क्या ‘मूड’ बदलने के मूड में है राजस्थान ? यह VIDEO तो कुछ यही संकेत दे रहा है, जिसमें CM के बेटे को भगा रहे हैं मतदाता

राजस्थान में पिछले साल दिसम्बर में हुए विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा की सत्ता पलट देने वाले मतदाताओं का मूड क्या लोकसभा चुनाव 2019 में बदलने जा रहा है ? क्या विधानसभा चुनाव में भाजपा और वसुंधरा राजे सरकार के विरुद्ध जम कर गुस्सा उतारने वाले क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी नाराज़ थे ? यद्यपि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित सभी नेताओं ने विधानसभा चुनाव परिणामों का यही निष्कर्ष निकाला था कि राजस्थान की जनता ने वसुंधरा और मोदी दोनों सरकारों के खिलाफ वोट दिया है, परंतु क्या ही सच्चाई है ?

राजस्थान की जनता की एक विशेषता है। वह पिछले कई वर्षों से हर पाँच वर्ष में सत्ता परिवर्तन करने के लिए विख्यात हो चुकी है। इसी क्रम में राजस्थानियों ने विधानसभा चुनाव में भाजपा और वसुंधरा सरकार को उखाड़ फेंका और फिर एक बार कांग्रेस के हाथों में सत्ता की कमान सौंपी। अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बन गए, परंतु इसी राजस्थान की जनता की एक और विशेषता यह भी है कि बात जब देश की आती है, तो वह राज्य के मुद्दों को नहीं, राष्ट्रीय मुद्दों को महत्व देती है। ऐसे में राजस्थान में जहाँ कांग्रेस के लिए 2018 जैसा प्रदर्शन करने की, वहीं भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव 2014 में मिली सभी 25 सीटों को बनाए रखने की चुनौती है। अब इस चुनौती पर कौन ख़रा उतरेगा, यह तो 23 मई को ही पता चलेगा।

फिलहाल आप यह VIDEO देखिए, जिसमें जोधपुर संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत को स्थानीय मतदाता भगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वैभव गहलोत का मुकाबला केन्द्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी गजेन्द्र सिंह शेखावत से है। इस वीडियो में कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि हम नहीं करते, परंतु यदि यह वीडियो सही है, तो इसका असर 23 मई को दिखाई भी देगा।

अधिकांश सर्वेक्षण भाजपा के पक्ष में

जिस तरह मुख्यमंत्री के पुत्र को लोग भगाते हुए दिखाई दे रहे हैं, उससे तो यही संकेत मिलता है कि राजस्थान की जनता ने अपना 2018 वाला मूड 2019 में बदलने का निर्णय कर लिया है। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजस्थान को लेकर हुए अधिकांश सर्वेक्षणों ने भी यही इशारा किया कि राजस्थान के मतदाताओं में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर कोई नाराज़गी नहीं है। सभी सर्वेक्षणों का एक सार यह निकलता है कि लाख कोशिशों के बावजूद राजस्थान में कांग्रेस भाजपा को अधिक नुकसान नहीं पहुँचा पाएगी। भाजपा को जहाँ 25 में से 19-21 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं कांग्रेस (जिसे 2014 में एक भी सीट नहीं मिली थी) को 4-6 सीटें मिल सकती हैं।

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