2020 : CLICK कीजिए और जान लीजिए पूरे वर्ष के व्रत और त्योहार

Written by

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद 31 दिसंबर, 2019 युवाPRESS। आज वर्ष 2019 का अंतिम दिन है, कल सुबह एक की पहला किरण एक नये वर्ष के साथस उदय होगी। 2020 में आपके लिए कई त्योहार, पर्व और उत्सव लेकर आएगा। यूँ तो हिन्दू धर्म में वर्ष के 12 महीने व्रत और त्योहारों के माने जाते हैं। 2020 की शुरुआत नये वर्ष के उत्सव से आरंभ होगी और क्रिसमस पर जा कर समाप्त हो जाएगी। आइए आपको बताते हैं, जनवरी-2020 से दिसंबर-2020 तक कौन से दिन और दिनाँक में पड़ने वाला है कौन से व्रत,त्योहार, जयंती, पुण्यतिथि और अवकाश?

जनवरी का बात करें, तो जनवरी की शुरुआत सकट चौथ से होने वाली है, जो 13 जनवरी को मनाया जाएगा। वहीं 14 जनवरी को लोहड़ी, 15 जनवरी को पोंगल और मकरसंक्रांति, 20 जनवरी को षट्तिला एकादशी, 23 जनवरी को सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती, 24 जनवरी को मौनी अमावस्या, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 29 को वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा से जनवरी में त्योहारों का सिलसिला समाप्त होगा।

फरवरी की शुरुआत 1 फरवरी से मनाए जाने वाले रथ सप्तमी से होगी। 2 फरवरी को भीष्म अष्टमी, इसके बाद 5 फरवरी को जया एकादशी, 9 फरवरी को माघ पूर्णिमा, 13 फरवरी को कुंभ संक्रांति, 19 फरवरी को विजया एकादशी और 21 को भोले नाथ की महाशिवरात्री का व्रत है।

मार्च की शुरुआत आमलाकी एकादशी से होगी, जो 6 मार्च को है, इसके बाद 9 मार्च को होलिका दहन, 10 मार्च को होली, 14 मार्च को मीन संक्रांति, 16 मार्च को शीतला अष्टमी, बसोड़ा, 19 मार्च को पापमोचिनी एकादशी, 25 मार्च को चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा तथा इस महीने का अंतिम त्योहार 26 मार्च को चेटी चंड, 27 मार्च को गौरी पूजा, गणगौर और 30 मार्च को यमुना छठ मनाया जाएगा।

अप्रैल महीने का पहला दिन बैंक अवकाश से शुरू होगा। दूसरा दिन यानी 2 अप्रैल को राम नवमी और स्वामी नारायण जयंती है। 4 अप्रैल को कामदा एकादशी, इसके बाद 8 अप्रैल को हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा, 13 अप्रैल को बैसाख, मेष संक्रांति और सोलर न्यू ईयर मनाया जाएगा 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती, 18 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी, 25 अप्रैल को परशुराम जयंती, 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया व्रत और महीने का अंतिम त्योहार 30 अप्रैल को गंगा सप्तमी व्रत है।

मई की शुरुआत 2 मई को सीता नवमी से होगी। 3 मई को मोहिनी एकादशी, 4 मई को गौण मोहिनी एकादशी, 6 मई को नृसिंह जयंती 7 मई को वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा और रवींद्रनाथ टैगोर जयंती है। 8 मई को नारद जयंती, 14 मई को वृषभ संक्रांति, 18 मई को अपरा एकादशी व्रत, 22 मई को शनि जयंती और वट सावित्रि व्रत और 24 मई को ईद उल फित्र है।

जनू के पहले दिन यानी 1 जून को गंगा दशहरा है। 2 जून को निर्जला एकादशी व्रत, 5 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा है। माह के 6 जून को चंद्रग्रहण, 14 जून को मिथुन संक्रांति, 17 जून को योगिनी एकादशी और 21 जून को सूर्य ग्रहण लगने वाला है। 23 जून को जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी।

