यहाँ जानिए, PM मोदी का फोन आने पर क्या हुआ एक IAS अधिकारी का हाल ?

Written by

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 30 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। उत्तरी त्रिपुरा में पदस्थ एक आईएएस (IAS) अधिकारी को देर रात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अचानक फोन आने से इस अधिकारी का क्या हाल हुआ, इसका खुलासा करने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है। 21 जुलाई की रात 10 बजे जब इस अधिकारी के फोन की घण्टी बजी तो देर रात को फोन आने से अधिकारी झल्ला गये, परंतु जब फोन करने वाले व्यक्ति ने विनम्रता से उनसे बात की और देर रात को फोन करने के लिये माफी माँगते हुए कहा कि ‘क्या आप कुछ मिनटों का समय दे पाएँगे, क्योंकि पीएम नरेन्द्र मोदी आपसे बात करना चाहते हैं। यह सुनकर इस अधिकारी के दिमाग की ही घण्टी बज गई और उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा।’

PM मोदी का फोन आने पर थर-थर काँपे IAS अधिकारी

गहरे आश्चर्य के बीच आईएएस अधिकारी ने कॉल करने वाले व्यक्ति से ‘हाँ’ कहा, परंतु इस बीच उन्होंने महसूस किया कि उनके हाथ-पाँव थरथराने लगे थे। आईएएस अधिकारी के हाँ कहते ही सामने वाले व्यक्ति ने कॉल पीएम को ट्रांसफर कर दी। कुछ सेकंड के लिये बीप की आवाज़ आई और इसके बाद सचमुच पीएम मोदी अधिकारी से मुखातिब हुए। पीएम मोदी ने भी रात को देर से फोन करने के लिये अधिकारी से माफी माँगी और कहा कि वह सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के साथ बैठक कर रहे हैं और उन्हें त्रिपुरा को असम व देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 208-ए को दुरुस्त करने में उनकी मदद चाहिये।

पूरी रात नहीं सोये, पीएम की आवाज़ गूँजती रही कानों में

अधिकारी ने बाद में अपने एक मित्र से इस कॉल के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें यह याद ही नहीं है कि उन्होंने इस कॉल का क्या जवाब दिया ? सिर्फ इतना याद है कि पीएम मोदी ने उनसे कहा था कि केन्द्र सरकार ने असम और त्रिपुरा सरकार से बात कर ली है और इस हाई-वे को पुनः शुरू करने के काम की देखरेख के लिये हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारी ने अपने मित्र को बताया कि उस रात वह सो नहीं पाये और पीएम मोदी की आवाज़ उनके जहन में गूँजती रही। वह विश्वास ही नहीं कर पाये कि उस रात उनके साथ क्या हुआ। उन्होंने पूरी रात पीएम द्वारा कहे गये शब्दों के बिंदुओं को जोड़ने की कोशिश की, परंतु कोई तर्क नहीं खोज पाये।

ऑफिस जाने पर पता चला, PM ने क्यों किया था फोन ?

अगले दिन जब वे अपने कार्यालय पहुँचे तो उन्हें त्रिपुरा सरकार, असम सरकार और केन्द्र सरकार की सूचना मिली। उन्हें हाई-वे के 15 किलोमीटर के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिये धन राशि स्वीकृत किये जाने की जानकारी मिली तो पिछली रात पीएम मोदी की कही बातें उन्हें याद आईं और वह तुरंत अपने कर्मचारियों को लेकर हाई-वे के प्रभावित हिस्से पर पहुँच गये, जहाँ उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर तुरंत-फुरंत में मरम्मत का काम शुरू करवाया। उन्होंने बताया कि उन्हें 6 जेसीबी तो स्थल पर खड़े मिले थे, जो असम सरकार की तरफ से उन्हें मदद के लिये उपलब्ध कराये गये थे। आईएएस अधिकारी के कथनानुसार अगले 4 दिनों में असम और त्रिपुरा के स्थानीय श्रमिकों तथा पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मदद से हाई-वे को पुनः वाहनों के आवागमन के लिये शुरू कर दिया।

4 दिन में चालू किया हाई-वे, तो नितिन गड़करी ने कहा ‘THANK YOU’

इसके अगले दिन ही अधिकारी के पास सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी का फोन आया। गड़करी ने अधिकारी को धन्यवाद कहा और नेशनल हाई-वे नं. 44 को भी जल्द से जल्द मरम्मत करवाकर शुरू करने की बात की। इसी के साथ गड़करी ने अधिकारी को दिल्ली आने पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) आने का भी न्योता दिया।

पीएम मोदी के काम करने के तरीके ने जीत लिया दिल

इस आईएएस अधिकारी की कहानी दर्शाती है कि मोदी सरकार देश के लोगों के प्रति कितनी संवेदनशील है। दरअसल जुलाई महीने में पूर्वोत्तर में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण त्रिपुरा की जीवन रेखा सरीखे नेशनल हाईवे नंबर 208ए का लगभग 15 किलोमीटर रोड क्षतिग्रस्त हो गया था। इस कारण वहाँ जरूरत की सामग्री पहुँचाने वाले वाहन नहीं पहुँच रहे थे। इस वजह से त्रिपुरा में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 300 रुपये और डीजल की कीमत 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गई थी। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इस हाईवे के क्षतिग्रस्त होने से त्रिपुरा के नागरिकों को जीवनावश्यक वस्तुओं को प्राप्त करने में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ा होगा। हालाँकि पीएम मोदी के काम करने के तरीके से सभी राजनीतिज्ञ और अधिकारी वाकिफ हैं। वह लोगों से ही नहीं, अपितु अधिकारियों से भी सीधे मिलकर अपनी बात कहते हैं। इसीलिये वह सभी के लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। पीएम मोदी ने इस आईएएस अधिकारी का भी दिल जीत लिया। इस अधिकारी ने अपने जिस मित्र को यह सारी बातें बताई, उस मित्र के बेटे ने यह बात सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसके बाद पीएम मोदी के जनहित के कार्य के लिये तत्पर रहने वाली एक और तस्वीर लोगों के सामने आई। पीएम मोदी ने हाल ही में 2 अगस्त को 172 नये आईएएस अधिकारियों से सीधी बात की थी। यह सभी 2014 बैच के अधिकारी थे। इन अधिकारियों को 48 विभागों में सहायक सचिव के रूप में काम करने की जिम्मेदारी सौंपे जाने से पहले पीएम ने उनसे मुलाकात करके युवा अधिकारियों को देश के विकास में उनकी अहमियत का अहसास दिलाया था।

Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares