अंबाजी मंदिर पर आतंकवादी हमला ? वायरल VIDEO को फॉरवर्ड करने से पहले पढ़ लें उसकी सच्चाई !

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 27 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। सोशल मीडिया पर आज गुजरात के सुप्रसिद्ध अंबाजी मंदिर पर आतंकवादी हमला होने से जुड़ा एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो को देख कर लोग आश्चर्य में पड़ गए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह नगर गुजरात में कोई आतंकवादी हमला हुआ है और उन्हें पता तक नहीं ! कई लोग तो इस वायरल वीडियो को सच मान कर धड़ल्ले से शेयर भी कर रहे हैं, परंतु कोई भी वायरल वीडियो शेयर या फॉरवर्ड करने से पहले देश के प्रत्येक ज़िम्मेदार यूज़र/नागरिक को उसकी पड़ताल अवश्य करनी चाहिए।

अंबाजी मंदिर पर आतंकवादी हमले का जो वीडियो वायरल हुआ है, वह पाँच महीने पुराना वीडियो है। यह वीडियो गुजरात पुलिस ने लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान गुजरात में 30 अप्रैल को हुए मतदान से पहले YOUTUBE पर अपलोड किया था। यद्यपि यूट्यूब इस वीडियो को अब डिलीट कर चुका है, परंतु पाँच महीने पहले डाउनलोड किया गया यह वीडियो आज फेसबुक, वॉट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।

अप्रैल में भी वायरल हुआ था यह वीडियो

दरअसल गुजरात पुलिस ने लोकसभा चुनाव 2019 से पहले अप्रैल के महीने में गुजरात के अंबाजी मंदिर में एक मॉक ड्रील की थी। इस मॉक ड्रील का वीडियो ‘लाइक फॉर अवर इंडिया’ नामक फेसबुज पेज ने इसे पोस्ट किया था। यह वीडियो पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गया था। वीडियो के कैप्शन में गुजराती में लिखा हुआ था, ‘અંબાજી મંદિરમાં બે આતંકીઓ ઘૂસ્યા, એકને મારી નાખવામાં આવ્યો, એક જીવતો પકડાયો.’ इस वीडियो में सशस्त्र सुरक्षा कर्मचारी अंबाजी मंदिर में घुसे 2 आतंकियों पर कार्रवाई करते दिखाई पड़ते हैं। कार्रवाई के दौरान एक आतंकी को ज़िंदा पकड़ लिया जाता है, जबकि दूसरे आतंकी को मार गिराया जाता है। इसके बाद तो यह वीडियो कई यूट्यू चैनलों ने भी इसी संदेश के साथ पोस्ट किया।

पुलिस पहले ही कर चुकी है मॉक ड्रील का खुलासा

अप्रैल में जब यह वीडियो वायरल हुआ, तब गुजरात के स्थानीय गुजराती चैनल ने अंबाजी मंदिर में आतंकियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस की ओर से की गई मॉक ड्रील का खुलासा किया था। चुनावों से पहले अरवल्ली जिला पुलिस ने इस मॉक ड्रील का आयोजन किया था, जिसमें स्थानीय पुलिस विशेष परिचालन समूह (SOG), स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और त्वरित कार्रवाई बल (QRT) ने भाग लिया था। इस मॉक ड्रील पर पुलिस अधिकारी के बयान को भी आप नीचे दिए गए वीडियो में सुन सकते हैं।

पाँच महीने बाद फिर वायरल हुआ वीडियो

अंबाजी मंदिर पर आतंकी हमले के विरुद्ध कार्रवाई की इस मॉक ड्रील को पाँच महीने हो गए, परंतु आज फिर एक बार यह वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो को कई यूज़र्स बिना सोचे-समझे धड़ल्ले से शेयर कर रहे हैं और अफवाह फैला रहे हैं। युवाप्रेस.कॉम अपने सभी पाठकों और देश के सभी सोशल मीडिया यूज़र्स से आग्रह करता है कि इस वीडियो को शेयर या फॉरवर्ड न करें और यदि करना भी है, तो साथ में यह कैप्शन अवश्य लिखें, ‘अंबाजी मंदिर पर कोई आतंकी हमला नहीं हुआ है। यह वीडियो 5 महीने पुराना है, जो पुलिस की ओर आयोजित एक मॉक ड्रील थी।’ ऐसा करने से आप अफवाह न फैलाने के अभियान में अपना अमूल्य योगदान कर सकते हैं।

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