EXCLUSIVE : इतने ‘ध्यान’ से कहीं नहीं मनाया गया होगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस !

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 21 जून-2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शुक्रवार को विश्व भर में जगह-जगह बड़े-बड़े योग कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिनमें हजारों नहीं, अपितु लाखों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। भारत में भी देश का मुख्य योग कार्यक्रम झारखंड की राजधानी राँची में आयोजित हुआ, जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उपस्थित रहे। दूसरा बड़ा कार्यक्रम योग गुरु बाबा रामदेव के नेतृत्व में महाराष्ट्र के नांदेड़ में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भाग लेकर योग किया।

यद्यपि विश्व योग दिवस के कार्यक्रमों की श्रृंखला में अहमदाबाद में युवाप्रेस डॉट कॉम (yuvapress.com) के मोटेरा स्थित मुख्यालय में भी एक कार्यक्रम आयोजित हुआ, परंतु यह कार्यक्रम अन्य कार्यक्रमों से सविशेष और अनूठा था, क्योंकि अन्य कार्यक्रमों में जहाँ भाग लेने वाले लोगों ने योग किया, वहीं हमारे इस कार्यक्रम में ध्यान किया गया।

भारतीय संस्कृति में योग का विशेष महत्व है। योग से न सिर्फ रोग दूर होते हैं, बल्कि व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होता है। इसीलिये 2014 में केन्द्र की सत्ता में पहली बार आने के बाद पीएम मोदी ने जब संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा को संबोधित किया तो उन्होंने मानवीय स्वस्थता के लिये योग को अपनाने पर जोर दिया और संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा से भी योग को स्वीकारने की अपील की।

पीएम मोदी की अपील को स्वीकार करते हुए संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा ने सितंबर-2014 में हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस – WORLD YOGA DAY (WYD) या अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस – INTERNATIONAL YOGA DAY (IYD) मनाने की घोषणा की। इसके बाद 21 जून-2015 से हर साल विश्व योग दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

आज शुक्रवार को पाँचवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। देश का मुख्य योग दिवस कार्यक्रम जहाँ झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित हुआ जिसमें पीएम मोदी सहित उनके कई सहयोगी मंत्री तथा झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने भाग लिया, वहीं दूसरी ओर देश के अलग-अलग राज्यों में भी राज्यस्तरीय योग दिवस कार्यक्रम आयोजित हुए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय वैदिक परम्परा से चले आ रहे योग की महत्ता को दुनिया भर में प्रचारित-प्रसारित-स्थापित करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों को एक ओर जहाँ पूरे देश में समर्थन मिला, वहीं वर्ष दर वर्ष योग दिवस की महत्ता बढ़ती जा रही है और केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, अपितु निजी व निगमित क्षेत्र में भी योग दिवस पर अनेक प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन आरंभ हुआ है।

इसी क्रम में युवाप्रेस डॉट कॉम के कार्यालय में भी कर्मचारियों के लिये कार्यक्रम आयोजित किया गया। युवाप्रेस डॉट कॉम के एडीटर इन चीफ आई. के. शर्मा और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शिखा शर्मा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में सभी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक तथा श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस कार्यक्रम में शारीरिक और मानसिक स्वस्थता पर आत्मीय स्वस्थता को प्राथमिकता दी गई। इसलिये योग क्रियाओं के स्थान पर ध्यान का आयोजन किया गया था। संस्थान की ही वरिष्ठ कर्मचारी और ध्यान प्रशिक्षक जॉली त्रिपाठी ने इस कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों को विधिवत् ध्यान कराया और आंतरिक तथा आत्मीय शांति की अनुभूति कराने का उत्तम व सराहनीय प्रयास किया।

इस अवसर पर आई. के. शर्मा ने स्टाफ को सम्बोधित करते हुए कहा कि जैसे शारीरिक और मानसिक स्वस्थता के लिये योग क्रिया करनी चाहिये, उसी प्रकार ध्यान क्रिया आत्मा को बलवती बनाती है। ध्यान क्रिया आत्मा को बल प्रदान करने के साथ-साथ व्यक्ति का अपने आप से साक्षात्कार करवाती है, अर्थात् आत्ममिलन करवाती है। ध्यान की मुद्रा में व्यक्ति अपने सभी सांसारिक सुख-दुःख और क्रिया-कलाप भूलकर शून्य में चला जाता है। यही वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति शाश्वत शांति और मुक्ति का अनुभव करता है। इसलिये प्रत्येक व्यक्ति को यदि संभव हो तो प्रति दिन, प्रति सप्ताह या प्रति माह कुछ समय ध्यान क्रिया के लिये अवश्य देना चाहिये। क्योंकि ऐसा करने से व्यक्ति ध्यान क्रिया को नहीं, अपितु वस्तुतः स्वयं को ही स्वयं से भेंट करने का समय देता है। इस कार्यक्रम में युवाप्रेस.कॉम के सम्पादक कन्हैया कोष्टी तथा सहायक सम्पादक विनीत दुबे भी उपस्थित थे।

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