त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में बनेगी किसकी सरकारः विधानसभा चुनाव रीजल्ट

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Assembly Election Result

नई दिल्लीः पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में विधानसभा चुनावों (Assembly Election Result) के मतों की गिनती जारी है। आखिर बीजेपी ने कौन सी रणनीति अपनाई जो 25 साल पुरानी मानिक सरकार को त्रिपुरा से उखाड़ फेंका। उसी तरह नागालैंड में बीजेपी अपनी सहयोगी के साथ सरकार बनाने की ओर नजर आ रही है। जबकि मेघालय 10 सालों से कांग्रेस की सरकार थी मगर इस मरतबा वहां त्रिशंकु विधानसभा नजर आ रही है.

त्रिपुरा की 59 सीटों पर मतदान हुई है। जबकि त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 292 उम्मीदवार है। जिसमें 23 महिलाएं उम्मीदवार हैं.

राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से 59 सीटों पर वोटों की गिनती हो रही है। चारीलाम सीट से मार्क्सीवादी कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देबर्मा के मृत्यु हो जाने की वजह से इस सीट पर 12 मार्च को मतदान होगा।

हांलाकि त्रिपुरा में सान 1993 से ही मार्क्स वादी कम्युनिस्ट पार्टी के अगुआई वाले वाम मोर्चा की सरकार रही है तथा पिछले 20 वर्शें से राज्य की अधिकार मुख्यमंत्री माणिक सरकार के हाथों में थी। जबकि इस मरतबा प्रारंभिक रुझानों में इस मरतबा बीजेपी माकपा को टक्कर देती नजर आ रही ह।

बताया जा रहा है कि 2013 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election Result) में भाजपा ने त्रिपुरा में 50 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 49 की जमानत जब्त हो गई थी. तब बीजेपी को यहां केवल 1.87 फीसदी वोट मिले थे और वो एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. वहीं माकपा को 49 सीटें मिली थीं जबकि कांग्रेस को 10 सीटों से संतोष करना पड़ा था। नगालैंड में हुए 59 सीटों के चुनाव में 193 उम्मीदवार क्षेत्र में हैं।

जबकि नगालैंड में बीजेपी इस मरतबा नवगठित एनडीपीपी के साथ गठबंधन कर चुनाव के मैदान में उतरी है। बीजेपी ने 20 जबकि एनडीपीपी ने 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे है।

10 साल से राज्य पर राज कर रही कांग्रेस सरकार ने इस मरतबा भी सारी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे।
कांग्रेस ने 2013 चुनाव में 29 सीटें हासिल की थी. राज्य के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा इस बार दो विधानसभाओं अमपाती और सोंगसक से चुनाव में उतरे और दोनों ही सीटें उन्होंने जीत लीं।

2013 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने 29 सीट प्राप्त किए थे। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा इस मरतबा दो विधानसभाओं अमपाती तथा सोंगसक से चुनाव में उतरे और दो सीटों अपने नाम किए।

59 सीटों के लिए मेघालय विधानसभा में 372 उम्मीदवार अखाड़े में हैं।

मेघालय में इस मरतबा 84 प्रतिषत मतदान हुआ है। कांग्रेस के अलावा बीजेपी, एनपीपी और नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट आमने समाने है।

2013 के चुनाव में भाजपा ने इस राज्य में 13 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उनमे से किसी उम्मीदवार ने जीत हासिल नहीं कि थी। जबकि एनपीपी को 32 में से मात्र दो सीटों पर जीत हासिल हुई थीं।

सभी राज्यों में मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हुई। त्रिपुरा में 18 फरवरी को वोट डाले गए थे, जबकि मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान हुआ था।

तीनों राज्यों में कुल 857 उम्मीदवार अपने परिणाम (Assembly Election Result) का इंतजार में है।

बहरहाल इन राज्यों में सबसे ज्यादा नजरें त्रिपुरा पर अटकी हुई हैं, जहां पिछले 25 वर्षों से वाम दलों का शासन चलता आ रहा है। केरल के अलावा लेफ्ट की सरकार बस इसी राज्य में है। अगर त्रिपुरा में वामपंथियों की हार होती है तो उनके लिए यहां एक युग का अंत हो जाएगा।

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