शायर जावेद अख्तर पर भारी पड़ा पीएम मोदी का यह ‘शेर’ : जानिए कैसे ?

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अहमदाबाद, 27 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। बॉलीवुड के लेखक और शायर जावेद अख्तर को पीएम मोदी का एक ‘शेर’ उस समय भारी पड़ गया जब उन्होंने ट्वीट करके पीएम नरेन्द्र मोदी को सलाह देने का प्रयास किया। इसके बाद जावेद अख्तर को भाजपा समर्थकों ने ट्रोल करना शुरू कर दिया।

पीएम मोदी को सलाह देकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए जावेद

जावेद अख्तर मोदी विरोधी रवैये के लिये पहचाने जाते हैं। जब पीएम नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब से ही जावेद अख्तर उनके विरुद्ध बयानबाजी करते आ रहे हैं। अब सोशल मीडिया का जमाना है। कोई भी छोटी से छोटी बात को भी फैलने में देर नहीं लगती है। अभी 17वीं लोकसभा गठित होने के बाद संसद का बजट सत्र चल रहा है। इसमें पीएम मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए एक शेर इस्तेमाल किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह ग़ालिब का शेर है। पीएम मोदी ने सदन में शेर कहा – ‘ताउम्र ग़ालिब ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आइना साफ करता रहा।’ गुजरात भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर मोदी की तस्वीर के साथ लिखे कैप्शन में इस शेर को ग़ालिब का शेर बताया।
इसके बाद सोशल मीडिया पर यह मामला खूब गरमाया और लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि यह शेर ग़ालिब का नहीं है। चूँकि बात पीएम मोदी से जुड़ी थी, इसलिये बॉलीवुड की फिल्मों के लेखक और शायर जावेद अख्तर भी इसमें कूद पड़े। उन्होंने ट्वीट करके गलती की तरफ पीएम मोदी का ध्यान दिलाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने ट्वीटर पर लिखा कि जो शेर प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में सुनाया है, वह ग़ालिब का नहीं है। वह सोशल मीडिया में गलत तरीके से फैलाया जा रहा है। जावेद अख्तर ने यह भी लिखा कि शेर की दोनों लाइनें शायरी के मीटर में सही तरीके से नहीं उतरती हैं। बस, जावेद अख्तर को यह सलाह देना ही भारी पड़ गया और भाजपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।

गुजरात के आईपीएस विपुल अग्रवाल ने भी सुनाई खरी-खरी

इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले गुजरात के एक सीनियर आईपीएस अधिकारी और आईजी रैंक के अफसर विपुल अग्रवाल ने भी जावेद अख्तर को खरी-खरी सुनाई। विपुल अग्रवाल ने जावेद अख्तर के ट्वीट पर रिट्वीट करते हुए लिखा कि जब ‘शेर’ दहाड़ता है तो बहुतों की पाचन शक्ति खराब हो जाती है। इसमें आपका दोष नहीं है। हाजमोला खाओ – बदहजमी भगाओ। विपुल अग्रवाल ने ट्वीट में पीएम मोदी की तुलना शेर (सिंह) से की। इसके बाद यह मुद्दा और तेजी से वायरल होने लगा है।

डिग्रियों के मामले में धनी हैं विपुल अग्रवाल

उल्लेखनीय है कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी विपुल अग्रवाल काफी प्रतिभाशाली हैं। वह चिकित्सा, कानून से लेकर प्रबंधन आदि की डिग्रियाँ ले चुके हैं। 1999 में मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले विपुल अग्रवाल फोरेंसिक मेडिसिन में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्व विद्यालय (इग्नू) से अंग्रेजी में एमए और फाइनांस में एमबीए कर चुके हैं। ओस्मानिया यूनिवर्सिटी से पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं, जबकि दिल्ली के आरकेपुरम् स्थित डीपीएस स्कूल से 1993 में 12वीं की पढ़ाई करने वाले विपुल अग्रवाल कानून की भी पढ़ाई कर चुके हैं। उनके पास नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बंगलुरू की मास्टर्स इन बिज़नेस लॉ की डिग्री भी है।
आईपीएस विपुल अग्रवाल सोशल मीडिया में सक्रिय रहते हैं । अभी वह गुजरात में आईजी रैंक के अधिकारी हैं और अहमदाबाद में जेसीपी (प्रशासन) हैं। इससे पहले वह अहमदाबाद में ही 2017-2019 के बीच एडिशनल कमिशनर ऑफ पुलिस रह चुके हैं। 2008-10 में वह दाहोद जिला और 2005 से 2008 के बीच बनासकांठा जिले के पुलिस अधीक्षक रहे हैं।

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