बड़ी राहत की ख़बर : ‘वायु’ ने बदला रास्ता, तट से टकराए बिना गुज़र जाएगा गुजरात से !

हमदाबाद, 13 जून, 2019 (युवाप्रेस.कॉम)। गुजरात पर मंडरा रहा भीषण चक्रवात वायु का संकट टलता नज़र आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार वायु चक्रवात ने अपना रास्ता बदल लिया है, जो समूचे गुजरात के लिए राहत की बात है। अब यह चक्रवात गुजरात तट से नहीं टकराएगा। वायु ने रास्ता बदल कर समुद्र की ओर रुख कर लिया है। मौसम विभाग के अनुसार अब वायु चक्रवात गुजरात तट से न टकराते हुए वेरावळ, पोरबंदर और द्वारका के निकटवर्ती समुद्र से गुज़र जाएगा। यद्यपि इसके प्रभाव से इन तटवर्ती इलाकों में तेज हवाएँ चलने की आशंका बनी हुई है।

मौसम विभाग (IMD) की ओर से राहत भरी ख़बर आने के बावजूद केन्द्र सरकार, गुजरात सरकार, नौसेना, सेना, वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दल (NDRF), प्रशासन सहित राहत और बचाव से जुड़े तमाम लोग अभी भी मोर्चा संभाले हुए हैं। इससे पहले मौसम विभाग ने बुधवार को कहा था कि अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान ‘वायु’ की गति बढ़ गई है और वह गुरुवार दोपहर 2 से 3 बजे के बीच 165 कि.मी. प्रति घण्टा की तीव्र गति से गुजरात के समुद्र तट से टकराएगा, जिसके कारण बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों के मकानों सहित ढाँचागत सुविधाओं को व्यापक नुकसान हो सकता है, परंतु मौसम विभाग ने गुरुवार सुबह समग्र गुजरात के लिए राहत का समाचार दिया, जिसके अनुसार वायु अब कदाचित विनाश किए बिना ही गुजरात से गुज़र जाएगा। इस समय वायु की रफ्तार भी घट कर 155-156 किलोमीटर प्रतिघण्टा है। यद्यपि वायु ने रास्ता बदल कर तट की बजाए समुद्र का रुख किया है, परंतु इसके बावजूद पोरबंदर, वेरावळ और द्वारका जैसे तटवर्ती क्षेत्रों में वायु का प्रकोप देखने को मिल सकता है और तेज हवाएँ चल सकती हैं।

इससे पहले वायु के प्रभाव से गुजरात-महाराष्ट्र-दिल्ली सहित देश के कई इलाकों में बुधवार को मौसम ने मनमानी की। चक्रवाती तूफान वायु जैसे-जैसे गुजरात तट के निकट आता गया, वैसे-वैसे गुजरात के तटीय क्षेत्र में समुद्र में तूफानी लहरों ने कहर बरपाया। पोरबंदर में समुद्री लहरें सुरक्षा दीवार को पार करके घुस आईं। चक्रवात के प्रभाव से बुधवार देर शाम को गुजरात के अधिकांश इलाकों में वातावरण पलट गया और अनेक क्षेत्रों में बादल घिर आये। अनेक क्षेत्रों में बारिश भी शुरू हो गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन अभी भी पूरी तरह लतर्क है। चक्रवात की भयंकर गति को देखते हुए सौराष्ट्र के 10 जिलों में वायु से निपटने के लिए पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। गुजरात के सबसे बड़े कंडला बंदरगाह को बंद कर दिया गया है। गुजरात के इतिहास के सबसे ख़तरनाक तूफान से होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए क़रीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। फायरब्रिगेड और अन्य बचाव दल भी राहत-बचाव कार्य के लिये अलर्ट पर हैं।

भारतीय तटरक्षक दल ने आपदा राहत टीमों का गठन किया है और उन्हें तत्काल प्रतिक्रिया के लिये दमण, दहाणु, मुंबई, मुरुदजीरा, रत्नागिरि, कारवार-गोवा, मंगलौर, बेयपोर, विजिंजम और कोच्चि में स्टैंड टू रखा गया है। हेलीकॉप्टर और विमानों से तूफान की हवाई निगरानी की जा रही है। राहत-बचाव के लिये सेना की 10 टुकड़ियों को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की 39 टीमें विविध तटीय क्षेत्रों में तैनात की गई हैं तथा 12 टीमों को स्टैण्डबाय रखा गया है। हर एक टीम में 45 सदस्य हैं। नौसेना और वायुसेना के अधिकारी भी विविध सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं। आवश्यक हुआ तो वह भी मदद के लिये तत्पर हैं। एसडीआरएफ की 9 टीमें, एसआरपी की 14 कंपनियाँ तथा 300 मरीन कमांडोज़ भी सुरक्षा के लिये तैनात किये गये हैं।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अपने सभी मंत्रियों को विविध प्रभावित जिलों में भेज दिया है, जो वहाँ के स्थानीय प्रशासन के साथ राहत-बचाव के कार्यों में जुटे हुए हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में से अभी तक करीब 1.65 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है तथा सुबह तक लगभग 2.15 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया जाएगा।

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