PM नरेन्द्र मोदी से भी अधिक SALARY है ‘यहाँ’ काम करने वाले नौकरों की !

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्राय: दावा करते हैं कि वे 7 अक्टूबर, 2001 से आज तक लगातार काम कर रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक की इस 18 वर्षों की यात्रा में उन्होंने एक भी छुट्टी नहीं ली। मोदी के दावे के अनुसार मोदी 18 वर्षों से हर रोज 18 घण्टे काम कर रहे हैं, परंतु आप जानते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री की सैलरी क्या है ?

भारत में राष्ट्रपति से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के कर्मचारी तक का वेतन निर्धारित करने के लिए वेतन आयोग बनाया गया है और उसी की अनुशंसा पर वेतनमान निर्धारित होता है। वर्तमान मासिक वेतनमान के अनुसार भारत के राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख, उप राष्ट्रपति का 3.50 लाख रुपए है, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वेतन 1.60 लाख रुपए है। यह और भी बड़े आश्चर्य की बात है कि देश के कई मुख्यमंत्रियों का वेतन प्रधानमंत्री के वेतन से कई गुना अधिक है।

ख़ैर, यहाँ बात न प्रधानमंत्री की करनी है और न ही चुनावी सरगर्मियों की। यहाँ बात करनी है उन 600 नौकरों की, जिनका वेतन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी अधिक है ! ये 600 लोग केवल नाम के नौकर हैं, क्योंकि वेतन के मामले में ये नौकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आगे हैं। इन नौकरों का वेतन 2 लाख रुपया प्रतिमाह है।

आप अधिक रहस्य न बनाते हुए आपको बता ही देते हैं कि कौन हैं वे 600 भाग्यशाली नौकर, जिनका वेतन प्रधानमंत्री से 40 हजार रुपए अधिक है ? ये नौकर हैं ANTILIA में काम करने वाले। एंटीलिया यानी एशिया के सबसे अमीर भारतीय उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) के मुखिया मुकेश अंबाणी का घर, जहाँ नौकरों को मासिक 2 लाख रुपए वेतन दिया जाता है और हाल में एंटीलिया में लगभग 600 नौकर काम करते हैं। इन नौकरों को वेतन के अलावा बीमा जैसी अनेक सुविधाएँ भी दी जाती हैं और रहने के लिए दुनिया के सबसे अमीर और भव्य घर कहलाने वाले एंटीलिया में जगह मिलती है।

अब जिन मुकेश अंबाणी का मासिक वेतन 15 करोड़ रुपए हो, उनके घर काम करने वाले नौकरों को इतना वेतन मिलना कोई आश्चर्य की बात नहीं हो सकती। इतना ही नहीं, मासिक 2 लाख रुपए वेतन मिलता हो, तो देश का हर आम नागरिक भी एंटीलिया में नौकरी करने की चाहत रखेगा, परंतु एंटीलिया में नौकरी पाना इतना आसान नहीं है।

मुकेश अंबाणी के घर एंटीलिया में नौकरी पाना आसान इसलिए नहीं है, क्योंकि उम्मीदवार को कई कठिन कसौटियों के दौर से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले मौखिक इंटरव्यू होता है। फिर लिखित परीक्षा होती है। यदि इन दो पड़ावों को पार कर लिया, तो मेडिकल टेस्ट होता है। किसी भी पड़ाव पर विफल रहने वाले को नौकरी नहीं मिलती।

मुकेश अंबाणी के घर एंटीलिया में शेफ की बात करें, तो उन्हें ओबेरॉय होटल से मंगवाया जाता है, क्योंकि यहाँ के शेफ विश्व का हर प्रकार का खाना बनाना जानते हैं। अंबाणी परिवार को दक्षिण भारतीय खाना पसंद है। एंटीलिया में गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर के लिए निजी कंपनियों से अनुबंध किया गया है। ड्राइवर के चयन की पूरी ज़िम्मेदारी अनुबंधित कंपनियों की होती है। चयन से पूर्व ड्राइवर की हर तरह की पृष्ठभूमि की जाँच की जाती है, फिर ट्रेनिंग दी जाती है और कई तरह की परीक्षाओं का भी उसे सामना करना पड़ता है। इसके बाद ड्राइवर की नियुक्ति होती है।

एंटीलिया में किसी भी पद के लिए नौकरों की आवश्यकता पड़ती है यानी वैकेंसी निकलती है, तब बाकायदा अख़बारों में विज्ञापन दिए जाते हैं।

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