किसान के खेत के आस पास बीड़ी व सिगरेट का उपयोग, हानिकारक

Farmer Suicides

नई दिल्ली: हमें पता होना चाहिए आजकल हमारे देश की खेत में गेहूं की कटाई का समय है इसलिए कृपया करके सिगरेट व बीड़ी आदि खेतों के आस पास न पीये और न ही ऐसा कोई कार्य करें जिससे खेतों में आग लगने का खतरा हो क्योंकि इससे किसानों का फसल जल सकता है अथार्त खराब हो सकता है। हमें यह याद रखना चाहिए कि वे ही हमारे अन्नदाता है। फसल खराब होने के कारण से बहुत से किसान हमारे देश में आत्महत्या (Farmer Suicides) कर लेते है।

हमे यह हमेशा याद रखना चाहिए कि यदि किसान अन्न की पैदावार नहीं करेंगे तो हमें अन्न कहा से मिलेगा। उनके द्वारा पैदा किया गया अन्न किसी न किसी प्रकार से और किसी न किसी रूप से हमारे देश के कोने कोने तक जाता है जिसका हम भोजन के रूप में उपयोग करते हैं। चाहे हम कितना भी रुपये खर्च कर लें, किसान जो अन्न पैदा करते हैं आखिर उसे ही तो हम ग्रहण करते हैं। इसलिए यदि किसान के खेते में आग लग जाती है तो इससे हमें भी नुकसान होगा क्योंकि वही अन्न हम लोग खाते हैं जो किसान खेत में उपजाते हैं।

हम कितने भी रुपये खर्च करके अगर किसी और चीज से अपनी भूख मिटाने की कोशिश करें तो यह नामुकिन है क्योंकि किसी न किसी रूप में अन्न का उपयोग करके ही हमारी भूख मिटती है। हर रूप में अन्न का ही उपयोग होता है जिसे हम खाने के उपयोग में लाते हैं। यहा तक कि हमारे पशुओं या जानवरों के लिए भी जिस चारे आदि का उपयोग किया जाता है वह किसान के द्वारा ही होता है।

आपने बहुत सारे किसानों का आत्महत्या (Farmer Suicides) करते सुना होगा मगर क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि ऐसा क्या हुआ है जो किसान आत्महत्या कर रहे हैं। दरसल होता यह है कि बहुत से किसना खेती करने के लिए बैंक से लोन ले लेते हैं और खेती करते हैं। जब उनकी फसल पककर तैयार होती है तो किसी कारणवश उनके खेतों का फसल आग लगने के कारण या फिर प्रकृति के कोप जैसे ओला पड़ना आदि से उनके फसल बरबाद हो जाते हैं। इस कारण से वे बैंक का लोन चुका नहीं पाते। कभी कभी सरकार मदद कर तो देती है लेकिन किसी कारणवश वह मदद पूरी नहीं हो पाती। इस प्रकार के कारणों से कोई कोई किसान अपना आपा खो बैठता है और वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेता है।

Crop Failure - Farmer Suicides

कभी कभी किसानों के आत्महत्या (Farmer Suicides) का करण जाने अनजाने हम में से कोई बन जाता है जिसका पता हमें ही नहीं हो पाता। एक उदाहरण के तौर पर मान लो कि कोई व्यक्ति बीड़ी या सिगरेट पीते पीते किसी रोड़ से गुजर रहा है और उस रोड़ के पास कोई खेत हो जिसकी फसल पक्की पड़ी हो उसमें किसी प्रकार से सिगरेट या बीड़ी की चिंगारी चली जाये और चिंगारी का आग सुलगते सुलगते खेत में आग पकड़ ले तो किसान का फसल जल जायेगा। अब सिगरेट या बीड़ी पीने वाले व्यक्ति को भी इसका पता नहीं चल पायेगा क्योंकि जबतक आग पकड़ेगी तब तक वह वहां से जा चुका होगा, तो ऐसी स्थिति में बताइये कि खेत जलने को दोषी तो वह व्यक्ति हुआ न जो सिगरेट या बीड़ी पीते जा रहा होगा। ऐसा होने के बाद यदि कोई Farmer Suicides कर लें तो उसका भी दोषी वह व्यक्ति ही होगा जो सिगरेट या बीड़ी पीते जा रहा होगा। लेकिन यहा पर गौर करने वाली बात तो यह है कि दोषी व्यक्ति को भी इस चीज का पता नहीं चल पायेगा कि उसके कारण से खेत में आग लगी होगी।

किसान हमारे जीवन का वो पहलु है जो हमारे जीवन के लिए किसी न किसी रूप में उत्तरदायित्व निभाते हैं। कई बार हम सुन चुके हैं कि किसान के खेतें में आग लाग जाती है जिससे उनका सारा फसल बरबाद हो जाता है और उन्हें काफी हद तक नुकसान हो जाता है जिसका मूल कारण सिगरेट व बीड़ी से निकली चिंगारी होती है। वैसे खेतों में आग लगने के और भी कारण हो सकते हैं लेकिन फिर भी हमें कुछ हद तक अपने आदतों में सुधार करेंगे तो कुछ नुकसान से बचा जा सकता है।

हमें पता होना चाहिए कि जब खेत का फसल पक जाता है तो उसमें आग लगने संभावना बहुत अधिक होती है। इसलिए हमें ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जिससे फसल को कोई नुकसान पहुंचता हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *