथ जोड़ने का अभियान चलाया। इस जेहादी षड्यंत्र में अब्दुल वहाब शेख की बड़ी भूमिका थी। वह आतंकवादी संगठन को आर्थिक सहायता के साथ स्लीपर सेल की एक्टिविटी से जुड़ा हुआ था। गुजरात दंगों के बाद अनेक युवकों को गुमराह कर जेहाद के नाम पर पाकिस्तान भेजा गया, जहाँ उन्हें आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण दिया गया। ये लोग भारत में स्लीपर सेल के रूप में एक्टिव होकर काम करते थे। इसमें अब्दुल वहाब शेख की महत्वपूर्ण भूमिका थी, जो मामला दर्ज होने के बाद वर्ष 2003 में ही साउदी अरब फरार हो गया था।

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