देश में राजनीतिक विरोध के बीच दुनिया में ‘नमो-नमो’ : दो महाशक्तियों ने की महत्वपूर्ण पहल, अमेरिका देगा भारत को नाटो सहयोगी देश का दर्जा, तो रूस ने की मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की घोषणा

भारत में विपक्षी दल भले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विदेश दौरों को लेकर सवाल उठाते हों, परंतु मोदी की विदेश नीति और कूटनीति की सफलता इस बात से आँकी जा सकती है कि दुनिया भर में मोदी की तूती बोलती है। दुनिया का शायद ही कोई देश (चीन-पाकिस्तान को छोड़ कर) होगा, जो मोदी से प्रभावित न हो, जिसका फायदा अंततः भारत को ही मिलता है। इसी कड़ी में आज भारत और मोदी के लिए दुनिया की दो महाशक्तियों से दो बड़ी और खुश कर देने वाली ख़बरें आईं।

भारत में लोकसभा चुनाव 2019 में विरोधियों की टोली से घिरे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रभाव पूरी दुनिया में ऐसा है कि प्रत्येक देश और उसका नेता मोदी के कसीदे पढ़ने से नहीं चूकता। इसी कड़ी में विश्व की दो महाशक्तियों रूस व अमेरिका से भी आज ‘नमो-नमो’ का नारा साकार करने वाली दो ख़बरें आईं। एक ओर अमेरिका भारत को नॉर्थ अटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइज़ेशन (NATO) के सहयोगी देश का दर्जा देने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर रूस ने मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करने की घोषणा की है।

यह मोदी की विदेश नीति की सफलता ही है कि अमेरिकी संसद में कुछ प्रभावशाली सांसदों ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक-रक्षा भागीदारी को मजबूत करने के लिये एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया है। यदि यह बिल अमेरिकी संसद में पारित हो गया, तो यूएस स्टेट डिपार्टमेन्ट भारत को उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सहयोगी का दर्जा देगा और भारत को ‘अमेरिका आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट’ में ‘नाटो सहयोगी देश’ के रूप में तरजीह दी जायेगी।

यह भी मोदी की विदेश नीति की सफलता ही है कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें कई अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिले हैं। पिछले दिनों संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन ज़ायद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज़ायद अवॉर्ड से सम्मानित करने का ऐलान किया था, जिसके लिये मोदी ने उनका शुक्रिया भी अदा किया था। अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘सेंट एंड्रयू अवॉर्ड’ मोदी को देने की घोषणा की है। मोदी को यह सम्मान भारत व रूस के सम्बंध मजबूत करने के लिये दिया गया है। रूस का यह सम्मान पाने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले रूस चीन के राष्ट्रपति शी ज़िनपिंग को यह सम्मान दे चुका है।

इससे पहले इस साल की शुरुआत में दक्षिण कोरिया भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित कर चुका है। यह पुरस्कार पाने वाले भी मोदी प्रथम भारतीय नागरिक हैं। दक्षिण कोरिया ने यह सम्मान देते हुए कहा था कि मोदी एक ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दोनों देशों के बीच सम्बंध भी मजबूत किये हैं। इसके अलावा मोदी संयुक्त राष्ट्र की ओर से चैंपियंस ऑफ अर्थ का सम्मान भी पा चुके हैं।

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