रात-दिन जागने वाले PM मोदी ने ‘सैटेलाइट स्ट्राइक’ से उधर इमरान-ज़िनपिंग की नींद उड़ाई, इधर कांग्रेस का दोगला चरित्र हुआ उजागर : जानिए कैसे ?

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कन्हैया कोष्टी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात में मुख्यमंत्री थे, तब अक्सर कहते थे कि मैं तो मजदूर हूँ और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी जिस तरह दिन-रात जाग कर केवल और केवल देश की सेवा और कार्यों में लगे रहते हैं, उससे कोई अनभिज्ञ नहीं है। मोदी की यह जागरूकता विरोधियों को भी परेशान करती है। ऐसे में मोदी ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की जिस उपलब्धि की घोषणा की, उसने एक तरफ पड़ोसी देशों चीन के राष्ट्रपति शी ज़िनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की नींद उड़ा दी, तो दूसरी तरफ घर में हमलावर विपक्ष पर मानो राजनीतिक सैटेलाइट स्ट्राइक कर दी।

यद्यपि मोदी ने अपनी घोषणा से आदर्श चुनाव आचार संहिता का भंग नहीं किया और साथ ही पूरे विश्व को आश्वस्त भी किया कि मिशन शक्ति की सफलता का उद्देश्य केवल आत्मरक्षा का है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों की मानें, तो भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में एक लाइव सेटेलाइट को मार गिराना उतनी ही बड़ी उपलब्धि है, जितनी बड़ी उपलब्धि भारत ने 1974 में प्रथम परमाणु परीक्षण करके हासिल की थी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय राजनीति में भले इसे मोदी की सैटेलाइट स्ट्राइक कहा जा रहा हो और विपक्ष भी भले मोदी तथा भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगा रहा हो, लेकिन भारत की इस सफलता से शी ज़िनपिंग और इमरान खान आज रात सो नहीं पाएँगे।

इस बीच मोदी की सैटेलाइट सर्जिकल स्ट्राइक से विपक्ष हक्काबक्का, हतप्रभ और बौखला उठा है। इसमें भी कांग्रेस का दोगला चरित्र और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी की राजनीतिक अपरिपक्वता फिर एक बार उजागर हुई है। कांग्रेस ने एक तरफ तो भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की सफलता का श्रेय यह कहते हुए जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को दिया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत नेहरू-इंदिरा ने की थी।

दूसरी तरफ राहुल गांधी ने मोदी द्वारा यह घोषणा करने पर आपत्ति जताई। राहुल ने अपने ट्वीट में अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की इस उपलब्धि के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) व उसके वैज्ञानिकों को तो बधाई दी, परंतु पीएम मोदी को वेरी हैप्पी वर्ल्ड थियेर डे कह कर राजनीतिक कटाक्षपूर्ण बधाई दी।

एक तरफ कांग्रेस अपने ट्विटर हैंडल से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का श्रेय अपने पूर्व नेताओं नेहरू-इंदिरा को देने से गुरेज़ नहीं कर रही थी, तो दूसरी ओर राहुल गांधी को नरेन्द्र मोदी द्वारा केवल भारत की इस महान उपलब्धि की घोषणा करना आपत्तिजनक लग रहा था। आखिर कांग्रेस का यह दोगला चरित्र नहीं है, तो इसे और क्या कहेंगे ? जो कुछ अच्छा कांग्रेस शासन में हुआ, यदि उसका श्रेय उसके तत्कालीन प्रधानमंत्रियों को जाता है, तो निःसंदेह जो कुछ अच्छा भाजपा-एनडीए शासन में होगा, उसका श्रेय भी उसके वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाना ही चाहिए।

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