BRTS : ड्राइवर्स की लापरवाही से डेढ़ लाख लोगों की परिवहन सुविधा सवालों के घेरे में…

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 22 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। गुजरात के दो बड़े महानगरों अहमदाबाद एवं सूरत में बस रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम (BUS RAPID TRANSIT SYSTEM) अर्थात् बीआरटीएस (BRTS) के विरुद्ध लोगों में आक्रोश भड़क उठा है। पहले सूरत में बीआरटीएस बस की टक्कर से 3 लोगों की मृत्यु और उसके बाद अहमदाबाद में बीआरटीएस बस की टक्कर से दो सगे भाइयों की मृत्यु ने लोगों में बीआरटीएस बसों के लापरवाह ड्राइवर्स के विरुद्ध आक्रोश भर दिया है।

गुजरात में बीआरटीएस का आगमन 2009 में नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्रित्वकाल में हुआ। अहमदाबाद से आरंभ हुई बीआरटीएस परिवहन सुविधा ने राज्य की इस आर्थिक राजधानी में लोगों के लिए तेजी से गंतव्य तक पहुँचने में अत्यंत सुविधाजनक सिद्ध हुई। यद्यपि बीआरटीएस बसों के ड्राइवरों पर समय-समय पर तेज गति से वाहन चलाने के आरोप लगते रहे हैं और कई बार प्राणघातक दुर्घटनाएँ भी होती रही हैं, परंतु इस बार दो दिनों में बीआरटीएस बसों के लापरवाह ड्राइवरों के कारण 5 व्यक्तियों की मृत्यु ने लोगों के धैर्य का बांध तोड़ दिया और इसी कारण अहमदाबाद में तो आज जगह-जगह बीआरटीएस बस संचालन बाधित करने का प्रयास किया गया। युवाओं विशेषकर विद्यार्थियों ने सड़कों पर उतर कर बीआरटीएस बसें रोकीं और ड्राइवर्स, बीआरटीएस सिस्टम तथा महानगर पालिका के शासकों-प्रशासकों को कड़ा संदेश देने का प्रयास किया।

मोदी ने किया था बीआरटीएस की परिकल्पना को साकार

गुजरात में बीआरटीएस की परिकल्पना 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। मोदी सरकार के कार्यकाल में ही 2005 में राज्य परियोजना विकास अभिकरण (SPDA), गुजरात ढाँचागत विकास मंडल (GIDB) और पर्यावरणी आयोजन व प्रौद्योगिकी केन्द्र (CEPT)-अहमदाबाद ने एच. एम. शिवानंद स्वामी के नेतृत्व में बीआरटीएस पर अध्ययन किया। आर्थिक विशेषज्ञ, अर्बन प्लानर और सेप्ट के सहायक निदेशक स्वामी के नेतृत्व में प्रोजेक्ट तैयार हुआ, जिसे 2005 में ही केन्द्रीय नगरीय विकास मंत्रालय ने JNNURM कार्यक्रम के तहत स्वीकृति दी। इसके बाद राज्य सरकार और अहमदाबाद महानगर पालिका (AMC) ने मिल कर बीआरटीएस प्रोजेक्ट के लिए पूरा ढाँचा तैयार किया और मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अक्टूबर, 2009 को अहमदाबाद में आरटीओ जंक्शन से पिराणा रूट की बीआरटीएस बस को हरी झंडी दिखा कर इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।

लापरवाह ड्राइवर्स के कारण उत्तम सेवा को लग रहा कलंक

बीआरटीएस एक उत्तम परिवहन सुविधा है। अकेले अहमदाबाद की ही बात करें, तो प्रतिदिन 1.35 लाख से 1.50 लाख लोग बीआरटीएस बसों में यात्रा करते हैं। बीआरटीएस एक श्रेष्ठतम् परिवहन सुविधा है, जिसमें नागरिकों को बसों के पीछे भागने, बसों के न रुकने जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। बीआरटीएस का मूलमंत्र है त्वरित परिवहन, परंतु जिस तरह बीआरटीएस बसों के लापरवाह ड्राइवर इस तेजी के नाम पर आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं, उससे बीआरटीएस जैसी उत्तम परिवहन सेवा को कलंक लग रहा है। राज्य सरकार और अहमदाबाद-सूरत महानगर पालिकाओं के शासकों-प्रशासकों को बीआरटीएस बस सेवा को वास्तव में अधिक सुविधाजनक बनाना है, तो ड्राइवरों को प्रशिक्षित व अनुशासित करने की आवश्यकता है।

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