जग जीत लिया जगजीत ने : UN में भारत के भार के आगे चीन फिर चारों खाने चित्त !

संयुक्त राष्ट्र में मौलाना मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के भारत के अभियान में पाकिस्तान के साथ यारी निभाने के चक्कर में अंततः मुँह की खाने वाले चीन को फिर एक बार झटका लगा है। इस बार भारत ने अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नियंत्रण बोर्ड (INCB) के सदस्य पद के चुनाव में चीन को चित्त किया है। भारत की जगजीत पवाडिया ने चीन के हाओ वेई को रिकॉर्ड वोटों से हरा कर आईएनसीबी में दोबारा सदस्य पद प्राप्त करने मे सफलता पाई है।

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामाजिक परिषद् (ECOSOC) में मंगलवार को आईएनसीबी सदस्य पद के लिए हुए चुनाव में प्रथ चरण के मतदान में जगजीत के पक्ष में 44 वोट पड़े, जो जीत के लिए आवश्यक 28 वोटों से 16 वोट अधिक थे। 54 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र ECOSOC के 5 सदस्यों के चुनाव के लिए कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें भारत की ओर से निवर्तमान सदस्य जगजीत पवाडिया भी थीं। इस चुनाव में जगजीत सर्वाधिक वोटों के साथ जीतने में सफल रहीं। आईएनसीबी में जो पाँच सदस्य चुने गए, उनमें भारत की जगजीत पवाडिया के अतिरिक्त मोरक्को, परागुआ, फ्रांस और श्रीलंकाई उम्मीदवार शामिल हैं। एकमात्र जगजीत ही पहले राउंड के मतदान में ही विजयी होने में सफल रहीं, जबकि अन्य चार देशों के सदस्यों को दो राउंड के मतदान के बाद जीत हासिल हुई। जगजीत पवाडिया की जीत को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट कर जानकारी दी। जीत के बाद जगजीत पवाडिया ने आईएनसीबी में पुनः चुने जाने पर खुशी जाहिर की और साथ ही निष्पक्ष रूप से अपनी सेवाएँ देने का वादा किया है।

भारत के आगे नहीं चली चीन की चालाकी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन ने अपने उम्मीदवार हाओ वेई को आईएनसीबी का सदस्य बनवाने के लिए विकासशील देशों के साथ लॉबींग करने का प्रयास किया, परंतु इसके बावजूद भारत के संयुक्त राष्ट्र में बढ़ते प्रभाव के चलते चीन को चित्त होना पड़ा। जगजीत ने जहाँ पहले राउंड में आवश्यक 28 से अधिक यानी 44 वोट हासिल कर जीत हासिल कर ली और उन्हें दूसरे राउंड में जाना ही नहीं पड़ा, वहीं चीनी उम्मीदवार हाओ वेई पहले राउंड में 22 और दूसरे राउंड में 19 वोट ही हासिल कर आवश्यक 28 के आँकड़े को छू ही नहीं सके और चीन को हार का सामना करना पड़ा।

कौन हैं जगजीत पवाडिया ?

65 वर्षीय जगजीत पवाडिया भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी हैं और पिछले 35 वर्षों से भारत सरकार में सेवाएँ दे रही हैं। उन्होंने भारत में नारकोटिक्स कमिशनर, लीगल अफेयर्स कमिशनर, चीफ विजिलेंस ऑफिसर, मालदीव में कॉमनवेल्थ सचिवालय की कस्टम ट्रेनिंग एडवाइज़र आदि पदों पर रह कर सेवाएँ दी हैं। वे 2014 में नागपुर स्थित सेंट्रल एक्साइज़ एण्ड सर्विस टैक्स की चीफ कमिशनर के रूप में सेवानिवृत्त हुईं। इसके बाद उन्हें संयुक्त राष्ट्र भेजा गया। जगजीत पवाडिया आईएनसीबी में दूसरी बार सदस्य चुनी गई हैं। उनका कार्यकाल 2 मार्च, 2020 से शुरू होगा, जो 2025 तक चलेगा। 2014 में वे पहली बार आईएनसीबी सदस्य चुनी गई थीं। इसके बाद 2016 में जगजीत आईएनसीबी उपाध्यक्ष और 2017 में स्टैण्डिंग कमेटी ऑन एस्टीमेट्स की अध्यक्ष भी बनीं।

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