विद्यार्थियों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए UGC ने जारी किये 24 ‘स्वयंभू’ और फर्जी यूनीवर्सिटी की लिस्ट

UGC - University Grants Commission

युवाप्रेस : हमारे देश में 12वीं कक्षा के नतीजे आने वाले हैं और इसी के साथ स्नातक कोर्स (Graduate course) में डिग्री प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों का हलचल भी तेज हो गया है। छात्र तथा छात्राओं का भीड़ कॉलेजों और यूनी​वर्सिटी की तरफ होने लगी है। 12वीं कक्षा के नतीजे आने के बाद कई विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के दाखिला के लिए कट ओफ लिस्ट जारी कर दिये जाते हैं कुछ विद्यार्थियों के नम्बर कम आते हैं जिस कारण से वे कुछ ऐसे विश्वविद्यालयों को ढूंढने लगते है जहां पर वे आसानी से दाखिला ले सकें। इसी को देखते हुए बहुत से फर्जी विश्वविद्यालय उनको अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं तथा विद्यार्थियों को ठगने का काम करते हैं। जिसको देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( UGC) ने विद्यार्थियों के लिए एक सूचना जारी की हैं। सूचना में 24 ऐसे फर्जी विश्वविद्यालयों के नाम दिये हैं जो विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। जिनमें 8 तो दिल्ली के ही विश्वविद्यालय है। इस सूचना के अनुसार यह कहा गया है कि ये 24 स्वयंभू और गैर पंजीकृत संस्थान यूजीसी अधिनियनम का उल्लंघन करके चल रहे हैं।

यूजीसी (UGC)की इस सूचना में यह भी कहा गया है कि इन विश्वविद्यालयों को फर्जी घोषित कर दिया गया है और इन्हें डिग्री प्रदान करने का कोई भी हक नहीं है। दिल्ली में ये फर्जी विश्वविद्यालय इस प्रकार हैं – यूनाईटेड नेशंस यूनिर्विसटी, विश्वविद्यालय कॉर्मिशयल यूनिर्विसटी, एडीआर-सेंट्रिक जूरिडिकल यूनिर्विसटी, वोकेशनल यूनिर्विसटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस एंड इंजीनियरिंग, आध्यात्मिक विश्वविद्यालय और वाराणसीय संस्कृत विश्वविद्यालय और विश्वकर्मा ओपेन यूनिर्विसटी फोर सेल्फ इम्प्लॉयमेंट। देश में अन्य फर्जी विश्वविद्यालय इन इन झेत्रों में हैं – अलीगढ़, पांडिचेरी, बिहार, दरभंगा, ओडि़शा, राउरकेला, कानपुर, मथुरा, प्रतापगढ़, नागपुर,कर्नाटक, केरल, इलाहाबाद आदि।

यूजीसी (UGC – University Grants Commission) को यह सूचना इसलिए जारा करना पड़ा क्योंकि बीते सालों में इन फर्जी विश्वविद्यालयों के द्वारा सैकड़ों विद्यार्थियों को ठगने की शिकायतें मिली थी। इस सूचना को पढ़ने के बाद हजारों छात्र अपने आप को ठगने से बचा सकते हैं। वैसे समय समय पर विद्यार्थियों के साथ फर्जी डिग्री का मामला कई बार प्रकाश में आता रहता है इसलिए यह सूचना जारी करना आवश्यक था ताकि सैकड़ों छात्रों की जिन्दगी को बरबाद होने से बचाया जा सकें।

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