जुलाई की पहली तारीख़ को देवशयनी एकादशी व्रत है। 5 जुलाई को गुरु का दिन यानी गुरु पूर्णिमा, अषाढ़ पूर्णिमा, और चंद्र ग्रहण है। 16 जुलाई को कमिका एकादशी, कर्क संक्रांति, 20 जुलाई को सोमवती अमावस्या, 23 जुलाई को हरियाली तीज और 25 जुलाई को नाग पंचमी मनाया जाएगा। 30 जुलाई को श्रावण पुत्रदा एकादशी, 31 जुलाई को वरलक्ष्मी व्रत और बकरा ईद पर त्योहारों की समाप्ति हो जाएगी।

अगस्त की तीसरी तारीख़ को भाई-बहनों का पर्व रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा, गायत्री जयंती है। 6 जुलाई को कजरी तीज, 11 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी, 12 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस्कॉन में मनाई जाएगी। 15 को स्वतंत्रता दिवस और अजा एकादशी मनाया जाएगा। 16 अगस्त को सिंह संक्रांति, 21 अगस्त को हरतालिका तीज, 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी, 23 अगस्त को ऋषि पंचमी, 26 अगस्त को राधाष्टमी, 29 अगस्त को परस्व एकादशी और 31 अगस्त को ओणम है।

सितंबर की शुरुआत 1 सितंबर को अनंत चतुर्दशी से होगी। 2 सितंबर को पूर्णिमा और पितृपक्ष का आरंभ होगा। 13 सितंबर को इंदिरा एकादशी, 16 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा और 17 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या है।

अक्टूबर की पहली तारीख़ को आश्विन अधिक पूर्णिमा का व्रत है। इसके बाद 2 अक्टूबर को गांधी जयंती, 3 अक्टूबर को परम एकादशी, 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रियों का आरंभ को जाएगा और तुला संक्रांति भी है। 21 अक्टूबर को सरस्वती आवाहन, 22 अक्टूबर को सरस्वती पूजा, 24 अक्टूबर को दुर्गा महा अष्टमी पूजा, महानवमी और 25 अक्टूबर को दशहरा, विजयादशमी, 27 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी, 30 अक्टूबर को कोजागरी पूजा, शरद पूर्णिमा और 31 अक्टूबर को आश्विन पूर्णिमा के साथ ही इस माह की भी समाप्ति हो जाएगी।

नवंबर की शुरुआत करवा चौथ से होने वाली है, इस बार 4 नवंबर को यह त्योहार मनाया जाएगा। 8 अक्टूबर को अहोई अष्टमी, 11 नवबंर को रमा एकादशी, 12 नवबंर को गोवत्स द्वादशी, इसके बाद 13 नवंबर को धनतेरस, काली चौदस, 14 नवंबर को दीपावली और नरक चतुर्दशी है। 15 नवंबर को गोवर्द्धन पूजा, 16 नवंबर को भाई दूज, वृश्चिक संक्रांति, 20 नवंबर को छठ पूजा का महा पर्व, 24 नवबंर को कंस वध और 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी। इसके बाद 26 नवबंर को तुलसी विवाह और अंत में 30 नवबंर को कार्तिक पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण लगेगा।

दिसंबर की 7 तारीख़ को कालभैरव जयंती, 10 दिसंबर को उत्पन्ना एकादशी व्रत और 11 दिसंबर को गौण उत्पन्ना एकादशी, 14 दिसंबर को अमावस्या और सूर्य ग्रहण लगने वाला है। 15 दिसंबर को धनु संक्रांति, 9 दिसंबर को विवाह पंचमी, 25 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती, क्रिसमस, 26 दिसंबर को दत्तात्रेय जयंती और 30 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत से इस माह और 2020 को सभी व्रत है।

Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares